विश्व कीर्तिमान स्थापित करने 29 को जुटेगीं 10 हजार महिलाएं

विश्व पटल पर छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, लोक गीत और लोकनृत्य को उकेरने के उद्देश्य से दुर्ग में विशाल सुवा नृत्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा;

Update: 2017-10-23 17:26 GMT

दुर्ग। विश्व पटल पर छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, लोक गीत और लोकनृत्य को उकेरने के उद्देश्य से दुर्ग में विशाल सुवा नृत्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की 10 हजार महिलाएं 29 अक्टूबर को एक साथ 10 मिनिट सुवा नृत्य का प्रदर्शन करेंगी। आयोजन पं. रविशंकर स्टेडियम किया जाएगा। इस आयोजन के माध्यम से विश्व स्तरीय कीर्तिमान स्थापित करने का प्रयास भी किया जाएगा। वर्तमान में सामूहिक नृत्य का विश्व कीर्तिमान हिमांचल प्रदेश के नाम पर दर्ज है। यह कीर्तिमान 8 हजार महिलाओं द्वारा एक साथ 8 मिनिट तक नृत्य किए जाने के मद्देनजर दर्ज हुआ है। दुर्ग में प्रस्तावित इस सामूहिक नृत्य के आयोजन के साक्षी मुख्यमंत्री डॉ, रमन सिंह सहित राज्य के मंत्री भी बनेगें। 

भाजपा की राष्ट्रीय महामंत्री व पूर्व सांसद सरोज पांडेय के मार्गदर्शन में आयोजन को सफल बनाने की तैयारी प्रारंभ कर दी गई है। महिलाओं को एकत्रित कर उन्हें नृत्य का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। प्रारंभिक स्तर पर शहर के विभिन्न वार्डो के साथ ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को आमंत्रित कर प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। राज्य के अन्य जिलों से भी महिलाओं की भागीदारी इस आयोजन में सुनिश्चित किए जाने के प्रयास किए जा रहे है। 

पारंपरिक वेशभूषा में होगीं महिलाएं

10 हजार महिलाएं परंपरागत छत्तीसगढ़ी गहने, बिंदी और साड़ी में एक रंग में दिखेंगी। महिलाओं को यह सामग्री भेंट स्वरुप प्रदान की जाएगी। हर महिला हरे व लाल रंग की एक दर्जन चूड़ी पहने नजर आएगी। 

इन्हें सौंपा गया दायित्व

आयोजन को सफल बनाने का दायित्व महापौर चंद्रिका चंद्राकर, जिला भाजपा अध्यक्ष उषा टावरी, सरिता मिश्रा, रिंकी अग्रवाल, रीता सिंह, प्रीति यादव, सुभद्रा शर्मा, निहारिका मिश्रा और मंजूषा साहू को सौंपा गया है। इनसे संपर्क कर सुवा दल अपना पंजीयन करा कर प्रशिक्षण में शामिल हो सकते है। 

दीपक नगर से शामिल हुई 130 महिलाएं

विश्व कीर्तिमान स्थापित करने के उद्देश्य से आयोजित सामू्हिक सुवा नृत्य में भागीदारी सुनिश्चित करने दीपक नगर वार्ड की 130 महिलाओं ने अपना पंजीयन कराया। उन्होंने पार्षद विजय जलकारे के नेतृत्व में प्रशिक्षण स्थल पहुंच कर पंजीयन कराया और प्रशिक्षण में शिरकत दी। 

भावनाओं की अभिव्यक्ति है सुवा नृत्य

सुवा नृत्य छत्तीसगढ़ राज्य की स्त्रियों का एक प्रमुख नृत्य है, जो कि समूह में किया जाता है। स्त्री मन की भावनाएं उनके सुख-दुख की अभिव्यक्ति और उनके अंगों का लावण्य इस नृत्य के माध्यम से प्रदर्शित किया जाता है। महिलाएं सुवा नृत्य दीपावली के दिन से प्रारंभ कर अपनी अभिव्यक्ति का इजहार करती है। यह अगहन मास तक जारी रहता है। धान की बाली के साथ रखे सुवा का जोड़ा शिव-पार्वती का प्रतीक माने जाते है। इन सुवा से युवती या महिलाएं अपनी मन की बात कहती है, ताकि उनकीं बात अपने प्रिय तक पहुंच जाए। इस लिए इसे विरह गीत भी माना जाता है। 

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