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आर्थ‍िक दबाव : ईरान से जुड़े बैंकों और कंपनियों पर नए प्रतिबंध लगाए

वाशिंगटन, ट्रंप प्रशासन ने ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने के तहत कई बैंकों, कंपनियों और व्यक्तियों पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। इन प्रतिबंधों के तहत एक इराकी बैंक, ईरान से जुड़े ऑफशोर बैंक, दुबई में काम करने वाला एक ईरानी तेल कारोबारी नेटवर्क, हांगकांग की एक फ्रंट कंपनी और क्यूबा के एक सरकारी बैंक को निशाना बनाया गया है।

आर्थ‍िक दबाव : ईरान से जुड़े बैंकों और कंपनियों पर नए प्रतिबंध लगाए
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वाशिंगटन, ट्रंप प्रशासन ने ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने के तहत कई बैंकों, कंपनियों और व्यक्तियों पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। इन प्रतिबंधों के तहत एक इराकी बैंक, ईरान से जुड़े ऑफशोर बैंक, दुबई में काम करने वाला एक ईरानी तेल कारोबारी नेटवर्क, हांगकांग की एक फ्रंट कंपनी और क्यूबा के एक सरकारी बैंक को निशाना बनाया गया है।

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा, "ईरान की अर्थव्यवस्था पर शिकंजा लगातार कसता जा रहा है और उसके तथाकथित सहयोगी भी अब उसे नहीं बचा सकते।"

उन्होंने कहा कि अमेरिकी वित्त मंत्रालय तब तक पीछे नहीं हटेगा, जब तक ईरानी सरकार के आर्थिक संसाधन खत्म नहीं हो जाते और उसकी सैन्य गतिविधियों को सहारा देने वाले सभी वित्तीय रास्ते बंद नहीं कर दिए जाते।

अमेरिकी वित्त मंत्रालय के अनुसार, इन नेटवर्कों ने मध्य पूर्व और एशिया में शेल कंपनियों और विदेशी मुद्रा कारोबारियों के जरिए सैकड़ों मिलियन डॉलर का लेन-देन किया है। प्रतिबंधित लोगों में सैयद रूहोल्लाह रजावी भी शामिल हैं, जिन्हें अमेरिकी अधिकारियों ने ईरानी सरकार के प्रमुख तेल कारोबारियों में से एक बताया है।

वित्त मंत्रालय के अनुसार, रजावी दुबई में रहते हैं और पहले अमेरिकी प्रतिबंधों से पहले ईरान की राष्ट्रीय तेल कंपनी की ओर से हर महीने लाखों बैरल तेल विदेश भेजने का काम करते थे।

अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि ऐसे नेटवर्क हांगकांग के रास्ते धन को यूएई और तुर्किये तक पहुंचाते हैं, जहां उसे सोने और नकदी में बदला जाता है। बाद में यह धन 'माहान एयर' की उड़ानों के जरिए ईरान और उसके समर्थक समूहों तक पहुंचाया जाता है।

'एलीटस्फीयर ट्रेडिंग कंपनी लिमिटेड' नाम की हांगकांग स्थित कंपनी पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। आरोप है कि यह कंपनी ईरान के 'शहर बैंक' से जुड़े नेटवर्क के लिए धन के लेन-देन में मदद कर रही थी।

इसके अलावा, दुबई में रहने वाले ईरानी-डोमिनिकन नागरिक सादेघ बावी पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। अमेरिका का आरोप है कि वह ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स-कुद्स फोर्स (आईआरजीसी-क्‍यूएफ) से जुड़ी गतिविधियों में मदद कर रहे थे।

अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने इराक स्थित इंटरनेशनल डेवलपमेंट बैंक फॉर इन्वेस्टमेंट एंड फाइनेंस पर भी प्रतिबंध लगाया है। अमेरिका का आरोप है कि यह बैंक ईरान को अमेरिकी डॉलर तक पहुंच उपलब्ध करा रहा था। इसके साथ ही ईरान के दो ऑफशोर बैंक, जजीरेह इंटरनेशनल बैंक कंपनी और चाबहार इंटरनेशनल बैंक ओवरसीज कंपनी भी प्रतिबंधों के दायरे में आ गए हैं।

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने अलग से क्यूबा के सरकारी बैंक बैंको इंटरनेशनल डी कॉमर्सियो एस.ए. (बीआईसीएसए) पर प्रतिबंधों की घोषणा की। रुबियो का आरोप है कि यह बैंक 2022 से ईरान के पहले से प्रतिबंधित कराफरीन बैंक को वित्तीय सेवाएं दे रहा था।

उन्होंने कहा, "काफी लंबे समय से कम्युनिस्ट क्यूबा को ऐसे देशों और संगठनों के लिए ठिकाने की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है, जो अमेरिका के लिए खतरा पैदा करते हैं, जिनमें ईरान भी शामिल है।"

रुबियो ने कहा कि ट्रंप प्रशासन अमेरिकी तट से कुछ ही दूरी पर किसी भी विद्रोही राज्य को विदेशी सैन्य, खुफिया या आतंकी गतिविधियों की मेजबानी करने की छूट नहीं देगा।

अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि जिन विदेशी वित्तीय संस्थानों का संबंध प्रतिबंधित व्यक्तियों या संस्थाओं के साथ पाया जाएगा, उन पर भी द्वितीयक प्रतिबंध (सेकेंडरी सैंक्शंस) लगाए जा सकते हैं।

एक अलग कदम में, अमेरिकी वित्तीय अपराध प्रवर्तन नेटवर्क ने बैंकों को सतर्क रहने का निर्देश दिया है और कहा है कि वे ऐसे लेन-देन की रिपोर्ट करें जिनमें ईरान धार्मिक चैरिटी नेटवर्क का दुरुपयोग कर रहा हो। अमेरिका को आशंका है कि धार्मिक दान, विशेष रूप से "खुम्स" के रूप में दिए जाने वाले योगदान, का इस्तेमाल अन्य उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है।

स्कॉट बेसेंट ने कहा, "राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व में हम ईरानी सरकार को धार्मिक संस्थाओं का इस्तेमाल करके अपने नेताओं को फायदा पहुंचाने और आतंकवाद के वित्तपोषण की अनुमति नहीं देंगे।"

ट्रंप प्रशासन ने 'ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट' की शुरुआत 24 अगस्त को की थी। इस अभियान का उद्देश्य ईरान के उन वित्तीय और कारोबारी नेटवर्कों पर कार्रवाई करना है, जिनके जरिए वह अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से बचने की कोशिश करता है। इससे पहले भी यूएई, हांगकांग, चीन और अन्य देशों में मौजूद ईरान से जुड़े शिपिंग, खरीद-फरोख्त और वित्तीय नेटवर्कों पर कार्रवाई की जा चुकी है।


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