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भारत-कनाडा : सीईपीए पर तेजी से बढ़ रही बातचीत

नई दिल्ली, कनाडा में भारत के उच्चायुक्त दिनेश के. पटनायक ने बुधवार को कहा कि भारत और कनाडा के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) पर बातचीत तेजी से आगे बढ़ रही है और दोनों देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रस्तावित दिसंबर कनाडा यात्रा से पहले वार्ता पूरी करने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं।

भारत-कनाडा : सीईपीए पर तेजी से बढ़ रही बातचीत
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नई दिल्ली, कनाडा में भारत के उच्चायुक्त दिनेश के. पटनायक ने बुधवार को कहा कि भारत और कनाडा के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) पर बातचीत तेजी से आगे बढ़ रही है और दोनों देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रस्तावित दिसंबर कनाडा यात्रा से पहले वार्ता पूरी करने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं।

न्यूज एजेंसी आईएएनएस को दिए एक साक्षात्कार में पटनायक ने कहा कि सीईपीए वार्ता का चौथा दौर पूरा हो चुका है और चर्चाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं।

उन्होंने विश्वास जताया कि समझौते को नवंबर तक अंतिम रूप दिया जा सकता है। यह लक्ष्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी द्वारा वार्ता शुरू होने के एक वर्ष के भीतर इसे पूरा करने की प्रतिबद्धता के अनुरूप है।

पटनायक ने आगे कहा कि भारत को उम्मीद है कि प्रधानमंत्री मोदी की कनाडा यात्रा के दौरान इस व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि व्यापार, निवेश, रक्षा, एयरोस्पेस, अंतरिक्ष, कृषि-खाद्य और ऊर्जा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में भारत-कनाडा व्यापक साझेदारी की नींव फिर से मजबूत हुई है।

प्रस्तावित समझौते के महत्व पर प्रकाश डालते हुए भारतीय उच्चायुक्त ने कहा कि सीईपीए से टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाएं कम होंगी, तकनीकी व्यापार संबंधी अड़चनों का समाधान होगा और अनुपालन संबंधी आवश्यकताएं आसान होंगी। इससे दोनों देशों के व्यवसायों को संचालन में सुविधा मिलेगी।

उन्होंने आईएएनएस से कहा कि यह समझौता निवेश प्रवाह को बढ़ाने, सेवाओं के व्यापार का विस्तार करने और लोगों, वस्तुओं तथा पूंजी की आवाजाही को आसान बनाने में मदद करेगा, जिससे द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।

पटनायक ने यह भी कहा कि कनाडा, भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था की जरूरतों को पूरा करने के लिए ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिजों और एयरोस्पेस उत्पादों का दीर्घकालिक आपूर्तिकर्ता बन सकता है।

उन्होंने कहा कि भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था को अधिक मात्रा में संसाधनों, प्रौद्योगिकी और उन्नत उत्पादों की आवश्यकता होगी, जिनमें कृषि-खाद्य उत्पाद, ऊर्जा, एयरोस्पेस एवं रक्षा उपकरण, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) समाधान शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि भारत और कनाडा के बीच घनिष्ठ आर्थिक सहयोग दोनों देशों को व्यापार बढ़ाने के साथ-साथ व्यापक रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने में मदद कर सकता है।

उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों, कानून के शासन और खुली अर्थव्यवस्था के प्रति समान प्रतिबद्धता रखने वाले देशों के साथ मजबूत जुड़ाव विभिन्न क्षेत्रों में दीर्घकालिक सहयोग के नए अवसर पैदा करेगा।


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