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राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर और सैन्य कार्रवाई के दिए संकेत

वाशिंगटन, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ और सैन्य कार्रवाई करने का संकेत दिया है। हालांकि, उन्होंने आगे की कार्रवाई के लिए कोई समय-सीमा या लक्ष्य नहीं बताया है। इसी बीच, हाउस के वरिष्ठ डेमोक्रेट्स ने युद्ध को खत्म करने के लिए वोटिंग की योजना बनाई है। वे इस युद्ध के उद्देश्यों और इसमें होने वाले खर्च के बारे में जवाब मांग रहे हैं।

राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर और सैन्य कार्रवाई के दिए संकेत
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वाशिंगटन, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ और सैन्य कार्रवाई करने का संकेत दिया है। हालांकि, उन्होंने आगे की कार्रवाई के लिए कोई समय-सीमा या लक्ष्य नहीं बताया है। इसी बीच, हाउस के वरिष्ठ डेमोक्रेट्स ने युद्ध को खत्म करने के लिए वोटिंग की योजना बनाई है। वे इस युद्ध के उद्देश्यों और इसमें होने वाले खर्च के बारे में जवाब मांग रहे हैं।

व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, "अगर संभव हो तो मैं बाकी देश को बर्बाद नहीं करना चाहूंगा, लेकिन शायद मुझे ऐसा करना पड़े। आपको जल्द ही पता चल जाएगा।" उन्होंने आगे की कार्रवाई के लिए कोई समय-सीमा या लक्ष्य नहीं बताया और न ही किसी नए हमले का आदेश देने की घोषणा की।

इससे पहले, डेमोक्रेट्स अगली कांग्रेस के लिए अपनी विदेश नीति का एजेंडा तैयार कर रहे हैं। प्रतिनिधि ग्रेगरी मीक्स ने संघर्ष को समाप्त करने के लिए प्रस्ताव लाने का वादा किया, जबकि डेमोक्रेटिक व्हिप कैथरीन क्लार्क ने युद्ध के लक्ष्यों और इससे बाहर निकलने की रणनीति पर सवाल उठाए। इन बयानों ने राष्ट्रपति ट्रंप की ईरान नीति के खिलाफ कांग्रेस में मौजूद विरोध को दर्शाया।

हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी के वरिष्ठ डेमोक्रेट, ग्रेगरी मीक्स ने 4 नवंबर को एक पत्र लिखकर अपने सहयोगियों से कमेटी का अध्यक्ष बनने के लिए समर्थन मांगा। उन्होंने लिखा, "कानूनी मोर्चे पर, मैं राष्ट्रपति के ईरान के साथ युद्ध को तुरंत खत्म करने के लिए प्रस्ताव लाऊंगा। साथ ही, अमेरिकी विदेश नीति तय करने में कांग्रेस की जो उचित भूमिका है, उसे वापस बहाल करने को प्राथमिकता दूंगा।"

पत्र में यह भी प्रस्ताव दिया गया है कि ईरान युद्ध, वेनेजुएला, और सैन्य कार्रवाई व व्यापार पर कांग्रेस के अधिकार से जुड़े विवादों को लेकर प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से सार्वजनिक रूप से गवाही मांगी जाए।

मीक्स अपनी विधायी और निगरानी संबंधी योजनाओं के बारे में बता रहे थे। पत्र में वोटिंग के लिए कोई तारीख तय नहीं की गई है और न ही इस वादे को लागू करने वाला कोई नया प्रस्ताव पेश किया गया है। इससे पहले, कैथरीन क्लार्क ने सीएनएन को बताया कि डेमोक्रेट्स प्रशासन पर इस संघर्ष के लिए लगातार फंडिंग जारी रखने और अमेरिकी सैनिकों को सुरक्षित घर वापस लाने की योजना के बारे में सवाल उठाएंगे।

क्लार्क ने राष्ट्रपति ट्रंप पर आरोप लगाया कि वे देश को 'एक ऐसे लापरवाह युद्ध में धकेल रहे हैं, जिसकी न तो कोई एग्जिट स्ट्रेटेजी है और न ही कोई स्पष्ट लक्ष्य है।' उन्होंने यह भी कहा कि इस संघर्ष की वजह से घरेलू ईंधन की कीमतों पर दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि डेमोक्रेट्स प्रशासन के उद्देश्यों पर चर्चा करना चाहेंगे और यह जानना चाहेंगे कि अमेरिकियों और अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए इस युद्ध को कैसे खत्म किया जा सकता है।

उधर, ओवल ऑफिस में एक कार्यक्रम के दौरान, डोनाल्ड ट्रंप ने सैन्य अभियान का बचाव किया। उन्होंने कहा कि आगे क्या करना है, इस पर फैसला लिया जाएगा। उन्होंने अपनी इस बात को भी दोहराया कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने चाहिए। तेहरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े प्रस्तावों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "वे हमारी मंजूरी के बिना कुछ भी नहीं कर रहे हैं।"

गौरतलब है कि खाड़ी क्षेत्र का यह संघर्ष भारत सहित एशिया के प्रमुख ऊर्जा आयातकों के लिए भी चिंता का विषय है। इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी 'होर्मुज स्ट्रेट' को तेल परिवहन का एक अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग मानती है। इस जलमार्ग से जाने वाले तेल के मुख्य गंतव्यों में भारत, चीन और जापान शामिल हैं।



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