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पुलिस ने राजनीतिक दल में मारा छापा : बांग्लादेश

ढाका, बांग्लादेश की एक राजनीतिक पार्टी जातीय समाजतांत्रिक दल (जासद) के कार्यालय से पकड़े गए 27 लोगों को जेल भेज दिया गया है। ढाका की एक अदालत ने ये फैसला सुनाया। सभी को पार्टी के केंद्रीय कार्यालय से हिरासत में लिया गया था।

पुलिस ने राजनीतिक दल में मारा छापा : बांग्लादेश
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ढाका, बांग्लादेश की एक राजनीतिक पार्टी जातीय समाजतांत्रिक दल (जासद) के कार्यालय से पकड़े गए 27 लोगों को जेल भेज दिया गया है। ढाका की एक अदालत ने ये फैसला सुनाया। सभी को पार्टी के केंद्रीय कार्यालय से हिरासत में लिया गया था।

ढाका के एडिशनल चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट जशिता इस्लाम ने रविवार को यह आदेश तब दिया जब पुलिस ने उन्हें कोर्ट में पेश किया और उन्हें हिरासत में रखने की मांग की।

बांग्लादेशी मीडिया आउटलेट बीडीन्यूज24 की रिपोर्ट के मुताबिक, अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया कि हिरासत में लिए गए लोगों ने जासद ऑफिस के अंदर "अस्थिर और अव्यवस्थित माहौल" बनाया और "जॉय बांग्ला" के नारे लगाए।

शनिवार को, पुलिस ने ढाका के गुलिस्तान में जासद हेडक्वार्टर पर एक बड़े छापे के दौरान सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया। पुलिस का आरोप था कि अवामी लीग के नेता और कार्यकर्ता वहां एक "गुप्त बैठक" के लिए जमा हुए थे, जबकि जासद ने इस दावे को खारिज कर दिया।

खबरों के मुताबिक, यह घटना तब हुई जब बीएनपी और उसके युवा विंग 'जुबो दल' के कार्यकर्ताओं ने जासद हेडक्वार्टर को घेर लिया और ऑफिस में घुस गए। उनका आरोप था कि वहां एक गुप्त बैठक में अवामी लीग के सदस्य मौजूद थे।

इसके बाद पुलिस ने इमारत में धावा बोला और लोगों को हिरासत में लेना शुरू कर दिया। बांग्लादेशी दैनिक 'ढाका ट्रिब्यून' की रिपोर्ट के अनुसार, जासद ने इसे प्रतिनिधियों की पहले से तय बैठक बताया था, लेकिन पुलिस की कार्रवाई ने इसे राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के एक बड़े ऑपरेशन में बदल दिया।

इस घटना के बाद, बांग्लादेश की अवामी लीग ने जासद के केंद्रीय कार्यालय पर हुए "शर्मनाक हमले, तोड़फोड़ और कब्जे" तथा पार्टी की प्रतिनिधि बैठक में मौजूद नेताओं के अंधाधुंध सामूहिक हिरासत की कड़ी निंदा की।

गहरी चिंता व्यक्त करते हुए, अवामी लीग ने आरोप लगाया कि यह हमला पुलिस की सुरक्षा में बीएनपी और जुबो दल के कार्यकर्ताओं द्वारा दिन-दहाड़े "फासीवादी तरीके" से किया गया।

पार्टी ने कहा, "यह हमला बांग्लादेश के लिए एक चेतावनी का संकेत है। हमने बार-बार कहा है कि लोकतंत्र के बैनर तले काम करने के बावजूद, बीएनपी मूल रूप से एक लोकतंत्र-विरोधी ताकत है। छावनी (कैंटोनमेंट) में पैदा हुई यह पार्टी कभी भी लोगों के संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकारों में विश्वास नहीं करती है। चाहे वह इसे कितना भी छिपाने की कोशिश करे, उसका फासीवादी चरित्र समय-समय पर सामने आ ही जाता है।"

पार्टी ने आगे कहा, "इस हमले और गिरफ्तारी से पत्रकार भी नहीं बच पाए। इस हमले, कब्जे और गिरफ्तारी के जरिए बीएनपी का असली चेहरा एक बार फिर लोगों के सामने आ गया है।"

अवामी लीग ने कहा है कि 5 अगस्त, 2024 को हुए राजनीतिक बदलाव के बाद से बांग्लादेश में "धर्मनिरपेक्ष और प्रगतिशील लोकतांत्रिक राजनीतिक ताकतों" को खत्म करने की योजना पर काम किया जा रहा है।

पार्टी ने देश भर में अवामी लीग और मुक्ति संग्राम (लिबरेशन वॉर) का समर्थन करने वाली अन्य राजनीतिक पार्टियों के दफ्तरों में तोड़-फोड़, आगजनी और उन पर कब्जा करने की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसा माहौल एक आजाद और लोकतांत्रिक देश की राजनीतिक संस्कृति के लिए बहुत बड़ा खतरा है और यह बहु-दलीय राजनीति के रास्ते में बाधा डालता है।

पार्टी ने कहा, "फिर भी, धांधली वाले चुनाव के जरिए सत्ता में आई तथाकथित राजनीतिक पार्टी खुद को बहु-दलीय लोकतंत्र का सबसे बड़ा समर्थक बताती है। असल में, उनके बहु-दलीय लोकतंत्र का मतलब है राजनीति में आजादी-विरोधी और प्रतिक्रियावादी ताकतों को फिर से स्थापित करना और यह बात अब देश की जनता को साफतौर पर समझ आ गई है।"


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