यूरोप की एकजुटता को कमजोर करने की कोशिश
नई दिल्ली, यूरोपीय संघ (ईयू) की विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास ने कहा कि पिछले 48 घंटों में हमने रूस की खतरनाक और गैर-जिम्मेदाराना हरकतों को खुलकर देखा है। उन्होंने एक बार फिर यूक्रेन के लिए समर्थन जारी रखने की बात दोहराई।

नई दिल्ली, यूरोपीय संघ (ईयू) की विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास ने कहा कि पिछले 48 घंटों में हमने रूस की खतरनाक और गैर-जिम्मेदाराना हरकतों को खुलकर देखा है। उन्होंने एक बार फिर यूक्रेन के लिए समर्थन जारी रखने की बात दोहराई।
उन्होंने कहा कि रूसी युद्धपोत ने डेनमार्क के एक हेलीकॉप्टर की ओर फ्लेयर्स (सिग्नल रॉकेट) दागे। नाटो के लड़ाकू विमानों को लिथुआनिया के ऊपर एक ड्रोन मार गिराना पड़ा। रूस ने यूक्रेन की सीमा के पास एक यात्री ट्रेन पर हमला किया। पोलैंड ने अपने तट के पास एक ड्रोन को बरामद किया।
उन्होंने कहा कि हमें इस बात को साफ तौर पर समझना होगा कि यह हादसे नहीं हैं। ये रूस की सोची-समझी कोशिशें हैं, जिनका मकसद हमारे हौसले और एकजुटता को कमजोर करना है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यूरोप, यूक्रेन के लिए अपना समर्थन कम नहीं करेगा।
यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने भी काजा कल्लास की इस बात का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि रूस लगातार ऐसी गतिविधियां कर रहा है जिनसे यूरोप की सुरक्षा और एकजुटता की परीक्षा हो रही है। उनका मानना है कि अगर इन कार्रवाइयों पर सख्त प्रतिक्रिया नहीं दी गई, तो रूस और अधिक आक्रामक कदम उठा सकता है।
सिबिहा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पोस्ट पर काज कल्लास की पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए लिखा, "बिल्कुल सही कहा, रूस यूरोप की परीक्षा ले रहा है। वह उसकी सीमाओं, हवाई क्षेत्र, बुनियादी ढांचे और आखिरकार उसकी प्रतिक्रिया देने की तैयारी को परख रहा है।''
उन्होंने कहा कि रूस कई वर्षों से यूक्रेन के साथ जो कर रहा है, उसका असर अब धीरे-धीरे हमारी सीमाओं से बाहर भी दिखाई देने लगा है। हर बार जब किसी उकसावे वाली कार्रवाई का जवाब नहीं मिलता, तो रूस को अगला कदम उठाने का हौसला मिलता है। मॉस्को को यह समझना होगा कि यूरोप को डराने या अस्थिर करने की हर कोशिश की एक कीमत चुकानी पड़ेगी।
उनके अनुसार, रूस ताकत की भाषा समझता है और हिचकिचाहट का फायदा उठाता है। इसलिए हर नई उकसावे वाली कार्रवाई का नतीजा यह होना चाहिए कि रूस सैन्य, आर्थिक और तकनीकी रूप से पहले से कमजोर हो।
उन्होंने कहा कि अगर मॉस्को यूरोप की परीक्षा लेने की कोशिश कर रहा है, तो इसका जवाब यह होना चाहिए कि उसकी उन सभी क्षमताओं को व्यवस्थित रूप से कमजोर किया जाए, जिनकी मदद से वह ऐसी कार्रवाइयों को दोबारा अंजाम दे सकता है।
एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा, ''रूस लगातार यूक्रेन भर में परिवहन और सप्लाई व्यवस्था को बाधित करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से हमले कर रहा है। सोमवार देर रात भी यूक्रेन के वोलिन क्षेत्र में पोलैंड की सीमा के पास रेलवे ढांचे पर किए गए एक रूसी हमले में एक लोकोमोटिव (रेल इंजन) सीधे निशाना बना। युद्ध शुरू होने के बाद से रूस के हमलों में 500 से ज्यादा लोकोमोटिव क्षतिग्रस्त हो चुके हैं या पूरी तरह नष्ट हो गए हैं। इनमें से आधे से ज्यादा नुकसान केवल इसी साल हुआ है।"


