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मार्को रूबियो ने बताया क्यों अमेरिकी राष्ट्रपति ने प्रतिबंधों को 60 दिनों के लिए टाला: उज्बेकिस्तान

ताशकंद, अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो के मुताबिक, उनका देश दुनिया के हर हिस्से में अपने कारोबार और कंपनियों के लिए निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा का अवसर चाहता है।

मार्को रूबियो ने बताया क्यों अमेरिकी राष्ट्रपति ने प्रतिबंधों को 60 दिनों के लिए टाला: उज्बेकिस्तान
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ताशकंद, अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो के मुताबिक, उनका देश दुनिया के हर हिस्से में अपने कारोबार और कंपनियों के लिए निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा का अवसर चाहता है। इसके साथ ही उन्होंने 60 दिनी प्रतिबंधों को स्थगित करने के पीछे की वजह का भी खुलासा किया।

उज्बेकिस्तान के समरकंद स्थित रेगिस्तान चौक में सोमवार को दिए बयान में रूबियो ने कहा, "अमेरिका और उसकी कंपनियां दुनिया भर में अपने उत्पादों और सेवाओं के साथ प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम हैं। जरूरत इस बात की है कि उन्हें निष्पक्ष अवसर मिले।"

यूएस के विदेश मंत्रालय ने स्थानीय पत्रकार वार्ता के कुछ क्लिप्स पोस्ट किए हैं जिसमें रूबियो ने अपने देश के विचार रखे। उन्होंने कहा, “यहां आकर किसी से यह कहने की बात नहीं है कि किसी दूसरे देश से बात करना बंद कर दो या उसके साथ काम करना छोड़ दो। हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दुनिया के हर उस हिस्से में, जो अमेरिकी कारोबार के लिए अपने दरवाजे खोल रहा है, हमारी कंपनियां भी उपलब्ध हों।”

रूबियो ने उज्बेकिस्तान की आर्थिक प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि देश ने पिछले एक दशक में आर्थिक विकास और समृद्धि के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा, "उज्बेकिस्तान ने स्पष्ट किया है कि वह सभी देशों के साथ मित्रतापूर्ण संबंध रखना चाहता है।"

अमेरिकी विदेश मंत्री ने आगे कहा कि अमेरिका उज्बेकिस्तान के साथ मिलकर काम करने के संभावित अवसरों की पहचान करना चाहता है। इसी उद्देश्य से अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के साथ लगभग 300 अमेरिकी कारोबारी कंपनियां आई हैं।

उन्होंने कहा कि अमेरिका का लक्ष्य विभिन्न देशों के साथ व्यापार और आर्थिक सहयोग के नए अवसर तलाशना है, ताकि अमेरिकी कंपनियों को भी अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रतिस्पर्धा करने का उचित मौका मिल सके।

वहीं, रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर पूछे गए सवाल पर रूबियो ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चाहते हैं कि दोनों देशों के बीच संघर्ष समाप्त हो। राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने चुनाव अभियान के दौरान भी कहा था कि यदि वह उस समय राष्ट्रपति होते, तो यह युद्ध शुरू ही नहीं होता।

रूबियो ने कहा कि युद्ध शुरू होने के बाद अमेरिका ने इसे समाप्त कराने के लिए हर संभव प्रयास किया है और आगे भी ऐसे प्रयास जारी रखेगा।

उन्होंने कहा, “इस युद्ध में कोई नहीं जीत रहा है। हर दिन लोग मारे जा रहे हैं और हर दिन तबाही हो रही है।” रूबियो ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप बार-बार इस संघर्ष में हर महीने करीब 25,000 लोगों के मारे जाने का उल्लेख करते हैं।

अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि पिछले लगभग दो वर्षों से युद्ध समाप्त कराने में मदद के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन अभी तक वैसी प्रगति नहीं हुई है, जैसी अमेरिका चाहता था। उन्होंने जोर दिया कि प्रयासों में कोई कमी नहीं रही है।

प्रतिबंधों को 60 दिनों के लिए स्थगित करने के फैसले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, "राष्ट्रपति ट्रंप यह देखना चाहते हैं कि रूस और यूक्रेन के साथ चल रही बातचीत से कोई सकारात्मक परिणाम निकलता है या नहीं। इस पहल का उद्देश्य युद्ध और संघर्ष के एक और विनाशकारी वर्ष को टालने की संभावनाओं को तलाशना है। अमेरिका चाहता है कि बातचीत के जरिए ऐसा रास्ता निकले, जिससे दोनों देशों के बीच जारी युद्ध समाप्त हो सके।"


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