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ब्राजील : लूला और बोल्सोनारो के बीच कांटे की टक्कर

ब्रसीलिया, ब्राजील में राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे चरण की पूर्व संध्या पर वर्तमान राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा के दस लाख से अधिक समर्थकों ने रैली निकाली। रविवार को 159 मिलियन (करीब 16 करोड़) लोग अपने मतों का प्रयोग करेंगे। स्थानीय समयानुसार सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे के बीच मतदान होना है।

ब्राजील : लूला और बोल्सोनारो के बीच कांटे की टक्कर
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ब्रसीलिया, ब्राजील में राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे चरण की पूर्व संध्या पर वर्तमान राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा के दस लाख से अधिक समर्थकों ने रैली निकाली। रविवार को 159 मिलियन (करीब 16 करोड़) लोग अपने मतों का प्रयोग करेंगे। स्थानीय समयानुसार सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे के बीच मतदान होना है।

इस चुनाव में लूला और दक्षिणपंथी उम्मीदवार फ्लावियो बोल्सोनारो के बीच कड़ा मुकाबला है। पहले चरण में लूला को पछाड़कर बढ़त हासिल करने वाले फ्लावियो बोल्सोनारो अब राष्ट्रपति पद की दौड़ में मजबूत चुनौती पेश कर रहे हैं। फ्लावियो पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के बेटे हैं।

पहले चरण में फ्लावियो बोल्सोनारो को 47.03 प्रतिशत वैध वोट मिले थे, जबकि लूला को 45.16 प्रतिशत मत हासिल हुए थे। इस तरह फ्लावियो ने लूला पर करीब 1.87 प्रतिशत अंक की बढ़त बनाई थी। किसी भी उम्मीदवार को 50 प्रतिशत से अधिक वैध वोट नहीं मिलने के कारण चुनाव दूसरे चरण में पहुंच गया।

दूसरे चरण के मतदान से पहले आए सर्वेक्षणों में दोनों उम्मीदवारों के बीच बेहद करीबी मुकाबले का संकेत मिला है। 24 अक्टूबर को जारी सीएनटी/एमडीए सर्वेक्षण में वैध मतों के आधार पर फ्लावियो को 50.7 प्रतिशत और लूला को 49.3 प्रतिशत समर्थन मिलने का अनुमान जताया गया। अन्य सर्वेक्षणों में भी दोनों के बीच मामूली अंतर दिखाई दिया। हालांकि, सर्वेक्षणों से चुनाव के अंतिम नतीजे का निश्चित अनुमान नहीं लगाया जा सकता।

ब्राजील में मतदान अनिवार्य है और करीब 16 करोड़ मतदाता इस चुनाव में हिस्सा लेने के पात्र हैं। पहले चरण में मतदान नहीं करने वाले मतदाता भी दूसरे चरण में वोट डाल सकते हैं। इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग प्रणाली वाले इस चुनाव के नतीजे मतदान समाप्त होने के कुछ घंटों के भीतर आने की उम्मीद है।

चुनाव में अर्थव्यवस्था, महंगाई, अपराध और राष्ट्रीय संप्रभुता प्रमुख मुद्दे बने हुए हैं। लूला ने सामाजिक कल्याण योजनाओं, कर राहत और काम के घंटों में कमी जैसे प्रस्तावों के जरिए मतदाताओं को आकर्षित करने की कोशिश की है। उनके पिछले कार्यकाल आर्थिक वृद्धि और गरीबी कम करने की नीतियों के लिए जाने जाते हैं, लेकिन मौजूदा कार्यकाल में जीवन-यापन की लागत और अपराध को लेकर उनकी सरकार को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है।

वहीं, फ्लावियो बोल्सोनारो ने कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और संगठित अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई का वादा किया है। उनकी राजनीति काफी हद तक उनके पिता जायर बोल्सोनारो की रूढ़िवादी विचारधारा से जुड़ी है। पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो 2022 के चुनाव में हार के बाद तख्तापलट की साजिश से जुड़े मामले में 27 साल की सजा काट रहे हैं।

दूसरे चरण में उन मतदाताओं की भूमिका भी अहम मानी जा रही है, जिन्होंने पहले चरण में किसी अन्य उम्मीदवार को वोट दिया था या मतदान में हिस्सा नहीं लिया था। दोनों उम्मीदवारों ने अंतिम समय में ऐसे मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए अभियान तेज किया। पहले चरण में फ्लावियो की बढ़त के बावजूद दूसरे चरण में मुकाबला खुला हुआ माना जा रहा है।

इस चुनाव का असर ब्राजील की विदेश नीति पर भी पड़ सकता है। लैटिन अमेरिका की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था ब्राजील के अमेरिका और चीन के साथ संबंध क्षेत्रीय और वैश्विक राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लावियो के प्रति समर्थन जताया है।


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