सुप्रिया सुले की बेटी के रिसेप्शन में मोदी-पवार-शाह साथ दिखे, बढ़ी सियासी हलचल; उसी दिन PM से मिले NCP-SP सांसद

रेवती सुले के रिसेप्शन से पहले सोमवार को ही एनसीपी (एसपी) के लोकसभा सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की। पार्टी के सभी आठ लोकसभा सांसद इस बैठक में शामिल हुए और प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सुप्रिया सुले ने किया।;

Update: 2026-08-11 02:25 GMT

नई दिल्ली: महाराष्ट्र की राजनीति में सोमवार को उस समय चर्चाओं का दौर शुरू हो गया, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह एक ही समारोह में साथ नजर आए। मौका था एनसीपी (एसपी) सांसद सुप्रिया सुले की बेटी रेवती सुले के शादी रिसेप्शन का। समारोह में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता पहुंचे थे, लेकिन मोदी, पवार और शाह की एक साथ मौजूदगी ने सबसे ज्यादा राजनीतिक ध्यान खींचा। इस तस्वीर को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि शरद पवार की पार्टी फिलहाल विपक्षी इंडिया गठबंधन का हिस्सा है। हालांकि, एनसीपी (एसपी) लगातार स्पष्ट करती रही है कि प्रधानमंत्री से होने वाली मुलाकातों का उद्देश्य राजनीतिक समीकरण बदलना नहीं, बल्कि जनहित और महाराष्ट्र से जुड़े मुद्दों को सरकार के सामने रखना है।

रिसेप्शन से पहले PM मोदी से मिले NCP-SP के सभी सांसद

रेवती सुले के रिसेप्शन से पहले सोमवार को ही एनसीपी (एसपी) के लोकसभा सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की। पार्टी के सभी आठ लोकसभा सांसद इस बैठक में शामिल हुए और प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सुप्रिया सुले ने किया। सांसदों ने अपने-अपने लोकसभा क्षेत्रों से जुड़े कई मुद्दे प्रधानमंत्री के सामने रखे। इनमें सूखा, सिंचाई, नदियों को जोड़ने की परियोजनाएं, रेलवे, किसानों की कर्जमाफी और क्षेत्रीय विकास से जुड़े विषय शामिल थे। सांसदों ने प्रधानमंत्री को लिखित ज्ञापन भी सौंपा।

किसानों से लेकर रेलवे तक कई मुद्दे उठे

एनसीपी (एसपी) सांसद अमोल कोल्हे के मुताबिक, बैठक में पुणे-नासिक सेमी हाईस्पीड रेल परियोजना और किसानों की कर्जमाफी का मुद्दा भी उठाया गया। इसके अलावा महाराष्ट्र में प्याज की कीमतों और चंद्रभागा नदी में प्रदूषण जैसे विषयों पर भी प्रधानमंत्री का ध्यान आकर्षित किया गया। सांसदों ने महाराष्ट्र से जुड़े कई सामाजिक और ऐतिहासिक मुद्दे भी उठाए। पार्टी ने महात्मा ज्योतिराव फुले, सावित्रीबाई फुले, शाहीर अन्नाभाऊ साठे और तुकडोजी महाराज को भारत रत्न देने की मांग रखी। इसके अलावा नवी मुंबई एयरपोर्ट का नाम महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री डीवाई पाटिल के नाम पर रखने का अनुरोध भी किया गया।

संसद में चर्चा नहीं हुई, क्षेत्रीय मुद्दों पर फोकस

अमोल कोल्हे ने बताया कि बैठक में संसद की कार्यवाही से जुड़े विषयों पर चर्चा नहीं हुई। उनके मुताबिक, सदन में व्यवधान की स्थिति के कारण सांसदों ने अपने क्षेत्र और जनता से जुड़े मुद्दे सीधे प्रधानमंत्री के सामने रखने का फैसला किया। एनसीपी (एसपी) सांसदों ने बैठक को सकारात्मक बताया। पार्टी के अनुसार प्रधानमंत्री ने उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों पर ध्यान देने और आवश्यक कदम उठाने का भरोसा दिया।

परिसीमन को लेकर भी पार्टी के रुख पर नजर

प्रधानमंत्री से एनसीपी (एसपी) सांसदों की मुलाकात ऐसे समय हुई है जब प्रस्तावित परिसीमन को लेकर विपक्षी दलों के रुख पर राजनीतिक नजर बनी हुई है। एनसीपी (एसपी) के संभावित रुख को लेकर भी चर्चा होती रही है। सुप्रिया सुले पहले ही कह चुकी हैं कि अंतिम कानून या विधेयक सामने आने के बाद ही पार्टी अपना रुख तय करेगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया था कि अगर सभी राज्यों में लोकसभा सीटों में समान अनुपात में 50 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव आता है तो पार्टी उस पर विचार कर सकती है। पार्टी का कहना है कि विधेयक आने के बाद इस मुद्दे पर इंडिया गठबंधन के भीतर भी चर्चा होगी। सोमवार की बैठक में परिसीमन और विवादित FCRA संशोधन विधेयक पर चर्चा नहीं होने की बात भी सामने आई है।

मोदी-पवार की मुलाकातों का सिलसिला

शरद पवार और प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकात का यह पहला मौका नहीं है। इससे पहले 22 जुलाई को पवार और सुप्रिया सुले ने दिल्ली में प्रधानमंत्री से मुलाकात की थी। उस बैठक में छात्रों, परीक्षाओं, NEET पेपर लीक, किसानों, पानी के प्रबंधन और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई थी। बैठक के बाद शरद पवार ने कहा था कि प्रधानमंत्री ने संबंधित मुद्दों पर सकारात्मक और ठोस कदम उठाने का भरोसा दिया।

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