श्रीनगर में कोर्ट ने हत्या के मामले में पूर्व आतंकवादी को उम्रकैद की सजा सुनाई
जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर जिले की एक अदालत ने सोमवार को हत्या के मामले में एक पूर्व आतंकवादी को उम्रकैद और 50,000 रुपए जुर्माने की सजा सुना;
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर जिले की एक अदालत ने सोमवार को हत्या के मामले में एक पूर्व आतंकवादी को उम्रकैद और 50,000 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।
श्रीनगर पुलिस ने एक बयान में कहा कि उसने मैसुमा पुलिस स्टेशन में दर्ज 2020 के हत्या के मामले में एक पूर्व आतंकवादी को दोषी ठहराया है।
बयान में कहा गया कि अदालत ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302 के तहत बडगाम के रहने वाले मोहम्मद अब्दुल्ला के बेटे अब्दुल गनी डार की हत्या के मामले में श्रीनगर के रहने वाले अब्दुल गनी डार के बेटे गुलाम मोहि-उद-दीन डार को दोषी ठहराया है। दोषी को उम्रकैद की सजा और 50,000 रुपए का जुर्माना लगाया गया है।
दोषी एक पूर्व आतंकवादी है और 'तहरीक-उल-मुजाहिदीन' के संस्थापक सदस्यों में से एक है। यह संगठन कश्मीर में 'जमात-ए-अहल-ए-हदीस' आंदोलन से जुड़ा एक आतंकवादी संगठन बनकर उभरा था।
आतंकवादी गतिविधियों के दौरान वह ग्रेनेड हमले, सुरक्षा चौकियों पर हमले, हथियार छीनने की घटनाओं और नागरिकों व सुरक्षाकर्मियों की लक्षित हत्याओं (टारगेटेड किलिंग) जैसी हिंसक गतिविधियों में शामिल था। उसने 2000 के दशक तक लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) और हिज्ब-उल-मुजाहिदीन (एचएम) जैसे अन्य आतंकवादी संगठनों को लॉजिस्टिकल सहायता भी दी और उनके नेटवर्क को मजबूत करने में मदद की।
बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और यह सजा श्रीनगर पुलिस की बारीकी से की गई जांच और अदालत में मजबूती से पक्ष रखने का नतीजा है।
यह मामला दिखाता है कि किसी व्यक्ति का अतीत में उग्रवाद से जुड़ाव उसे कानून की पहुंच से बाहर नहीं करता है, और गंभीर आपराधिक मामलों में आरोपी की पृष्ठभूमि की परवाह किए बिना उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाता है।