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संयुक्त राष्ट्र महासभा में भागीदारी हमारा कानूनी अधिकार, किसी का एहसान नहीं

तेहरान, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के 81वें सत्र में अपने देश की नुमांइदगी को कानूनी अधिकार बताया है। ये सत्र न्यूयॉर्क में आयोजित किया जा रहा है।

संयुक्त राष्ट्र महासभा में भागीदारी हमारा कानूनी अधिकार, किसी का एहसान नहीं
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तेहरान, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के 81वें सत्र में अपने देश की नुमांइदगी को कानूनी अधिकार बताया है। ये सत्र न्यूयॉर्क में आयोजित किया जा रहा है।

आईआरआईबी टीवी को दिए एक इंटरव्यू में बाघेई ने कहा, "न्यूयॉर्क जाने में ईरान के प्रतिनिधियों की कोई दिलचस्पी नहीं है। हालांकि, यह एक ऐसा अहम स्थान है जिसे छोड़ा नहीं जा सकता। यूएनजीए के सेशन में ईरान की भागीदारी उसका कानूनी अधिकार है, न कि किसी की तरफ से दिया गया कोई एहसान। ईरान यूएन के 50 संस्थापक सदस्यों में से एक है।"

सिंहुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा, "ईरान के प्रतिनिधियों के तौर पर हमारा यह कर्तव्य है कि हम इस बड़े अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में शामिल हों और दुनिया को ईरान का पक्ष सुनाएं।" उन्होंने "दूसरे पक्ष" पर ईरानी प्रतिनिधिमंडल की भागीदारी को रोकने के लिए हर संभव कोशिश करने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि इस तरह की "रुकावटें और नकारात्मक प्रचार" ईरान को सेशन में भाग लेने और अपना पक्ष रखने के उसके जायज अधिकार से कभी पीछे नहीं हटा पाएंगे।

अमेरिकी विदेश विभाग के गुरुवार के बयान के अनुसार, अमेरिका ने कहा है कि वह यूएनजीए के लिए ईरान के "मुख्य प्रतिनिधिमंडल" को "मेजबान देश के तौर पर अपनी जिम्मेदारियों के तहत" वीजा जारी करेगा।

बयान में कहा गया, "प्रतिनिधिमंडल पिछले साल की तुलना में छोटा है।"

इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले हफ्ते संयुक्त राष्ट्र में अपनी कूटनीति के केंद्र में ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को रखेंगे। खाड़ी देशों के नेताओं के साथ बातचीत की योजना है और अमेरिकी अधिकारी तेहरान के साथ व्यापार करने वाली संस्थाओं को और नतीजों की चेतावनी दे रहे हैं।

ट्रंप मंगलवार को न्यूयॉर्क में खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात करेंगे। इससे पहले संयुक्त राष्ट्र महासभा को वो संबोधित करेंगे। अधिकारियों ने कहा कि ईरान चर्चा का मुख्य विषय होगा, लेकिन उन्होंने इस बात की पुष्टि नहीं की कि राष्ट्रपति या अन्य अमेरिकी प्रतिनिधि ईरानी अधिकारियों से मिलेंगे या नहीं।

संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत माइक वाल्ट्ज ने कहा कि ट्रंप का भाषण इस बात पर बल देगा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि ईरान कभी परमाणु हथियार हासिल न कर पाए। उन्होंने कहा कि यह मांग संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के बार-बार पारित प्रस्तावों में भी दिखाई दी है।

वाल्ट्ज ने यहां पत्रकारों को बताया कि भाषण में राजनयिक समझौतों और अनसुलझे विवादों के साथ-साथ ट्रंप की 20-सूत्रीय गाजा शांति योजना पर हुई प्रगति को भी शामिल किया जाएगा।

अमेरिका-ईरान के बीच संभावित मुलाकातों के बारे में पूछे जाने पर, अधिकारी ने राष्ट्रपति या विदेश मंत्री के अंतिम कार्यक्रम से पहले कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।


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