हूती : यूएन कर्मी की मौत, गुटेरेस नाराज
न्यूयॉर्क, यमन में हूती विद्रोहियों की हिरासत में संयुक्त राष्ट्र के एक कर्मचारी मोहम्मद अल-शामी की मौत पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने गहरा दुख और नाराजगी जताई है। उन्होंने इस घटना की तत्काल, निष्पक्ष, पारदर्शी और विस्तृत जांच कराने की मांग की है।

न्यूयॉर्क, यमन में हूती विद्रोहियों की हिरासत में संयुक्त राष्ट्र के एक कर्मचारी मोहम्मद अल-शामी की मौत पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने गहरा दुख और नाराजगी जताई है। उन्होंने इस घटना की तत्काल, निष्पक्ष, पारदर्शी और विस्तृत जांच कराने की मांग की है।
गुटेरेस के प्रवक्ता की ओर से जारी बयान में कहा गया, " महासचिव संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (ओएचसीएचआर) के साथ काम करने वाले अल-शामी की मौत से बेहद स्तब्ध हैं। इस घटना को दुखद बताते हुए कहा कि फिलहाल उनकी मौत के हालात स्पष्ट नहीं हैं।"
बयान के मुताबिक, अल-शामी को जून 2024 में हिरासत में लिया गया था। इसके बाद से हूती विद्रोहियों के वास्तविक प्रशासन ने संयुक्त राष्ट्र के बार-बार अनुरोध के बावजूद न तो उनकी स्थिति के बारे में कोई जानकारी दी और न ही उनके जीवित होने का प्रमाण उपलब्ध कराया।
प्रवक्ता ने कहा, "संयुक्त राष्ट्र अब हूती अधिकारियों से उनकी मौत की परिस्थितियों को लेकर तत्काल जवाब मांग रहा है। संगठन ने इस मामले में जवाबदेही तय करने और पूरी सच्चाई सामने लाने की जरूरत पर जोर दिया है।"
इस घटना ने यमन में संयुक्त राष्ट्र के कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अल-शामी हूती विद्रोहियों की हिरासत में जान गंवाने वाले दूसरे संयुक्त राष्ट्र कर्मचारी हैं। इससे पहले फरवरी 2025 में विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) के एक कर्मचारी की भी हिरासत के दौरान मौत हो गई थी।
महासचिव ने याद दिलाया कि हिरासत में रखे गए सभी व्यक्तियों के साथ मानवीय व्यवहार किया जाना चाहिए और उनकी अंतर्निहित गरिमा और मानवाधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए।
बयान के मुताबिक, महासचिव हिरासत में रखे गए 70 संयुक्त राष्ट्र कर्मियों, पांच पूर्व संयुक्त राष्ट्र स्टाफ सदस्यों और मानवीय और नागरिक समाज संगठनों के कर्मियों की सुरक्षा और शारीरिक और मनोवैज्ञानिक कल्याण के लिए बहुत रूप से चिंतित हैं। उन्होंने उनकी तत्काल और बिना शर्त रिहाई की अपील की है।


