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सौरव गांगुली की सुरक्षा में कटौती, जेड श्रेणी से घटाकर वाई श्रेणी की गई सुरक्षा व्यवस्था

सौरव गांगुली को पिछले कुछ वर्षों से जेड श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त थी। इस श्रेणी में आम तौर पर बड़ी संख्या में सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाती है। जेड सुरक्षा के तहत लगभग 35 सुरक्षाकर्मी किसी व्यक्ति की सुरक्षा में लगाए जाते हैं।

सौरव गांगुली की सुरक्षा में कटौती, जेड श्रेणी से घटाकर वाई श्रेणी की गई सुरक्षा व्यवस्था
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कोलकाता : भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (CAB) के अध्यक्ष सौरव गांगुली की सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव किया गया है। राज्य सरकार द्वारा की गई सुरक्षा समीक्षा के बाद उनकी सुरक्षा श्रेणी को जेड से घटाकर वाई कर दिया गया है। यह फैसला राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद चल रही व्यापक सुरक्षा समीक्षा प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके तहत कई नेताओं, जनप्रतिनिधियों और अन्य प्रमुख व्यक्तियों को दी जा रही सरकारी सुरक्षा का पुनर्मूल्यांकन किया जा रहा है।

जेड श्रेणी में मिलती थीं विशेष सुविधाएं

सौरव गांगुली को पिछले कुछ वर्षों से जेड श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त थी। इस श्रेणी में आम तौर पर बड़ी संख्या में सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाती है। जेड सुरक्षा के तहत लगभग 35 सुरक्षाकर्मी किसी व्यक्ति की सुरक्षा में लगाए जाते हैं। इनमें प्रशिक्षित कमांडो और राज्य पुलिस के विशेष सुरक्षा अधिकारी भी शामिल रहते हैं। इसके अलावा इस श्रेणी में सुरक्षा काफिले के साथ पायलट वाहन और अन्य विशेष सुरक्षा प्रबंध भी उपलब्ध कराए जाते हैं। ऐसे इंतजाम आमतौर पर उन व्यक्तियों को दिए जाते हैं, जिनके लिए सुरक्षा एजेंसियां अधिक खतरे की आशंका मानती हैं।

2023 में बढ़ाई गई थी सुरक्षा

सौरव गांगुली को मई 2023 तक वाई श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त थी। उस समय उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी कोलकाता पुलिस की विशेष शाखा के अधिकारियों के पास थी। उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए तीन अधिकारी तैनात रहते थे और उनके आवास पर भी पुलिस बल की मौजूदगी सुनिश्चित की जाती थी। बाद में तत्कालीन राज्य सरकार ने उनकी सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ाते हुए जेड श्रेणी में शामिल कर दिया था। उस समय इस निर्णय को लेकर काफी चर्चा हुई थी, क्योंकि गांगुली राजनीति से सीधे तौर पर जुड़े नहीं हैं, लेकिन उनकी लोकप्रियता और सार्वजनिक जीवन में सक्रिय भूमिका को देखते हुए सुरक्षा बढ़ाई गई थी।

नई सरकार ने किया पुनर्मूल्यांकन

राज्य में नई सरकार के गठन के बाद सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा शुरू की गई। इसी प्रक्रिया के तहत सौरव गांगुली को दी जा रही सुरक्षा का भी आकलन किया गया। समीक्षा के बाद यह निष्कर्ष निकाला गया कि उन्हें जेड श्रेणी की सुरक्षा की आवश्यकता नहीं है और उनकी सुरक्षा को वाई श्रेणी में वापस लाया जा सकता है। सरकार का मानना है कि सुरक्षा संसाधनों का उपयोग वास्तविक आवश्यकता और खतरे के आकलन के आधार पर किया जाना चाहिए। इसी नीति के तहत कई अन्य लोगों की सुरक्षा व्यवस्था की भी जांच की जा रही है।

वाई श्रेणी में कैसी होती है सुरक्षा?

वाई श्रेणी की सुरक्षा जेड श्रेणी की तुलना में काफी सीमित होती है। इस श्रेणी में सामान्यतः तीन से चार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जाती है। इनमें दो सशस्त्र सुरक्षा गार्ड भी शामिल हो सकते हैं, जो व्यक्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। हालांकि वाई श्रेणी में सुरक्षा कवच छोटा होता है, लेकिन यह उन लोगों के लिए पर्याप्त माना जाता है जिनके लिए खतरे का स्तर अपेक्षाकृत कम आंका जाता है। सुरक्षा एजेंसियां समय-समय पर खतरे का पुनर्मूल्यांकन कर सुरक्षा श्रेणी में बदलाव कर सकती हैं।

सरकार की नई सुरक्षा नीति

राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने स्पष्ट संकेत दिए थे कि सरकारी सुरक्षा केवल उन्हीं लोगों को दी जाएगी जिन्हें इसकी वास्तविक आवश्यकता है। उन्होंने कहा था कि सुरक्षा व्यवस्था का इस्तेमाल प्रतिष्ठा या विशेष सुविधा के रूप में नहीं होना चाहिए। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद सुरक्षा एजेंसियों को यह समीक्षा करने का काम सौंपा गया कि किन नेताओं, पूर्व पदाधिकारियों, सामाजिक हस्तियों और अन्य व्यक्तियों को सरकारी सुरक्षा दी जा रही है और क्या वह वर्तमान परिस्थितियों में उचित है।

सौरव गांगुली की लोकप्रियता बरकरार

सौरव गांगुली देश के सबसे लोकप्रिय क्रिकेटरों में से एक हैं। भारतीय क्रिकेट टीम के सफल कप्तानों में उनकी गिनती होती है और वर्तमान में वे क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल के अध्यक्ष के रूप में खेल प्रशासन से जुड़े हुए हैं। क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी उनकी सार्वजनिक उपस्थिति और लोकप्रियता लगातार बनी हुई है। हालांकि उनकी सुरक्षा श्रेणी में बदलाव किया गया है, लेकिन वे अब भी सरकारी सुरक्षा कवच के दायरे में रहेंगे। सुरक्षा एजेंसियां भविष्य में खतरे के स्तर के आधार पर उनकी सुरक्षा व्यवस्था की फिर से समीक्षा कर सकती हैं।


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