Top
Begin typing your search above and press return to search.

ईरान :अमेरिकी अधिकारियों को निशाना बनाने की कोशिशें तेज की

वाशिंगटन, अमेरिका के शीर्ष खुफिया अधिकारी ने विदेश मंत्री मार्को रुबियो को चेतावनी दी है कि ईरान ने अमेरिकी अधिकारियों को निशाना बनाने की कोशिशें काफी तेज कर दी हैं और कुछ जानलेवा साजिशें तो अब अपने अंतिम चरण में हैं। इस बीच, वाशिंगटन ने सऊदी अरब से अपने राजनयिकों को वापस बुला लिया है और क्षेत्र में मौजूद कई अन्य दूतावासों में भी अपने कर्मचारियों की संख्या कम कर दी है।

ईरान :अमेरिकी अधिकारियों को निशाना बनाने की कोशिशें तेज की
X

वाशिंगटन, अमेरिका के शीर्ष खुफिया अधिकारी ने विदेश मंत्री मार्को रुबियो को चेतावनी दी है कि ईरान ने अमेरिकी अधिकारियों को निशाना बनाने की कोशिशें काफी तेज कर दी हैं और कुछ जानलेवा साजिशें तो अब अपने अंतिम चरण में हैं। इस बीच, वाशिंगटन ने सऊदी अरब से अपने राजनयिकों को वापस बुला लिया है और क्षेत्र में मौजूद कई अन्य दूतावासों में भी अपने कर्मचारियों की संख्या कम कर दी है।

एक्सिओस की रिपोर्ट के अनुसार, 23 अक्टूबर के एक पन्ने के अनक्लासिफाइड मेमो में नेशनल इंटेलिजेंस के डायरेक्टर जे क्लेटन ने रुबियो को बताया कि ईरान ने अमेरिकी कर्मियों को निशाना बनाने की कोशिशें काफी बढ़ा दी हैं।

एक्सिओस के बराक राविड के अनुसार इस मेमो की एक कॉपी सीआईए डायरेक्टर जॉन रैटक्लिफ को भी भेजी गई थी। इसमें कहा गया है कि जानलेवा साजिशें मध्य पूर्व और कुछ अन्य देशों में काफी आगे के चरण तक पहुँच चुकी हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, मेमो में उन लोगों या देशों के नाम नहीं बताए गए हैं जिन्हें निशाना बनाया जाना है और न ही इन साजिशों के स्वरूप के बारे में कोई जानकारी दी गई है। यह खुफिया जानकारी पहले ही स्टेट डिपार्टमेंट के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ साझा की जा चुकी थी और क्लेटन ने इसे और अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए इसके क्लासिफिकेशन स्तर को कम करने का प्रस्ताव दिया, ताकि इसे स्टेट डिपार्टमेंट के अन्य कर्मचारियों के साथ भी साझा किया जा सके। एक अमेरिकी अधिकारी ने आईएएनएस को इस मेमो की पुष्टि की।

अधिकारी ने कहा, "जब दूतावासों में हमारे स्टाफ की बात आती है, तो हम सुरक्षा माहौल के बारे में नई जानकारी का लगातार आकलन करते रहते हैं। हूती हमलों का खतरा और अमेरिकी अधिकारियों को निशाना बनाने की ईरानी आतंकी साजिशें, इस क्षेत्र में 'आरओ स्टेटस' (सीमित परिचालन स्थिति) वाले दूतावासों में स्टाफ की संख्या में बदलाव करने के हमारे फैसलों को प्रभावित कर रही हैं।"

इस हफ्ते की शुरुआत में विदेश विभाग ने रियाद में अमेरिकी दूतावास और जेद्दा तथा दहरान में स्थित वाणिज्य दूतावासों से गैर-जरूरी स्टाफ को वापस बुलाने का आदेश दिया।

शुक्रवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), लेबनान, कतर और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी दूतावासों में भी स्टाफ की संख्या कम की गई। 'जेरूसलम पोस्ट' के हवाले से सीएनएन ने बताया कि स्टाफ में कटौती बहरीन और कुवैत तक भी पहुंच गई है और राजनयिकों ने इस प्रक्रिया को "अराजक" बताया है।

विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने 'एक्स' पर कहा कि वापस बुलाने का यह आदेश "केवल सऊदी अरब" के लिए है। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिर से सैन्य कार्रवाई का विकल्प खुला रखा है। शुक्रवार को फ्लोरिडा में एक रैली को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा, "हम शायद एक और छोटा 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' चलाएं, या फिर ईरानी मान जाएं।"

एनबीसी न्यूज ने 21 अक्टूबर को रिपोर्ट दी थी कि अमेरिकी सेना मध्य पूर्व में स्थित अपने ठिकानों पर चुपचाप सैनिकों की संख्या भी कम कर रही है।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it