Top
Begin typing your search above and press return to search.

विदेश मंत्री ने ग्रीस की राजदूत से की विदाई मुलाकात

नई दिल्ली, भारत में ग्रीस की राजदूत अलिकी कौत्सोमितोपोउलो ने सोमवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की।

विदेश मंत्री ने ग्रीस की राजदूत से की विदाई मुलाकात
X

नई दिल्ली, भारत में ग्रीस की राजदूत अलिकी कौत्सोमितोपोउलो ने सोमवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की। इस दौरान द्विपक्षीय संंबंधों को सहज बनाने में उनके योगदान को विदेश मंत्री ने सराहा।

एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा, "ग्रीस की राजदूत अलिकी कौत्सोमितोपोउलो से विदाई मुलाकात करना सुखद रहा। उनके कार्यकाल के दौरान हमारे द्विपक्षीय संबंधों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। मैंने उनके योगदान की सराहना की और भविष्य के प्रयासों के लिए उन्हें शुभकामनाएं दीं।"

कौत्सोमितोपोउलो ने 2024 में भारतीय राजदूत की जिम्मेदारी संभाली थी। इन दो साल में उन्होंने भारत के राष्ट्रीय से लेकर सांस्कृतिक पर्वों में भाग लिया। एक्स पर ग्रीस दूतावास के अकाउंट पर उनकी सक्रियता का भान होता है।

भारत और ग्रीस के संबंध 2 हजार साल से ज्यादा पुराने हैं जो सांस्कृतिक और व्यापारिक संपर्कों पर टिके हैं। पिछले कुछ साल में इन संबंधों में और गति आई है। अगस्त 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ग्रीस की आधिकारिक यात्रा पर थे। इस दौरान इन संबंधों को 'रणनीतिक साझेदारी' के स्तर तक उन्नत किया गया था।

दोनों देशों ने मई 1950 में औपचारिक राजनयिक संबंध स्थापित किए गए थे। वहीं, भारत ने मार्च 1978 में एथेंस में अपना स्थायी दूतावास खोला तो नई दिल्ली में ग्रीस का दूतावास फरवरी 2001 में खुला।

दोनों देश रक्षा औद्योगिक सहयोग और संयुक्त सैन्य अभ्यासों में शामिल रहे हैं। भारतीय वायुसेना और ग्रीस की वायुसेना बहुराष्ट्रीय अभ्यास 'इनिओचोस' में हिस्सा लेती रही है।

हाल ही में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने ग्रीस के राष्ट्रीय रक्षा जनरल स्टाफ के प्रमुख जनरल दिमित्रियोस से मुलाकात की थी। इस दौरान दोनों पक्षों ने सैन्य संबंधों को मजबूत करने और साझा रणनीतिक हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की थी। बैठक में भारत और ग्रीस के बीच रणनीतिक हितों में बढ़ती समानता पर जोर दिया गया।

दोनों पक्षों ने माना कि रक्षा सहयोग को नई दिशा देने के लिए नियमित संवाद और सैन्य संपर्क आवश्यक हैं। इसके लिए दोनों देशों के रक्षा बलों के बीच तकनीकी स्तर पर बातचीत और आदान-प्रदान बढ़ाने पर जोर दिया गया। चर्चा में रक्षा उद्योग के क्षेत्र में सहयोग को भी प्रमुखता दी गई।

वहीं आर्थिक क्षेत्र में हुए सहयोग की बात करें तो द्विपक्षीय व्यापार वर्ष 2022-23 में लगभग 2 बिलियन अमेरिकी डॉलर का था। वर्ष 2030 तक इस व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it