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मणिपुर में किसकी सरकार? कांग्रेस या बीजेपी ?

 मणिपुर विधानसभा चुनाव में कांग्रेस 28 सीटें जीत कर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है, लेकिन यह संख्या बहुमत के आंकड़े से कम है, लिहाजा सरकार गठन को लेकर अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। 

मणिपुर में किसकी सरकार? कांग्रेस या बीजेपी ?
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इंफाल। मणिपुर विधानसभा चुनाव में कांग्रेस 28 सीटें जीत कर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है, लेकिन यह संख्या बहुमत के आंकड़े से कम है, लिहाजा सरकार गठन को लेकर अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।

निर्दलीय विधायक अशाब उद्दीन नई सरकार के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं, लेकिन अभी तक उन्होंने किसी पार्टी को अपने समर्थन की घोषणा नहीं की है।अशब उद्दीन जिरिबाम सीट से कांग्रेस के थौदम देबेंद्र सिंह को 1,650 मतों से पराजित किया है।

तृणमूल कांग्रेस के नेता मुकुल रॉय ने रविवार को कहा कि उनकी पार्टी कांग्रेस का समर्थन करेगी।रविवार को घोषित परिणामों में कांग्रेस को 60 सदस्यीय विधानसभा में 28 सीटें मिली हैं, जबकि भाजपा ने 21 सीटों पर जीत दर्ज कराई है। इसके पहले के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने दो सीटें जीती थी।

नागा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ), नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) और लोक जनशक्ति पार्टी लोजपा भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन के हिस्सा हैं और सरकार गठन में भाजपा का समर्थन कर सकते हैं।

यदि ऐसा होता है तो भाजपा गठबंधन के पास सीटों की संख्या 30 हो जाएगी, जो सामान्य बहुमत से एक कम है।नागालैंड के मुख्यमंत्री शुरहोजिले लीजीत्सू ने कोहिमा में कहा कि उनका एनपीएफ भाजपा का समर्थन करेगा। एनपीएफ के पास चार सीटें हैं। एनपीएफ ने इस बाबत राज्यपाल को एक पत्र भेज दिया है।

एनपीपी के पास भी चार सदस्य हैं और लोजपा के पास एक विधायक है। कांग्रेस को सामान्य बहुमत के लिए तीन सीटों की जरूरत है। पूर्वोत्तर के प्रभारी भाजपा महासचिव राम माधव संख्या के इस खेल की निगरानी के लिए इंफाल में डेरा डाले हुए हैं।

कांग्रेस के मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह ने शनिवार रात राज्यपाल से संक्षिप्त मुलाकात की थी।राम माधव ने कहा है कि जनता का फैसला कांग्रेस के खिलाफ है, और इसलिए समान विचारधारा वाली छोटी पार्टियों के समर्थन से भाजपा अगली सरकार बनाएगी।

उन्होंने हालांकि यह नहीं बताया कि उनकी पार्टी सरकार बनाने का दावा कब पेश करेगी और इसके लिए क्या उनके पास सीटों की पर्याप्त संख्या है?कांग्रेस सूत्रों ने कहा कि इबोबी नेशनल पीपुल्स पार्टी के संपर्क में हैं। कांग्रेस को सत्ता में आने के लिए जहां मात्र तीन विधायकों की जरूरत है, वहीं भाजपा को कम से कम 10 विधायक चाहिए।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस नेता सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए राज्यपाल से जल्द ही मुलाकात करेंगे।कांग्रेस के एक नेता ने कहा, "सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते कांग्रेस को पहले मौका मिलना चाहिए।"

लेकिन भाजपा नेता इससे सहमत नहीं हैं।पार्टी प्रवक्ता नोंगथोमबाम बिरेन सिंह ने कहा, "लोकतंत्र में सारा खेल संख्या का होता है। हमारे पास समान विचारधारा वाली पार्टियों के समर्थन से बहुमत है। हम जल्द ही दावा पेश करेंगे।"

बिरेन सिंह ने हीनगैंग सीट से तृणमूल कांग्रेस के पंगीजाम सरतचंद्र सिंह को पराजित किया है। उन्हें मुख्यमंत्री पद का दावेदार भी माना जाता है।राज्य विधानसभा चुनाव में भाजपा को 36.3 प्रतिशत मत मिले हैं, जबकि कांग्रेस को 35.1 प्रतिशत मत प्राप्त हुए हैं।


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