57 वृक्षों की बिना अनुमति कटाई एसईसीएल को जमा करानी होगी राशि

एसईसीएल की कोरबा क्षेत्र के मानिकपुर कोयला खदान विस्तार के लिए बिना अनुमति 57 वृक्षों को कटवा देने के मामले में एसईसीएल को कलेक्टर न्यायालय से राहत नहीं मिली है

Update: 2018-05-25 12:35 GMT

कोरबा। एसईसीएल की कोरबा क्षेत्र के मानिकपुर कोयला खदान विस्तार के लिए बिना अनुमति 57 वृक्षों को कटवा देने के मामले में एसईसीएल को कलेक्टर न्यायालय से राहत नहीं मिली है। एसईसीएल को ठेकेदार से राशि लेकर जमा कराने का निर्देश दिया गया है।  

बिना अनुमति वृक्षों की कटाई के मामले में पूर्व में एसईसीएल पर तत्कालीन अनुविभागीय दण्डाधिकारी (रा.)ने 14.25 लाख रुपए का जुर्माना आरोपित किया था। इस निर्णय के बाद एसईसीएल ने कलेक्टर न्यायालय में अपील दायर की थी। कलेक्टर न्यायालय ने तत्कालीन एसडीएम के फैसले को यथावत रखते हुए एसईसीएल को कहा है कि वह जुर्माना की राशि जमा कराए।

दरअसल मानिकपुर खुली खदान परियोजना विस्तार के लिए जमीन अधिग्रहित की गई है। खदान के अंदर भारी वाहनों की आवाजाही के लिए प्रबंधन ने सड़क चैड़ीकरण कराया। इसके लिए सड़क किनारे के वृक्षों की कटाई करा दी गई। वर्ष 2016 में अवैध कटाई की शिकायत मुख्य वन संरक्षक, बिलासपुर से की गई थी।

सीसीएफ  ने इसे गंभीरता से लेते हुए तत्कालीन कलेक्टर पी. दयानंद को पत्र लिख कर जांच कर कार्रवाई करने कहा था। कलेक्टर ने इस मामले की जांच के लिए फाइल कोरबा एसडीएम वीरेंद्र बहादुर पंचभाई को सौंपा था। जांच में पता चला कि एसईसीएल प्रबंधन ने लगभग 57 वृक्ष बिना अनुमति कटाई कराए हैं।

इस मामले में धारा 240 का उल्लंघन करना पाया गया। एसडीएम न्यायालय में सुनवाई उपरांत धारा 253 के तहत कार्रवाई करते हुए प्रति वृक्ष 25 हजार रुपए जुर्माना निर्धारित किया। मानिकपुर उपमहाप्रबंधक को 57 वृक्षों के एवज में 14.25 लाख जुर्माना आरोपित कर तहसीलदार को उक्त राशि की वसूली करने का निर्देश दिया गया था। 

उक्त आदेश को कलेक्टर न्यायालय में चुनौती दी गई थी, अब आदेश यथावत रहने पर राशि की अदायगी प्रबंधन को करना होगा।

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