भारत-मंगोलिया रक्षा वार्ता
नई दिल्ली, भारत और मंगोलिया ने अपने सैन्य सहयोग का दायरा बढ़ाने पर सहमति जताई है। शुक्रवार को भारत और मंगोलिया के रक्षा मंत्रालयों के बीच 14वीं संयुक्त कार्य समूह की बैठक हुई। इस बैठक में मौजूदा रक्षा सहयोग की समीक्षा की गई। साथ ही, मौजूदा समय में जारी पहलों की प्रगति का आकलन किया गया।

नई दिल्ली, भारत और मंगोलिया ने अपने सैन्य सहयोग का दायरा बढ़ाने पर सहमति जताई है। शुक्रवार को भारत और मंगोलिया के रक्षा मंत्रालयों के बीच 14वीं संयुक्त कार्य समूह की बैठक हुई। इस बैठक में मौजूदा रक्षा सहयोग की समीक्षा की गई। साथ ही, मौजूदा समय में जारी पहलों की प्रगति का आकलन किया गया।
यह महत्वपूर्ण वार्ता मंगोलिया की राजधानी उलानबटार में 16 अक्टूबर को हुई। यहां दोनों देशों ने सहयोग के नए क्षेत्रों में आगे बढ़ने के उपायों पर चर्चा भी की है। यहां दोनों ही पक्षों ने नियमित संवाद के जरिए रक्षा साझेदारी को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। बैठक की सह-अध्यक्षता भारत के रक्षा मंत्रालय की संयुक्त सचिव डॉ. इशिता गांगुली त्रिपाठी और मंगोलिया के रक्षा मंत्रालय के उप राज्य सचिव ब्रिगेडियर जनरल गांसुख ई. ने की। बैठक में क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया गया।
बैठक में भारत और मंगोलिया के बीच आयोजित संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘नोमैडिक एलीफेंट’ के सफल समापन की सराहना की गई। दोनों पक्षों ने इसे द्विपक्षीय सैन्य सहयोग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना है। मंगोलिया ने अपने सशस्त्र बलों के जवानों के प्रशिक्षण और उनकी क्षमता बढ़ाने में भारत की ओर से मिल रहे निरंतर सहयोग की भी सराहना की।
वहीं, डॉ. इशिता गांगुली त्रिपाठी ने मंगोलियाई सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ के उप प्रमुख मेजर जनरल उसुखबयार जे. से मुलाकात की। इस दौरान सैन्य संबंधों को और गहरा करने पर जोर दिया गया। दोनों पक्षों ने अपने रक्षा बलों के बीच सहयोग में हुई प्रगति पर संतोष जताया। साथ ही, रक्षा संबंधों को और मजबूत करने, आपसी संपर्क बढ़ाने और भारत-मंगोलिया रणनीतिक साझेदारी को आगे ले जाने के लिए भविष्य की कार्ययोजना तैयार करने पर चर्चा की।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने मंगोलिया के राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय का दौरा भी किया। यहां भारत की सहायता से स्थापित साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण केंद्र के कामकाज की समीक्षा की गई। मंगोलियाई पक्ष ने भाषा प्रशिक्षण और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में भारत के निरंतर सहयोग की सराहना की। दोनों देशों ने रक्षा कर्मियों की क्षमता बढ़ाने, ज्ञान साझा करने और रक्षा सहयोग को अधिक गहरा बनाने के महत्व को रेखांकित किया। साइबर सुरक्षा और भाषा प्रशिक्षण जैसे क्षेत्रों में सहयोग को रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम माना गया।
बता दें कि भारत और मंगोलिया के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंध लंबे समय से रहे हैं। दोनों देशों ने साझा आस्था और सांस्कृतिक विरासत को आपसी निकटता का महत्वपूर्ण आधार माना है। हालिया यात्रा ने भी इन संबंधों की भूमिका को रेखांकित किया। रक्षा क्षेत्र में नियमित संवाद, सैन्य प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण से दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।


