ट्रंप : यूक्रेन में राष्ट्रपति बदलने का समय
वॉशिंगटन, रूस के साथ बढ़ती नजदीकियों के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन के लिए एक बड़ा बयान दिया। ट्रंप ने कहा कि यूक्रेन में अब राष्ट्रपति बदलने का समय आ गया है। ट्रंप के रुख में अचानक हुआ बदलाव यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के लिए परेशान खड़ी करने वाला है।

वॉशिंगटन, रूस के साथ बढ़ती नजदीकियों के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन के लिए एक बड़ा बयान दिया। ट्रंप ने कहा कि यूक्रेन में अब राष्ट्रपति बदलने का समय आ गया है। ट्रंप के रुख में अचानक हुआ बदलाव यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के लिए परेशान खड़ी करने वाला है।
ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब उन्होंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ तीन लाख टन से अधिक डीजल की आपूर्ति को लेकर एक समझौता किया है। ट्रंप ने दुनिया में तेल की समस्या के लिए जेलेंस्की को जिम्मेदार ठहराया।
रूसी समाचार एजेंसी 'टास' की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यूक्रेन को चुनाव कराने चाहिए। टेनेसी से व्हाइट हाउस लौटते समय वॉशिंगटन के पास स्थित एंड्रयूज एयर फोर्स बेस पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा, "मुझे लगता है कि उन्हें चुनाव कराना चाहिए। वह इस मामले का कई बार समाधान निकाल सकते थे। उन्हें चुनाव कराना चाहिए।"
टास की रिपोर्ट के अनुसार, इससे पहले शनिवार को भी ट्रंप ने कहा था कि अब यूक्रेन में राष्ट्रपति बदलने का समय आ गया है। ट्रंप के इस बयान को यूक्रेन के नेतृत्व और वहां की राजनीतिक स्थिति पर उनकी ताजा टिप्पणी के तौर पर देखा जा रहा है।
सीबीएस न्यूज के अनुसार, ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की आलोचना की और रूस की डीजल रिफाइनरियों को निशाना बनाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने आगे कहा, "जेलेंस्की जो चाहे कर सकते हैं, लेकिन वह यह नहीं कर सकते, क्योंकि यह पूरी दुनिया की समस्या है।" ट्रंप ने कहा, "मुझे लगता है कि अब यूक्रेन को नया राष्ट्रपति मिलना चाहिए।"
सीबीएस न्यूज के अनुसार, ट्रंप ने कहा कि दुनिया इस समय डीजल ईंधन की रिफाइनिंग क्षमता की कमी जैसी चुनौती का सामना कर रही है और यह समस्या डीजल ईंधन के लिए पर्याप्त रिफाइनरियों की कमी की वजह से पैदा हुई है। बेहतर होगा कि वह जेलेंस्की यह सब तुरंत बंद करें।
ट्रंप की यह टिप्पणी यूक्रेन की ओर से रूस की ऊर्जा सुविधाओं और डीजल रिफाइनरियों पर किए जा रहे हमलों के संदर्भ में आई है, जिन्हें कीव युद्ध के दौरान रूस की आर्थिक और सैन्य क्षमता को कमजोर करने की रणनीति का हिस्सा मानता है।


