Top
Begin typing your search above and press return to search.

जॉर्डन : चर्च पर आतंकी हमला

अम्मान, जॉर्डन के करक प्रांत में ग्रीक ऑर्थोडॉक्स चर्च पर हुए आतंकी हमले के बाद अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी किया है।

जॉर्डन : चर्च पर आतंकी हमला
X

अम्मान, जॉर्डन के करक प्रांत में ग्रीक ऑर्थोडॉक्स चर्च पर हुए आतंकी हमले के बाद अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी किया है।

शनिवार को एडवाइजरी साझा करते हुए अम्मान स्थित अमेरिकी दूतावास ने बताया, यह हमला करक के हम्मूद गांव स्थित चर्च पर हुआ। जॉर्डन के सार्वजनिक सुरक्षा निदेशालय (पीएसडी) ने बताया कि हमले में सात लोगों की मौत हो गई, जबकि 27 घायल लोगों का इलाज जारी है।

सुरक्षा एजेंसियों ने बताया कि अपराधियों की तलाश जारी है और घटना स्थल को पूरी तरह से घेर लिया गया है। मामले की जांच जारी है। दूतावास का कहना है कि हमले के बाद राजधानी अम्मान में मॉल, विदेशी दूतावासों और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। अमेरिकी नागरिकों से सतर्क रहने और ताजा जानकारी के लिए जॉर्डन के सार्वजनिक सुरक्षा निदेशालय और एक्ट पर जॉर्डन पुलिस को फॉलो करने की सलाह दी है।

अमेरिकी नागरिकों से कहा गया है कि वो जॉर्डन के राष्ट्रीय सुरक्षा और संकट प्रबंधन केंद्र की वेबसाइट पर सार्वजनिक सुरक्षा दिशानिर्देशों को देखें। स्थानीय मीडिया जैसे रोया न्यूज, पेट्रा न्यूज और जॉर्डन टाइम्स पर नजर बनाए रखें। किसी भी प्रदर्शन या बड़ी भीड़-भाड़ वाली जगहों से बचें।

दुनिया भर में इस हमले की निंदा हो रही है। अम्मान में जापान और ऑस्ट्रेलिया के दूतावासों ने शनिवार को बयान जारी कर करक आतंकवादी हमले के पीड़ितों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।

जापान के दूतावास ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना जताई और हमले में घायल हुए लोगों के जल्द ठीक होने की कामना की। एक आधिकारिक बयान में, दूतावास ने हिंसा की सभी घटनाओं की निंदा की और पीड़ितों के परिवारों तथा हमले से प्रभावित सभी लोगों के साथ पूरी एकजुटता व्यक्त की।

एक अलग बयान में, अम्मान स्थित ऑस्ट्रेलियाई दूतावास ने आतंकवादी हमले में जान गंवाने वालों के परिवारों और रिश्तेदारों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की। दूतावास ने आतंकवाद और हिंसक चरमपंथ के सभी रूपों की कड़ी निंदा की। साथ ही, इस कठिन समय में जॉर्डन की जनता के साथ पूरी एकजुटता जताते हुए, घायलों के जल्द और पूरी तरह से स्वस्थ होने की कामना की।

लेबनान, सीरिया, मिस्र और ओमान सहित पूरे क्षेत्र से भी इन हत्याओं की निंदा की गई।

सुन्नी मुस्लिम दुनिया के सबसे प्रमुख धार्मिक संस्थान, अल-अजहर के ग्रैंड इमाम, काहिरा के अहमद अल-तैयब ने मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और इसे एक "जघन्य आतंकवादी हमला" बताया।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने एक अंतिम संस्कार के दौरान इस हमले की निंदा करते हुए इसे "बेहद जघन्य" बताया। उनके प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक के मुताबिक, "महासचिव ने यह भी मांग की है कि इसके लिए जिम्मेदार सभी लोगों को ढूंढा जाए और उन्हें जवाबदेह ठहराया जाए।"

शुक्रवार को जॉर्डन के एक चर्च में अंतिम संस्कार के दौरान बंदूकधारियों ने अंधाधुंध गोलीबारी की, जिसमें सात की मौत हो गई और 40 अन्य घायल हो गए थे। जॉर्डन के स्वास्थ्य मंत्री इब्राहिम अल-बुदौर ने बताया कि घायलों में से दो की हालत गंभीर है। गोलीबारी राजधानी अम्मान से लगभग 180 किमी (110 मील) दक्षिण में स्थित करक के एक ग्रीक ऑर्थोडॉक्स चर्च में हुई।

जॉर्डन के सरकारी टेलीविजन पर दिखाए गए फुटेज में दो बंदूकधारी चर्च की ओर आते और गोलियां चलाते हुए दिख रहे हैं, जिनके हाथों में पिस्तौल नजर आ रही हैं। इसके बाद एक तीसरा व्यक्ति, जिसके पास सेमी-ऑटोमैटिक राइफल जैसी कोई चीज है, वहां आता है और गोलीबारी शुरू कर देता है। फिर तीनों चर्च की ओर दौड़ पड़ते हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों द्वारा बनाए गए वीडियो फुटेज में चर्च के फर्श पर टूटे हुए कांच और खून के धब्बे दिखाई दे रहे हैं। जॉर्डन के 'पेट्रा' समाचार एजेंसी के अनुसार, देश में तीन दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की गई है।

करक में ईसाई अल्पसंख्यक आबादी रहती है। साल 2016 में, करक में बंदूकधारियों ने पुलिस पर कई हमले किए थे। इनमें पर्यटकों के बीच लोकप्रिय एक 'क्रूसेडर कैसल' (किला) पर किया गया हमला भी शामिल था। इन हमलों में सात पुलिस अधिकारियों सहित 10 लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हुए थे। जॉर्डन के सुरक्षा बलों ने एक लंबी मुठभेड़ के बाद उन बंदूकधारियों को मार गिराया था।

जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला (जो चरमपंथी इस्लामी समूहों के खिलाफ लड़ाई में अमेरिका के एक प्रमुख सहयोगी हैं) हमले के कुछ घंटों बाद करक पहुंचे। उन्होंने कहा कि दोषियों को "कड़ी से कड़ी" सजा दी जाएगी। वहीं, हिंसा के कुछ घंटों बाद, प्रधानमंत्री जाफर हसन ने 'एक्स' पोस्ट में कहा, "यह एक आतंकवादी विचारधारा और अंधी कट्टरता का नतीजा है, और हम समाज को इस रास्ते पर नहीं जाने देंगे।"


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it