Top
Begin typing your search above and press return to search.

ट्रंप को फ्लाईदुबई फ्लाइट पर हमले की कोशिश के पीछे ईरान का हाथ होने का शक

वॉशिंगटन, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनका व्यक्तिगत तौर पर मानना है कि फ्लाईदुबई की एक फ्लाइट पर हमले की कोशिश के पीछे ईरान का हाथ था। हालांकि, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि उन्होंने अभी तक ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं देखा है, जो इस घटना को सीधे तेहरान से जोड़ता हो।

ट्रंप को फ्लाईदुबई फ्लाइट पर हमले की कोशिश के पीछे ईरान का हाथ होने का शक
X

वॉशिंगटन, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनका व्यक्तिगत तौर पर मानना है कि फ्लाईदुबई की एक फ्लाइट पर हमले की कोशिश के पीछे ईरान का हाथ था। हालांकि, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि उन्होंने अभी तक ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं देखा है, जो इस घटना को सीधे तेहरान से जोड़ता हो।

जब एक रिपोर्टर ने ट्रंप से पूछा कि क्या फ्लाईदुबई से जुड़ी कथित आतंकी हमले की घटना के लिए ईरान जिम्मेदार था, तो उन्होंने कहा, "हां, मुझे ऐसा लगता है। व्यक्तिगत तौर पर मैं यही मानता हूं।" हालांकि, ट्रंप ने अपने दावे के समर्थन में कोई सबूत नहीं दिया।

वहीं, फ्लाईदुबई की घटना और इसमें ईरान की संभावित भूमिका के बारे में पूछे जाने पर वेंस ने ज्यादा सावधानी से जवाब दिया। वेंस ने सीआईए निदेशक जॉन रैटक्लिफ का जिक्र करते हुए कहा, "इस बारे में मैं जॉन रैटक्लिफ और खुफिया विभाग के अधिकारियों की राय पर भरोसा करूंगा।"

उन्होंने कहा, "मैं इस मामले में किसी आधिकारिक घोषणा से पहले कुछ नहीं कहना चाहता। हम निश्चित रूप से इसकी जांच कर रहे हैं, लेकिन अभी तक मैंने ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं देखा है जिससे किसी नतीजे पर पहुंचा जा सके।" वेंस ने कहा कि इस घटना के बाद अमेरिका में विदेशी पायलटों से जुड़ी प्रक्रियाओं की भी जांच की जा रही है।

उन्होंने कहा, "हम अमेरिका में अपनी प्रक्रियाओं की समीक्षा कर रहे हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जिन लोगों से उड़ान की सुरक्षा को खतरा हो सकता है, उन्हें विमान उड़ाने की जिम्मेदारी न मिले।"

ब्रिटेन में सामने आए एक अलग संदिग्ध सुरक्षा खतरे को लेकर ट्रंप प्रशासन ज्यादा भरोसे के साथ ईरान की संभावित भूमिका की बात करता नजर आया। ट्रंप ने पुष्टि की कि एक खतरे की वजह से अमेरिकी बमवर्षक विमानों को दूसरी जगह भेजा गया था।

जब उनसे पूछा गया कि क्या कोई खास खतरा सामने आया था, तो ट्रंप ने कहा, "हां, मुझे लगता है कि हम यह कह सकते हैं। वे विमान बिना किसी वजह के वहां से नहीं गए थे।"

उन्होंने कहा, "कुछ धमकियां मिली थीं और दुश्मन को मौका देने के बजाय हम उसे पकड़ेंगे और हराएंगे। लेकिन विमानों को वहीं क्यों छोड़ें? इसलिए हमने उन्हें थोड़ा इधर-उधर किया।"

बाद में ट्रंप से पूछा गया कि क्या ईरान ब्रिटेन में लड़ाकू ड्रोन लेकर आया था और क्या इसी वजह से विमानों को हटाने का फैसला लिया गया। इस पर उन्होंने कहा, "मैं आपको यह नहीं बता सकता, लेकिन अगर उन्होंने ऐसा किया है तो उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।"

ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को पता है कि धमकी के पीछे कौन लोग थे।

उन्होंने कहा, "हमें धमकी मिली थी। अगर हमें धमकी दी जा रही है, तो हम अपने विमानों को दूसरी जगह ले जा सकते हैं और इससे खतरा कुछ कम हो जाता है। हमें यह भी पता है कि धमकी देने वाले लोग कौन हैं और अब वे बड़ी मुश्किल में हैं।"

जब उनसे पूछा गया कि क्या उन लोगों का संबंध ईरान से है, तो ट्रंप ने कहा, "उनका संबंध ईरान से होगा।"


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it