Top
Begin typing your search above and press return to search.

ट्रंप : डीजल आयात का व‍िरोध करने वाले रिपब्लिकन सीनेटरों की आलोचना

वॉशिंगटन, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन रिपब्लिकन सीनेटरों की आलोचना को खारिज कर दिया है जो रूस से डीजल आयात करने के उनके फैसले का विरोध कर रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि ये नेता 'गंभीर' नहीं हैं। ट्रंप ने संकेत दिया कि अमेरिका जरूरत पड़ने पर डीजल पर कोई 'कैप' या प्रतिबंध भी लगा सकता है।

ट्रंप : डीजल आयात का व‍िरोध करने वाले रिपब्लिकन सीनेटरों की आलोचना
X

वॉशिंगटन, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन रिपब्लिकन सीनेटरों की आलोचना को खारिज कर दिया है जो रूस से डीजल आयात करने के उनके फैसले का विरोध कर रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि ये नेता 'गंभीर' नहीं हैं। ट्रंप ने संकेत दिया कि अमेरिका जरूरत पड़ने पर डीजल पर कोई 'कैप' या प्रतिबंध भी लगा सकता है।

यह बयान ऐसे समय आया है, जब पिछले महीने उनके द्वारा हस्ताक्षरित एक कानून में कहा गया था क‍ि 18 अक्टूबर से रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर शुल्क लगाया जा सकता है।

व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ हुए इस समझौते का बचाव किया।

ट्रंप ने कहा, "मुझे लगता है कि ये ऐसे रिपब्लिकन हैं जो वास्तव में गंभीर नहीं हैं। हम बहुत सारा तेल पैदा करते हैं। हम तेल पर प्रतिबंध लगा सकते हैं, लेकिन अगर ऐसा किया तो दुनिया के बाकी देशों पर इसका बहुत बड़ा असर पड़ेगा।"

उन्होंने आगे कहा, "हम डीजल पर भी कोई सीमा या प्रतिबंध लगा सकते हैं और उसे सिर्फ अपने लिए रख सकते हैं। इसका भी बहुत बड़ा प्रभाव पड़ेगा।"

ट्रंप ने कहा क‍ि यह सिर्फ मेरे लिए कोई समझौता नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया के लिए है। अगर इससे हमारे किसानों और पशुपालकों को कोई फायदा पहुंचता है, तो मुझे यह पसंद है। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि डीजल पर संभावित सीमा कैसे लागू होगी, क्या यह निर्यात पर लागू होगी या घरेलू आपूर्ति पर और रूस से डीजल खरीदने के साथ इसका तालमेल कैसे बैठेगा।

ट्रंप के इस फैसले की आलोचना करने वाले रिपब्लिकन नेताओं में अलास्का की सीनेटर लिसा मर्कोव्स्की, मेन की सीनेटर सुसान कॉलिन्स, नॉर्थ कैरोलिना के थॉम टिलिस और यूटा के जॉन कर्टिस शामिल हैं। उन्होंने डेमोक्रेटिक सीनेटरों जीन शाहीन, रॉन वाइडन और रिचर्ड ब्लूमेंथल के साथ रविवार को एक संयुक्त बयान जारी कर प्रशासन से इस फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग की।

मर्कोव्स्की ने उस प्रतिबंध कानून का जिक्र किया, जिस पर ट्रंप ने तीन हफ्ते पहले हस्ताक्षर किए थे। उन्होंने कहा, "राष्ट्रपति को इन अधिकारों का इस्तेमाल करना चाहिए, न कि रूस को डीजल निर्यात करके राजस्व कमाने और यूक्रेन में युद्ध जारी रखने की अनुमति देनी चाहिए।"

वहीं, सुसान कॉलिन्स ने कहा, "मैं रूसी प्रतिबंध कानून की सह-प्रायोजक थी, जिस पर राष्ट्रपति ने हाल ही में हस्ताक्षर किए, लेकिन अब उसका पालन नहीं कर रहे हैं।"

पब्लिक लॉ 119-111, जिसे दिवंगत सीनेटर लिंडसे ग्राहम के नाम से जोड़ा गया है, राष्ट्रपति को रूसी मूल के कच्चे तेल और उससे जुड़े ऊर्जा उत्पाद खरीदने वाले देशों के सामान पर 100 प्रतिशत तक अतिरिक्त शुल्क लगाने का अधिकार देता है। हालांकि, राष्ट्रीय हित का हवाला देकर इन शुल्कों में छूट भी दी जा सकती है।

इस कानून के तहत पहला शुल्क 18 अक्टूबर से प्रभावी हो सकता है। हालांकि प्रशासन ने अभी तक सार्वजनिक रूप से यह नहीं बताया है कि भारत इस सूची में शामिल होगा या नहीं।

साल 2022 से भारत रूसी कच्चे तेल के सबसे बड़े खरीदारों में शामिल रहा है। ट्रंप ने अगस्त 2025 में इन्हीं खरीदों को लेकर भारतीय उत्पादों पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क लगाया था।

नई दिल्ली लंबे समय से यह कहती रही है कि उसके साथ अलग मानक अपनाया जा रहा है। अगस्त में विदेश मंत्रालय ने कहा था, "अमेरिका खुद अपने परमाणु उद्योग के लिए रूस से यूरेनियम हेक्साफ्लोराइड, इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग के लिए पैलेडियम, साथ ही उर्वरक और रसायन आयात करता है।"

ट्रंप ने पिछले हफ्ते घोषणा की थी कि रूस तुरंत लगभग 3 लाख टन डीजल की आपूर्ति करेगा और कुल आपूर्ति लगभग 50 लाख टन तक पहुंचेगी। उनकी सरकार फरवरी में ईरान युद्ध शुरू होने के बाद बढ़ी ईंधन कीमतों को कम करने की कोशिश कर रही है।

अमेरिकी वित्त मंत्रालय के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (ओएफएसी) ने शुक्रवार को जनरल लाइसेंस 135 जारी किया, जिसके तहत रूसी मूल के डीजल से जुड़े लेन-देन की अनुमति दी गई है।

गौरतलब है कि यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद अमेरिकी कांग्रेस ने वर्ष 2022 में रूस से ऊर्जा आयात पर प्रतिबंध लगा दिया था।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it