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मोहस‍िन रेजाई : अमेरिका के साथ बातचीत संभव नहीं

तेहरान, ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी मोहस‍िन रेजाई ने कहा क‍ि अमेरिका के साथ बातचीत तब तक संभव नहीं है जब तक क‍ि ईरान की शर्तें पूरी नहीं हो जाती।

मोहस‍िन रेजाई : अमेरिका के साथ बातचीत संभव नहीं
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तेहरान, ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी मोहस‍िन रेजाई ने कहा क‍ि अमेरिका के साथ बातचीत तब तक संभव नहीं है जब तक क‍ि ईरान की शर्तें पूरी नहीं हो जाती।

ईरान के एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी मोहसिन रेजाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्‍स' पोस्‍ट पर यह बात कही। उनका यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सोमवार की टिप्पणी के जवाब में आया।

ट्रंप ने कहा था कि तेहरान 'जल्दी और किसी भी कीमत पर' एक समझौता करना चाहता है और अमेरिका उसके साथ फिर से बातचीत शुरू कर सकता है।

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा, "कमजोर पड़ चुका ईरान जल्दी और बुरी तरह एक समझौता करना चाहता है। अमेरिका बातचीत करेगा या नहीं, इसका फैसला मैं करूंगा। हालांकि हम इस विचार के लिए खुले हैं।"

इसके जवाब में मोहसिन रेजाई ने कहा, "अमेरिकी राष्ट्रपति के बदलते बयानों से भ्रमित मत होइए। कभी वे कहते हैं 'कोई बातचीत नहीं होगी' और फिर कहते हैं 'हम बातचीत के लिए तैयार हैं।' तेल और समुद्री मार्गों से जुड़े दांव अब बदल चुके हैं। बाद में नुकसान नियंत्रित करने की कोशिश आने वाली स्थितियों को नहीं रोक पाएगी।"

उन्होंने स्‍पष्‍ट क‍िया, "जब तक ईरान की शर्तें पूरी नहीं होतीं, तब तक कोई बातचीत नहीं होगी। बस यही अंतिम बात है।"

स‍िन्हुआ न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, 18 जून को अमेरिका और ईरान ने क्षेत्र में चल रहे संघर्षों को खत्म करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए थे। इसमें लेबनान समेत विभिन्न मोर्चों पर तनाव कम करने की बात शामिल थी।

इस समझौते के तहत दोनों देशों को 60 दिनों के भीतर बातचीत करके अंतिम समझौते तक पहुंचना था। यह अवधि 17 अगस्त को समाप्त हो चुकी है, लेकिन हाल के तनाव बढ़ने के बाद इन वार्ताओं का भविष्य अभी स्पष्ट नहीं है।

इसी बीच, सोमवार रात ईरान के दक्षिणी तट के पास ड्रोन हमले में दो मछली पकड़ने वाली नौकाओं को निशाना बनाया गया।

अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी मेहर के अनुसार, यह हमला दक्षिणी बंदरगाह शहर कारगन के तट और लारक द्वीप के पास हुआ।

होर्मोजगान प्रांत के राजनीतिक और सुरक्षा मामलों के उप-गवर्नर अहमद नफीसी ने बताया कि इस घटना के बाद कई मछुआरे लापता हो गए हैं।

उन्होंने कहा कि लापता लोगों की तलाश के लिए खोज और बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है। घटना की जांच पूरी होने के बाद और जानकारी साझा की जाएगी।

इससे पहले, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की नौसेना ने कहा था कि होर्मुज स्‍ट्रेट पार करने की कोशिश कर रहा एक विशाल तेल टैंकर विस्फोट का शिकार हो गया और उसमें आग लग गई।

आईआरजीसी की आधिकारिक समाचार सेवा सेपाह न्यूज के अनुसार, "एल गैया नाम का यह सुपर ऑयल टैंकर जलमार्ग के दक्षिणी हिस्से में मौजूद एक 'प्रतिबंधित मार्ग' से गुजरने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान वह नौसैनिक बारूदी सुरंगों से टकरा गया, जिससे विस्फोट हुआ।

नौसेना ने कहा कि आग पर काबू पाने की कोशिशें सफल नहीं हुईं और पूरा जहाज आग की लपटों में घिर गया।


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