Top
Begin typing your search above and press return to search.

बलूचिस्तान : 16 स्थलों पर किया अटैक

क्वेटा, बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने पिछले छह दिनों में बलूचिस्तान के अलग-अलग इलाकों में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों को निशाना बनाकर किए गए 16 हमलों की जिम्मेदारी ली है। दावा किया है कि हमलों में कई सुरक्षाकर्मी मारे गए और कई अन्य घायल हो गए।

बलूचिस्तान : 16 स्थलों पर किया अटैक
X

क्वेटा, बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने पिछले छह दिनों में बलूचिस्तान के अलग-अलग इलाकों में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों को निशाना बनाकर किए गए 16 हमलों की जिम्मेदारी ली है। दावा किया है कि हमलों में कई सुरक्षाकर्मी मारे गए और कई अन्य घायल हो गए।

सोमवार को एक बयान में, बीएलए प्रवक्ता जीयंद बलोच ने दावा किया कि समूह ने 7 से 12 अक्टूबर के बीच कई अभियान सफलता से पूरे किए। इनमें मिलिट्री काफिले को निशाना बनाना, आईईडी और स्नाइपर हमले, हाईवे ब्लॉक करना और पाकिस्तानी सेना के लिए मुखबिरी करने वालों को उनके अंजाम तक पहुंचाना शामिल था।

बीएलए के अनुसार, उसके लड़ाकों ने 10 अक्टूबर को पंजगुर जिले के पांची इलाके में पाकिस्तानी सेना के एक काफिले पर हमला किया, जिसमें चार जवान मारे गए और कई अन्य घायल हो गए। समूह ने यह भी दावा किया कि सेना की दो गाड़ियों को सीधे निशाना पर लिया गया।

बीएलए ने दावा किया कि उसकी एरियल और ड्रोन वॉरफेयर यूनिट, क्यूएएचआर ने उसी दिन किला अब्दुल्ला में सेना के जवानों को ले जा रहे एक वाहन पर घात लगाकर हमला किया, जिसमें तीन लोग मारे गए और सात से ज्यादा घायल हो गए। समूह ने कहा कि यह वाहन एक कैंप पर ड्रोन हमले के बाद उस जगह की ओर जा रही थी, जिसे उसने "डेथ स्क्वाड" बेस बताया था।

समूह ने कहा कि 10 अक्टूबर को एक और हमले में लड़ाकों ने अवरां जिले के गिशकौर इलाके में पाकिस्तानी सेना और सरकार समर्थित हथियारबंद समूह के सदस्यों पर हमला किया। उन्होंने दावा किया कि दो सदस्य मारे गए और दो अन्य घायल हो गए। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तानी सैन्यकर्मी भी इसकी चपेट में आए थे, लेकिन संख्या नहीं बताई।

इसके अलावा, बीएलए लड़ाकों ने 11 अक्टूबर को मंगुचर के चोटंक इलाके में सड़क साफ कर रहे जवानों, कमर्शियल वाहनों और सेना के काफिले पर हमला किया। समूह ने कहा कि सेना के दो जवान मारे गए और कई अन्य घायल हो गए।

उसी दिन, समूह ने कहा कि उसके लड़ाकों ने अवरां के ग्वारकोप इलाके में काफिलों को सुरक्षा दे रही पाकिस्तानी सेना पर हमला किया।

उन्होंने यह भी दावा किया कि 12 अक्टूबर को बासिमा के कलघाली इलाके में तैनात एक सैनिक स्नाइपर हमले में मारा गया।

बीएलए के अनुसार, उसके लड़ाकों ने 8 अक्टूबर को खुजदार जिले के पीर उमर इलाके में हमजा घर चेकपोस्ट पर पाकिस्तानी सेना पर हमला किया, और उसके बाद पैदल जा रहे बम डिस्पोजल टीम के जवानों पर आईईडी से हमला किया।

समूह ने दावा किया कि पाकिस्तान का एक जवान मारा गया और दो घायल हो गए। उन्होंने यह भी कहा कि सेना के पीछे हटने के बाद उनके लड़ाकों ने चेकपोस्ट को उड़ा दिया। बीएलए ने ग्वादर जिले के तटीय इलाके जिवानी में पाकिस्तान कोस्ट गार्ड की दो नावों पर हमले में पाकिस्तान के 13 जवानों को मारने की जिम्मेदारी भी ली।

बीएलए के प्रवक्ता जीयंद बलोच ने कहा कि ग्रुप की समुद्री विंग, हम्माल मैरीटाइम डिफेंस फोर्स (एचएमडीएफ) ने 11 अक्टूबर को कोस्ट गार्ड की दो बड़ी नावों पर एक साथ मिलकर हमला किया, जिसमें 13 जवान मौके पर ही मारे गए।

जिवानी हमले को जमीन और समुद्र में अपने बढ़ते दबदबे का सबूत बताया। समूह ने कहा, "यह हमला दिखाता है कि बीएलए ने अब एक मल्टी-डायमेंशनल कॉम्बैट स्ट्रक्चर बना लिया है, जहां जमीनी मोर्चे के साथ-साथ समुद्री मोर्चे पर भी कब्जा करने वाले देश के लिए कोई सुरक्षित जगह नहीं बची है।"

ग्रुप ने बलोच तट को पाकिस्तान और उसके सहयोगियों के लिए "आर्थिक और व्यापारिक जीवनरेखा" बताया और उन पर आरोप लगाया कि वे स्थानीय मछुआरों की आजीविका की कीमत पर व्यापारिक प्रोजेक्ट्स और सैन्यकरण के जरिए तटीय संसाधनों का शोषण कर रहे हैं।

इसने चेतावनी दी कि समुद्री आवाजाही, सप्लाई और मिलिट्री एसेट्स को निशाना बनाया जाता रहेगा और ऐलान किया कि "हमारी यह नौसैनिक लड़ाई पूरी ताकत के साथ जारी रहेगी।"


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it