रियाद की ओर दागी गईं बैलिस्टिक मिसाइलें
रियाद, सऊदी अरब की राजधानी रियाद में एक बार फिर हमला किया गया है। प्रशासन के मुताबिक वित्तीय जिले को रविवार को निशाना बनाए जाने की खबर है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो, हमले में अरामको की इमारत को नुकसान पहुंचा है। प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से यह जानकारी दी गई है।

रियाद, सऊदी अरब की राजधानी रियाद में एक बार फिर हमला किया गया है। प्रशासन के मुताबिक वित्तीय जिले को रविवार को निशाना बनाए जाने की खबर है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो, हमले में अरामको की इमारत को नुकसान पहुंचा है। प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से यह जानकारी दी गई है।
इस बीच, सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने दावा किया कि उसकी वायु रक्षा प्रणालियों ने राजधानी रियाद की ओर हूती विद्रोहियों द्वारा दागी गई दो बैलिस्टिक मिसाइलों को बीच में ही रोककर नष्ट कर दिया।
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, मिसाइलों की आशंका के बीच रियाद क्षेत्र में नागरिक सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया था। राजधानी में तेज धमाकों की आवाजें भी सुनी गईं। बाद में अधिकारियों ने खतरा टलने की घोषणा की। गठबंधन ने इसके बाद रियाद और सऊदी अरब के दक्षिणी क्षेत्र में दो क्रूज मिसाइलों को भी नष्ट करने की जानकारी दी।
अरामको की इमारत को नुकसान पहुंचने की खबर को लेकर अभी विस्तृत आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए वित्तीय जिले में नुकसान और मिसाइलों को रोकने की सैन्य कार्रवाई को अलग-अलग घटनाक्रम के रूप में देखा जाना चाहिए।
सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच संघर्ष की जड़ें यमन के गृहयुद्ध से जुड़ी हैं। हूती आंदोलन ने 2014 में यमन की राजधानी सना पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद मार्च 2015 में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त यमनी सरकार के समर्थन में सैन्य हस्तक्षेप किया।
हूती आंदोलन को कथित तौर पर ईरान का समर्थन प्राप्त है। यह संगठन यमन के उत्तरी हिस्से और राजधानी सना सहित देश के बड़े आबादी वाले क्षेत्रों पर नियंत्रण रखता है। दूसरी ओर, यमन की अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार को सऊदी अरब का समर्थन हासिल है।
फरवरी 2026 में अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमलों के बाद क्षेत्रीय संघर्ष का दायरा बढ़ा। हूती ने सऊदी अरब के हवाई अड्डों, बंदरगाहों और तेल प्रतिष्ठानों को मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने जवाबी सैन्य कार्रवाई की।
पिछले एक महीने में ही ताबड़तोड़ हमले किए गए हैं। अक्टूबर 2026 में सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों के हमलों का सिलसिला तेज हो गया। 6 और 7 अक्टूबर को मिसाइलों और ड्रोन से किए गए शुरुआती बड़े हमलों में एक नागरिक की मौत हो गई, जबकि आठ अन्य घायल हुए। इसके अगले दिन, 8 अक्टूबर को हूती ने हवाई अड्डे की सुविधाओं और वहां खड़े सऊदिया एयरलाइंस के एयरबस विमानों को निशाना बनाकर दो हमले किए, जिनमें तीन सऊदी नागरिकों की जान चली गई।
10 अक्टूबर को हुआ हमला इस कड़ी का सबसे घातक हमला साबित हुआ। मिसाइल हमले में 12 लोगों की मौत हो गई और 300 से अधिक लोग घायल हुए। मृतकों में भारतीय और बांग्लादेशी नागरिक भी शामिल थे। भारत सरकार ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे अस्वीकार्य बताया और हमलों को तत्काल रोकने की मांग की।
इसके बावजूद 11 अक्टूबर को रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-4 को फिर निशाना बनाया गया। हमले के बाद पैसेंजर हॉल में आग लग गई और एक पाकिस्तानी नागरिक की मौत हो गई। 12 अक्टूबर को हूती ने एक बार फिर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, हालांकि सऊदी अरब के सुरक्षा बलों ने उन्हें हवा में ही नष्ट कर दिया।


