Top
Begin typing your search above and press return to search.

अमेरिकी सैनिक को नुकसान पहुंचाया तो ईरान को भुगतना होगा कई गुना अंजाम: ट्रंप

'ऑपरेशन इनहेरेंट रिजॉल्व' में तैनात अमेरिकी सेना के दो सक्रिय सैनिकों की जॉर्डन में मौत के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्‍त चेतावनी जारी की है

अमेरिकी सैनिक को नुकसान पहुंचाया तो ईरान को भुगतना होगा कई गुना अंजाम: ट्रंप
X

वाश‍िंगटन। 'ऑपरेशन इनहेरेंट रिजॉल्व' में तैनात अमेरिकी सेना के दो सक्रिय सैनिकों की जॉर्डन में मौत के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्‍त चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा कि ईरान की ओर से एक भी अमेरिकी सैनिक को नुकसान पहुंचा तो उनको कई गुना अंजाम भुगतना पड़ेगा।

अमेर‍िकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर ल‍िखा, ''ईरान किसी अमेरिकी सैनिक की जान लेगा, तो उसे उस हत्या की कीमत कई गुना ज्यादा चुकानी पड़ेगी। यह निर्देश युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ, ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन डैनियल केन और सेना के हर बड़े अधिकारी तक पहुंचा दिया गया है।''

अमेर‍िकी राष्‍ट्रपत‍ि का यह बयान म‍िड‍िल ईस्‍ट में तनाव को और बढ़ाने वाला लगता है, क्‍योंक‍ि दोनों देशों की ओर से हमले के साथ-साथ तीखी बयानबाजी का स‍िलस‍िला लगातार बना हुआ है।

बढ़ती तल्खी के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी कह चुके हैं क‍ि अमेरिका के साथ युद्ध तब तक नहीं रुकेगा, जब तक हमें लड़ाई में मजबूत बढ़त नहीं मिल जाती।

सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा, "बातचीत भी तभी होनी चाहिए, जब ईरान ऐसी स्थिति में हो जहां उसे लगे कि हालात उसके पक्ष में हैं।"

अराघची ने कहा कि किसी भी युद्ध का अंत दो तरह से होता है। पहला, जब किसी एक पक्ष को सैन्य जीत मिल जाए। दूसरा, जब दोनों पक्ष बातचीत करके समझौते पर पहुंचें, लेकिन बातचीत तभी करनी चाहिए, जब संघर्ष में अपनी स्थिति मजबूत हो। जल्दबाजी में बातचीत करना सही नहीं होगा।

ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने तीखी प्रत‍िक्र‍िया दी। उन्‍होंने कहा क‍ि अमेर‍िक‍ियों ने शायद हमारी समझ को अपनी बुद्धि की तरह ही कमजोर मान रखा है, लेक‍िन अब हम उनकी चाल को अच्‍छे से समझते हैं।

ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म 'एक्‍स' पर ल‍िखा, ''अमेरिकी लोग लगातार इस क्षेत्र में नए सैन्य उपकरण ला रहे हैं और दावा कर रहे हैं कि वे युद्ध रोकना चाहते हैं। उन्होंने शायद हमारी समझ को अपनी बुद्धि की तरह ही कमजोर मान रखा है।''

उन्‍होंने कहा क‍ि अब हम अमेरिकी चालों को पहचानने में काफी माहिर हो चुके हैं और इसी आधार पर हमने खुद को तैयार किया है। किसी के कहे हुए शब्दों से ज्यादा जरूरी है कि उसके काम भी वही साबित करें। हमारे कार्यों से दावों की पुष्टि होनी चाहिए, उनका खंडन नहीं।

अमेर‍िका और ईरान के बीच एमओयू समझौता टूटने के बाद दोबारा जारी जंग से म‍िड‍िल ईस्‍ट में तनाव के हालात बने हुए हैं। दोनों ही ओर से लगातार हमले जारी हैं।

दोनों देशों के बीच नौ द‍िनों से जारी जंग में एक ओर ईरान खाड़ी देशों में अमेर‍िकी सैन्‍य ठ‍िकानों को न‍िशाना बना रहा है, तो वहीं दूसरी ओर अमेर‍िका लगातार ईरान पर हमले कर रहा है।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it