Top
Begin typing your search above and press return to search.

ट्रंप : वोटर धोखाधड़ी की जानकारी देने वालों को एक मिलियन डॉलर इनाम

वाशिंगटन, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तीन नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनावों से कुछ दिन पहले एक मिलियन डॉलर देने की अनोखी घोषणा की है। उनके अनुसार, जो व्यक्ति वोटर धोखाधड़ी की ऐसी जानकारी देगा, जिसके आधार पर किसी की गिरफ्तारी और सजा होगी, उसे यह इनाम द‍िया जाएगा।

ट्रंप : वोटर धोखाधड़ी की जानकारी देने वालों को एक मिलियन डॉलर इनाम
X

वाशिंगटन, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तीन नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनावों से कुछ दिन पहले एक मिलियन डॉलर देने की अनोखी घोषणा की है। उनके अनुसार, जो व्यक्ति वोटर धोखाधड़ी की ऐसी जानकारी देगा, जिसके आधार पर किसी की गिरफ्तारी और सजा होगी, उसे यह इनाम द‍िया जाएगा।

सोमवार को एयरफोर्स वन में सवार होने से पहले पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, "मैं एक मिलियन डॉलर का बोनस या इनाम देने जा रहा हूं। जो भी व्यक्ति वोटर धोखाधड़ी की जानकारी देगा और उसकी वजह से किसी की गिरफ्तारी तथा सजा होगी, उसे एक मिलियन डॉलर दिए जाएंगे।"

बातचीत के दौरान एक पत्रकार ने ट्रंप से कहा कि उन्होंने पहले स्पष्ट रूप से कहा था कि यदि कोई गैर-अमेरिकी नागरिक मतदान करता है, तो उसे स्वतः निर्वासित (डिपोर्ट) कर दिया जाएगा।

पत्रकार ने पूछा कि क्या इससे चुनावी व्यवस्था बेहतर होगी और क्या इस संदेश को उनकी सभी चुनावी रैलियों में दोहराया जाना चाहिए। इस पर ट्रंप ने जवाब दिया, "मुझे लगता है कि हां, हम ऐसा कर रहे हैं और हमने उस प्रक्रिया की शुरुआत भी कर दी है।"

हालांकि, व्हाइट हाउस ने अभी तक यह नहीं बताया है कि इनाम की राशि किस तरह दी जाएगी, कौन सी एजेंसी इसका संचालन करेगी या इसके लिए कानूनी आधार क्या होगा।

अमेरिका में संघीय चुनावों में गैर-नागरिकों की ओर से मतदान करना पहले से ही एक संघीय अपराध है। मौजूदा कानून के तहत ऐसा करने पर जुर्माना, जेल और देश से निष्कासन जैसी सजा हो सकती है।

ट्रंप की यह टिप्पणी अमेरिका में रहने वाले प्रवासी समुदायों का ध्यान खींच सकती है, जिनमें बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग भी शामिल हैं। ग्रीन कार्ड धारक और अस्थायी कार्य वीजा पर रहने वाले भारतीय नागरिक संघीय चुनावों में मतदान करने के पात्र नहीं होते। कुछ सामुदायिक संगठनों ने पहले चिंता जताई है कि मतदाता सूची की सख्त जांच के दौरान कहीं प्राकृतिक रूप से नागरिकता हासिल कर चुके वैध अमेरिकी नागरिकों को गलती से संदिग्ध न मान लिया जाए।

यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब ट्रंप मध्यावधि चुनावों से पहले अपने चुनाव प्रचार को तेज कर रहे हैं। मंगलवार को उनकी टेक्सास के कॉर्पस क्रिस्टी और लुबॉक में रैलियां निर्धारित हैं जबकि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस मिशिगन के हॉवेल में चुनाव प्रचार करेंगे।

ट्रंप लंबे समय से अमेरिकी चुनावों की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर सवाल उठाते रहे हैं। सोमवार की बातचीत के दौरान उन्होंने विदेशों में हुए चुनावों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ब्राजील में वोटों की गिनती 'ठीक नहीं दिखी'। वहीं इजरायल के चुनावों में दो उम्मीदवारों का समर्थन करने के अपने फैसले का भी उन्होंने बचाव किया।

दूसरी ओर, डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं ने प्रशासन पर आरोप लगाया है कि वह चुनाव से पहले मतदाताओं को डराने के लिए कानून-प्रवर्तन एजेंसियों का इस्तेमाल कर रहा है। कई राज्यों के चुनाव अधिकारियों का कहना है कि गैर-नागरिकों की ओर से मतदान के मामले बेहद कम सामने आते हैं।

तीन नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनावों में हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट की एक-तिहाई सीटों का भविष्य तय होगा। देशभर में कई भारतीय-अमेरिकी उम्मीदवार भी इन चुनावों में मैदान में हैं।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it