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अराघची : ईरान नहीं करेगा राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा से समझौता

तेहरान, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्‍क‍ियन और विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने तेहरान दौरे पर आए आर्मेनिया के विदेश मंत्री अरारत मिर्जोयान से अलग-अलग मुलाकात की। दोनों ने कहा कि ईरान अपने राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है।

अराघची : ईरान नहीं करेगा राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा से समझौता
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तेहरान, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्‍क‍ियन और विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने तेहरान दौरे पर आए आर्मेनिया के विदेश मंत्री अरारत मिर्जोयान से अलग-अलग मुलाकात की। दोनों ने कहा कि ईरान अपने राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है।

ईरानी राष्ट्रपति कार्यालय की वेबसाइट पर जारी बयान के अनुसार, सोमवार को मिर्जोयान के साथ मुलाकात में पेजेश्‍क‍ियन ने अमेरिका की आलोचना की। उन्होंने कहा, "ऐसे दुश्मन के साथ बातचीत का कोई मतलब नहीं है, जो हर दिन हत्या, प्रतिबंध, दबाव और धमकियों का सहारा लेता है और अपने वादे तोड़ता है।"

पेजेश्‍क‍ियन ने कहा, "अब तक बातचीत के बाद अमेरिका ने हम पर तीन बार हमला किया है। इससे साफ है कि वे बातचीत नहीं चाहते, बल्कि उनका मकसद ईरान की इस्लामी गणराज्य की व्यवस्था को गिराना है।"

समाचार एजेंसी स‍िन्हुआ के मुताबिक, पेजेश्‍क‍ियन ने कहा कि 28 फरवरी को दक्षिणी ईरान के मिनाब शहर के एक स्कूल में 168 मासूम बच्चों की मौत पर वॉशिंगटन के पास कोई जवाब नहीं है। उन्होंने कहा, "ईरान के खिलाफ उनकी कोई भी कार्रवाई या रवैया अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक नहीं है।"

ईरानी विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, विदेश मंत्री अराघची ने कहा कि ईरान अपने राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा की पूरी मजबूती से रक्षा करेगा। हालांकि, तनाव को बढ़ने से रोकने के लिए ईरान ने कूटनीति का रास्ता अपनाने में कभी हिचकिचाहट नहीं दिखाई है।

अराघची ने कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाई के गंभीर नतीजे ही होर्मुज स्‍ट्रेट में व्यापारिक जहाजों की आवाजाही पर पैदा हुई असुरक्षा की मुख्य वजह हैं। वहीं, मिर्जोयान ने आर्मेनिया और ईरान के रिश्तों को 'रणनीतिक' बताया। उन्होंने कहा कि आर्मेनिया, ईरान के साथ सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम करता रहेगा।

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के मुताबिक, ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर कलीबाफ के साथ बैठक में मिर्जोयान ने कहा कि आर्मेनिया अपनी जमीन का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ किसी भी कार्रवाई के लिए नहीं होने देगा।

28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका ने तेहरान और ईरान के दूसरे शहरों पर मिलकर हमले किए थे। इसके जवाब में ईरान ने इजरायल और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों और दूसरे ठिकानों को निशाना बनाते हुए कई मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इसके साथ ही ईरान ने होर्मुज स्‍ट्रेट पर अपना नियंत्रण और कड़ा कर दिया।


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