Top
Begin typing your search above and press return to search.

महुआ मोइत्रा के खिलाफ जारी वारंट राजनीतिक बदले की भावना: कुणाल घोष

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) विधायक कुणाल घोष ने टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी होने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर भाजपा पर निशाना साधते हुए इसे 'जंगल राज' और 'पुलिस राज' करार दिया।

महुआ मोइत्रा के खिलाफ जारी वारंट राजनीतिक बदले की भावना: कुणाल घोष
X

कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) विधायक कुणाल घोष ने बुधवार को टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी होने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर भाजपा पर निशाना साधते हुए इसे 'जंगल राज' और 'पुलिस राज' करार दिया।

महुआ मोइत्रा के खिलाफ जारी वारंट पर कुणाल घोष ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, "यह राजनीतिक बदले की भावना है। इसे राजनीतिक मकसद से किया जा रहा है। वे तृणमूल के नेताओं और कार्यकर्ताओं को निशाना बना रहे हैं। वह कभी वारंट जारी करते हैं, कभी उनके घरों पर हमला करते हैं तो कभी किसी बेबुनियाद मामले में कार्यकर्ताओं को उठा ले जाते हैं।"

उन्होंने आरोप लगाया, "वे यह सब कर रहे हैं, यह जंगल राज है, पुलिस राज है। बंगाल में यही हालात हैं। राज्य मानवाधिकार आयोग में आए एआईटीसी प्रतिनिधिमंडल ने इन मुद्दों को उठाया है। हमारे कार्यकर्ताओं पर बेबुनियाद मामले दर्ज किए जा रहे हैं, उन्हें बिना वजह गिरफ्तार किया जा रहा है, अपमानित किया जा रहा है, प्रताड़ित किया जा रहा है, लॉकअप में मौतें हो रही हैं, अंडे फेंके जा रहे हैं, आखिर यह सब क्या हो रहा है? हमारे कई कार्यकर्ता घर नहीं लौट पा रहे हैं।"

कोलकाता के मिर्जा गालिब स्ट्रीट स्थित 'शिखा इन' होटल में मंगलवार देर रात लगी आग पर कुणाल घोष ने दुख जताया। उन्होंने कहा, "यह घटना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। जो आग लगी, उससे कोलकाता का नाम खराब हो रहा है। और जो भी इसके लिए जिम्मेदार है, चाहे वह कोई भी हो, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।"

उन्होंने तारापीठ में हाल में हुई आग की घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, "यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। तारापीठ में आग लगने की घटना के बाद कोलकाता में भी ऐसा हुआ। लोगों की मौत हुई है, यह बहुत दुखद घटना है। इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और सभी को सतर्क रहना चाहिए।"

कुणाल घोष ने होटल अग्निकांड को लेकर प्रशासन से कई सवाल पूछे, "ऐसा क्यों हुआ? कैसे हुआ? इतने सारे लोग वहां से बाहर क्यों नहीं निकल पाए? प्रशासन को इन सभी पहलुओं पर गौर करना होगा। ऐसी घटनाओं के बाद सिर्फ चर्चा और कमेटी बनती है, लेकिन निगरानी नहीं होती। जब भी ऐसी कोई घटना होती है, तो कुछ समय तक चर्चा होती है, सुझाव दिए जाते हैं, कमेटी बनती है, सिफारिशें आती हैं, लेकिन बाद में कोई निगरानी नहीं होती। फिर कोई और हादसा हो जाता है। ऐसा नहीं होना चाहिए।"


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it