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विक्रम मिस्री ने की अमेरिकी अधिकारियों से मुलाकात

न्यूयॉर्क, भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने अमेरिकी अंडर सेक्रेटरी ऑफ स्टेट (पॉलिटिकल अफेयर्स) एलिसन हुकर से मुलाकात की। इस दौरान भारत और अमेरिका के बीच अलग-अलग क्षेत्रों में चल रहे सहयोग और हालिया घटनाक्रमों पर चर्चा हुई।

विक्रम मिस्री ने की अमेरिकी अधिकारियों से मुलाकात
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न्यूयॉर्क, भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने अमेरिकी अंडर सेक्रेटरी ऑफ स्टेट (पॉलिटिकल अफेयर्स) एलिसन हुकर से मुलाकात की। इस दौरान भारत और अमेरिका के बीच अलग-अलग क्षेत्रों में चल रहे सहयोग और हालिया घटनाक्रमों पर चर्चा हुई।

बातचीत में ऊर्जा सुरक्षा, हाल में लागू किया गया 'सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट' (एसआरआईए), असैन्य परमाणु सहयोग, 'ट्रांसफॉर्मिंग द रिलेशनशिप यूटिलाइजिंग स्ट्रेटेजिक टेक्नोलॉजी' (ट्रस्‍ट) और 'इंडियन ओशन स्ट्रेटेजिक वेंचर' पहल जैसे मुद्दे शामिल थे। इस बैठक में अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।

विदेश मंत्रालय (एमईए) ने 'एक्‍स' पर बैठक की जानकारी देते हुए कहा, "दोनों पक्षों ने भारत-अमेरिका द्विपक्षीय सहयोग के कई क्षेत्रों में हुए घटनाक्रमों पर चर्चा की। इनमें ऊर्जा सुरक्षा और हाल में लागू एसआरआईए, असैन्य परमाणु सहयोग, ट्रस्‍ट और 'इंडियन ओशन स्ट्रेटेजिक वेंचर' पहल शामिल हैं।"

विक्रम मिस्री ने न्यूयॉर्क में अमेरिका के आर्थिक मामलों के अवर विदेश मंत्री जैकब हेलबर्ग से भी मुलाकात की।

इस बैठक में दोनों पक्षों ने महत्वपूर्ण और तेजी से उभरती तकनीकों के क्षेत्र में भारत-अमेरिका सहयोग को और आगे बढ़ाने पर सहमति जताई।

विदेश मंत्रालय ने 'एक्‍स' पर ल‍िखा, "विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने न्यूयॉर्क में अमेरिकी आर्थिक मामलों के अवर विदेश मंत्री जैकब हेलबर्ग से मुलाकात की। दोनों पक्ष 'पैक्स सिलिका' पहल समेत महत्वपूर्ण और उभरती तकनीकों के क्षेत्र में भारत-अमेरिका सहयोग को और आगे बढ़ाने पर सहमत हुए। साथ ही सेमीकंडक्टर और अहम खनिजों के क्षेत्र में सहयोग के जरिए सप्लाई चेन को ज्यादा मजबूत बनाने पर भी सहमति बनी।"

इससे पहले बुधवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने न्यूयॉर्क में मुलाकात की थी। इस दौरान रूस और ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों के खिलाफ लगाए जा सकने वाले संभावित प्रतिबंधों पर चर्चा हुई थी।

अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक, दोनों नेताओं ने ऊर्जा सुरक्षा, मध्य पूर्व के हालात और अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी पर भी बातचीत की। रुबियो ने कहा कि अमेरिका क्षेत्रीय साझेदार देशों की ऊर्जा जरूरतों और ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों से निपटने में मदद करने की अच्छी स्थिति में है।

अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा, "दोनों नेताओं ने उन प्रतिबंधों पर भी चर्चा की, जो रूस और ईरान के साथ आर्थिक संबंध रखने वाले देशों पर लगाए जा सकते हैं।"

हालांकि, अमेरिकी विदेश विभाग की ओर से जारी जानकारी में यह नहीं बताया गया कि किन देशों पर प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं या किस तरह की आर्थिक गतिविधियां इसके दायरे में आ सकती हैं।

इसमें किसी नए प्रतिबंध का ऐलान भी नहीं किया गया और न ही यह बताया गया कि इस मुद्दे पर जयशंकर ने बातचीत के दौरान क्या जवाब दिया।

अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा, "विदेश मंत्री रुबियो ने जोर दिया कि अमेरिका अपने क्षेत्रीय साझेदारों को ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों से निपटने में मदद करने की अच्छी स्थिति में है।"

रुबियो और जयशंकर ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में दोनों देशों के सहयोग की अहमियत भी दोहराई।

अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा, "दोनों अधिकारियों ने सुरक्षित, स्थिर और समृद्ध इंडो-पैसिफिक को बढ़ावा देने में अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी की महत्वपूर्ण भूमिका को दोहराया।"

दोनों विदेश मंत्रियों ने मध्य पूर्व और उसके बाहर के हालिया घटनाक्रमों पर भी विचार साझा किए। हालांकि, अमेरिकी विदेश विभाग ने यह नहीं बताया कि किन खास संघर्षों या कूटनीतिक प्रस्तावों पर बातचीत हुई।

जयशंकर ने बाद में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्‍स' पर कहा कि उन्होंने एसआरआईए को लेकर भारत के हितों और चिंताओं को एक बार फिर सामने रखा।

उन्होंने लिखा, "यूएन हाई-लेवल वीक के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से अच्छी मुलाकात हुई। एसआरआईए को लेकर भारत के हितों और चिंताओं को दोहराया। खाड़ी क्षेत्र और यूक्रेन के हालात पर भी चर्चा हुई।"


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