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चीन-यूरोप : वाहन व्यापार पर सहमति

बीजिंग, चीनी वाणिज्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने चीन और यूरोप के बीच हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों के व्यापार को लेकर हुई सहमति पर मीडिया के सवालों का जवाब दिया।

चीन-यूरोप : वाहन व्यापार पर सहमति
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बीजिंग, चीनी वाणिज्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने चीन और यूरोप के बीच हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों के व्यापार को लेकर हुई सहमति पर मीडिया के सवालों का जवाब दिया।

एक संवाददाता ने पूछा कि हाल के दिनों में चीन और यूरोप ने व्यापार एवं निवेश परामर्श तंत्र के तहत हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों के व्यापार पर गहन चर्चा की है। इससे दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ने की आशंका को टालने में मदद मिली है। हालांकि, कुछ विदेशी मीडिया रिपोर्टों में हाइब्रिड वाहनों के व्यापार की मात्रा और इससे जुड़ी अन्य व्यवस्थाओं को लेकर कई तरह के अनुमान लगाए जा रहे हैं। इस पर चीन की क्या प्रतिक्रिया है?

इसके जवाब में चीनी वाणिज्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि चीन और यूरोप ने व्यापार एवं निवेश परामर्श तंत्र के तहत लगातार बातचीत की है और कई मुद्दों पर सहमति बनाई है। इससे चीन और यूरोप के बीच स्थिर और संतुलित व्यापारिक साझेदारी बनाए रखने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने आपसी सम्मान और समान परामर्श के सिद्धांतों के आधार पर हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों के व्यापार पर विस्तार से चर्चा की। इसके साथ ही, आर्थिक और व्यापारिक मतभेदों को दूर करने तथा एक-दूसरे की चिंताओं का संतुलित तरीके से समाधान करने पर भी जोर दिया।

प्रवक्ता ने आगे कहा कि हाइब्रिड वाहनों के व्यापार के संबंध में दोनों पक्षों ने तीन बुनियादी सिद्धांतों पर जोर दिया और उनकी पुष्टि की। पहला सिद्धांत तथ्यों का सम्मान करना है। यूरोपीय संघ के सांख्यिकी कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक, यूरोपीय संघ ने चीन से 2024 में 1.07 लाख और 2025 में 3.02 लाख हाइब्रिड वाहन आयात किए। दोनों पक्षों ने वर्ष 2025 के आंकड़ों को आधार बनाकर व्यापार व्यवस्था पर सहमति जताई। इससे चीनी कंपनियों के निर्यात के अवसर और स्थिर वृद्धि सुनिश्चित करने के साथ-साथ दोनों पक्षों के उद्योगों की वास्तविक स्थिति और उनकी जायज चिंताओं का भी ध्यान रखा जाएगा।

दूसरा सिद्धांत गैर-भेदभाव का है। इसके तहत कोई भी उपाय खास तौर पर चीनी उत्पादों को निशाना बनाकर नहीं किया जाएगा और न ही चीनी कंपनियों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार होगा। तीसरा सिद्धांत नियमों का पालन करना है। दोनों पक्षों ने इस बात की पुष्टि की कि व्यापार व्यवस्था विश्व व्यापार संगठन के नियमों के अनुरूप होनी चाहिए।

प्रवक्ता ने कहा कि ये तीनों सिद्धांत पूरी बातचीत के दौरान लागू रहे। साथ ही, ये चीनी कंपनियों के वैध अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए एक मजबूत आधार भी प्रदान करते हैं।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)


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