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पाकिस्तान : एक दशक में लगभग दोगुना होकर 135.1 अरब डॉलर हुआ

नई दिल्ली, विश्व बैंक की इंटरनेशनल डेट रिपोर्ट 2026 के अनुसार, पाकिस्तान का विदेशी कर्ज पिछले एक दशक में लगभग दोगुना हो गया है। यह 2015 में 68.7 अरब डॉलर से बढ़कर 2025 में 135.1 अरब डॉलर पर पहुंच गया।

पाकिस्तान : एक दशक में लगभग दोगुना होकर 135.1 अरब डॉलर हुआ
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नई दिल्ली, विश्व बैंक की इंटरनेशनल डेट रिपोर्ट 2026 के अनुसार, पाकिस्तान का विदेशी कर्ज पिछले एक दशक में लगभग दोगुना हो गया है। यह 2015 में 68.7 अरब डॉलर से बढ़कर 2025 में 135.1 अरब डॉलर पर पहुंच गया।

द खामा प्रेस न्यूज एजेंसी के अनुसार, पाकिस्तान का विदेशी कर्ज 2024 के 129.9 अरब डॉलर के मुकाबले करीब 4 प्रतिशत बढ़ा है।

कुल विदेशी कर्ज में से 107.08 अरब डॉलर सार्वजनिक और सरकार की गारंटी वाले कर्ज के रूप में शामिल थे, जबकि निजी क्षेत्र का बिना सरकारी गारंटी वाला कर्ज 17.58 अरब डॉलर रहा। वहीं, अल्पकालिक विदेशी कर्ज की हिस्सेदारी 10.45 अरब डॉलर थी।

बहुपक्षीय संस्थाएं सार्वजनिक और सरकार की गारंटी वाले कर्ज का सबसे बड़ा स्रोत रहीं। इनका कुल कर्ज 56.83 अरब डॉलर था, जबकि द्विपक्षीय कर्जदाताओं का बकाया कर्ज 42.43 अरब डॉलर रहा।

चीन पाकिस्तान का सबसे बड़ा व्यक्तिगत देश के रूप में कर्जदाता बना हुआ है। पाकिस्तान पर चीन का करीब 22.4 अरब डॉलर का कर्ज बकाया है।

रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान पर विश्व बैंक का करीब 19.2 अरब डॉलर और एशियाई विकास बैंक का 16.83 अरब डॉलर का कर्ज भी है।

रिपोर्ट में आधिकारिक और निजी कर्जदाताओं के बीच ब्याज लागत में बड़े अंतर को भी उजागर किया गया है। 2025 में आधिकारिक कर्जदाताओं की ओर से नई वित्तीय प्रतिबद्धताओं पर औसत ब्याज दर 3.6 प्रतिशत रही। इन कर्जों की औसत चुकौती अवधि 16 वर्ष और ग्रेस पीरियड चार वर्ष था।

इसके मुकाबले, निजी क्षेत्र से लिए गए नए कर्ज पर औसत ब्याज दर 8.6 प्रतिशत रही। इन कर्जों की औसत परिपक्वता अवधि केवल तीन वर्ष और ग्रेस पीरियड एक वर्ष था।

रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में पाकिस्तान का विदेशी कर्ज और सकल राष्ट्रीय आय (जीएनआई) का अनुपात 34 प्रतिशत रहा, जबकि निर्यात से होने वाली कमाई का 33 प्रतिशत हिस्सा कर्ज चुकाने में खर्च हुआ।

इसी वर्ष चीन ने पाकिस्तान को दिए गए करीब 2 अरब डॉलर के कर्ज की परिपक्वता अवधि बढ़ा दी, जिससे उसे कर्ज चुकाने के लिए अतिरिक्त समय मिल गया। वहीं, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने अपने विस्तारित फंड सुविधा (ईएफएफ) और लचीलापन एवं स्थिरता सुविधा (आरएसएफ) कार्यक्रमों के तहत 2.3 अरब डॉलर जारी किए।

विश्व बैंक की रिपोर्ट में मध्य पूर्व, उत्तरी अफ्रीका, अफगानिस्तान और पाकिस्तान (एमईएनएएपी) क्षेत्र में भी विदेशी कर्ज से जुड़े बढ़ते जोखिमों की ओर इशारा किया गया है। इस क्षेत्र का विदेशी कर्ज और सकल राष्ट्रीय आय (जीएनआई) का अनुपात 2024 के 26.7 प्रतिशत से बढ़कर 2025 में 29.4 प्रतिशत हो गया। विश्व बैंक के क्षेत्रीय समूहों में यह सालाना आधार पर सबसे बड़ी वृद्धि रही।


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