एआई सेफ्टी समझौते का सुंदर पिचाई ने किया समर्थन : व्हाइट हाउस
वाशिंगटन, गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई और अन्य बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों के प्रमुखों ने व्हाइट हाउस के एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत कंपनियां एडवांस्ड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम बनाते समय इंटरनल कंट्रोल, स्वतंत्र ऑडिट और बोर्ड स्तर की जांच का वादा करेंगी।

वाशिंगटन, गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई और अन्य बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों के प्रमुखों ने व्हाइट हाउस के एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत कंपनियां एडवांस्ड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम बनाते समय इंटरनल कंट्रोल, स्वतंत्र ऑडिट और बोर्ड स्तर की जांच का वादा करेंगी।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस स्वैच्छिक समझौते को 'नैतिक रूप से बाध्यकारी' बताया और कहा कि कंपनियां काफी हद तक खुद ही अपनी निगरानी करेंगी।
इस समझौते का टाइटल 'व्हाइट हाउस अकॉर्ड ऑन सुपरइंटेलिजेंस जॉइंट कमिटमेंट ऑन फ्रंटियर एसआई रिस्पॉन्सिबिलिटी' है। यह एडवांस्ड एआई मॉडल बनाने वाली कंपनियों के लिए साझा उम्मीदें तय करता है।
सुरक्षा उपायों में इंटरनल रिस्क रिव्यू, बाहरी मूल्यांकनकर्ता और कंपनी बोर्ड द्वारा स्वतंत्र समीक्षा शामिल है। यह समझौता कोई कानूनी रूप से लागू होने वाला मानक या सरकारी नियामक नहीं बनाता है।
भारतीय मूल के टेक एक्जीक्यूटिव पिचाई ने कहा कि इंडस्ट्री से संभावित जोखिमों को लेकर ज्यादा जिम्मेदारी लेने के लिए कहा गया है।
सुंदर पिचाई ने कहा, "मुझे लगता है कि यह कदम ऐतिहासिक और बहुत महत्वपूर्ण है, और इस टेक्नोलॉजी के असाधारण फायदे हैं। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हम जोखिमों पर ध्यान दे रहे हैं, और राष्ट्रपति ने हमसे इंडस्ट्री के तौर पर आगे आने के लिए कहा है।"
उन्होंने कहा कि कंपनियां बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले फाइनेंशियल कंट्रोल जैसी प्रक्रियाएं अपना रही हैं।
ट्रंप ने कहा कि यह समझौता एडवांस्ड एआई के दुरुपयोग के खिलाफ एक तरह की सुरक्षा है। ट्रंप ने कहा, "मुझे लगता है कि यह नैतिक रूप से बाध्यकारी है। यह सब खुद-ब-खुद नियंत्रित होता है।"
उन्होंने कहा कि प्रशासन इंडस्ट्री की निगरानी के लिए करीब 10 लोगों की एक कमेटी बनाने पर भी विचार कर रहा है। हालांकि इसकी अंतिम सदस्यता, अधिकार या लागू करने की व्यवस्था का ऐलान नहीं किया गया।
ट्रंप ने कहा, "मुझे लगता है कि मैं जबरदस्त सेल्फ-पुलिसिंग देख रहा हूं, और वे समझते हैं कि उन्हें खुद की निगरानी करनी होगी।"
मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने कहा कि कंपनियां जनता को भरोसा दिलाना चाहती हैं कि उनके प्रोडक्ट्स तय इरादे के मुताबिक ही काम करेंगे।
उन्होंने कहा कि समझौते में 'मजबूत इंटरनल कंट्रोल' और समस्याओं का पता लगाने के लिए सिस्टम की मांग की गई है। इसमें इंटरनल रिस्क रिव्यू, बाहरी ऑडिटर्स और बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स द्वारा स्वतंत्र जांच भी जरूरी है।
मार्क जुकरबर्ग ने कहा, "आइडिया यह नहीं है कि यही एकमात्र चीज है जो हम कभी करेंगे। यह है कि यह एक शुरुआत है और एक ऐसा समझौता है जिस पर पूरी इंडस्ट्री सहमत हो सकी है।"
एनवीडिया के सीईओ जेनसेन हुआंग ने इस सुझाव को खारिज कर दिया कि सुरक्षा की जरूरतों से टेक्नोलॉजी की प्रगति धीमी होनी चाहिए। उन्होंने कहा, "इनोवेशन, टेक्नोलॉजी और सुरक्षा के बीच कोई टकराव नहीं है।"
उन्होंने कहा, "हम इस टेक्नोलॉजी को आगे बढ़ाने जा रहे हैं जो मानवता के लिए इतनी महत्वपूर्ण है, हमारे देश की भविष्य की समृद्धि के लिए इतनी महत्वपूर्ण है। हम इसे जिम्मेदारी और सुरक्षित तरीके से करेंगे।"
एंथ्रॉपिक के सीईओ डारियो अमोदेई ने ज्यादा सतर्कता अपनाया। उन्होंने कहा कि एआई में बड़े फायदे हैं, जिसमें मेडिसिन में तरक्की भी शामिल है, लेकिन इसमें गंभीर खतरे भी हैं। डारिओ अमोदेई ने कहा, "मुझे लगता है कि टेक्नोलॉजी में बहुत वास्तविक जोखिम हैं, और आप जानते हैं, हम उन जोखिमों को कैसे संभालते हैं, इस पर अभी भी चर्चा हो रही है।"
ट्रंप ने कहा कि कंपनियों के पास विफलताओं को रोकने के लिए मजबूत व्यावसायिक वजहें हैं क्योंकि उनकी प्रतिष्ठा और बिजनेस दांव पर हैं। उन्होंने कहा कि न्याय विभाग, एफबीआई और सीआईए टेक्नोलॉजी का दुरुपयोग करने वाले अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
यह समझौता ऐसे समय में आया है जब दुनिया भर की सरकारें इस पर बहस कर रही हैं कि क्या रोजगार, सुरक्षा, चुनाव और जानकारी तक पहुंच को प्रभावित करने में सक्षम सिस्टम के लिए कंपनियों की स्वैच्छिक प्रतिबद्धताएं काफी हैं। यूरोपीय संघ ने बाध्यकारी, जोखिम-आधारित एआई नियम अपनाए हैं, जबकि अमेरिका ने कार्यकारी कार्रवाई, एजेंसी गाइडेंस और कंपनी प्रतिबद्धताओं पर ज्यादा भरोसा किया है।


