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बंगाल में विपक्ष की मांग, एसआईआर से पहले वाली मतदाता सूची पर कराए जाएं नगर निकाय चुनाव

विपक्षी दलों ने पश्चिम बंगाल चुनाव आयोग (डब्ल्यूबीएसईसी) से आग्रह किया कि सात शहरी निकायों के आगामी चुनाव विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया से पहले वाली मतदाता सूची के आधार पर कराए जाएं। उन्होंने कहा कि चल रही पुनरीक्षण प्रक्रिया के कारण कई पात्र मतदाता सूची से बाहर हो गए हैं।

बंगाल में विपक्ष की मांग, एसआईआर से पहले वाली मतदाता सूची पर कराए जाएं नगर निकाय चुनाव
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कोलकाता। विपक्षी दलों ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल चुनाव आयोग (डब्ल्यूबीएसईसी) से आग्रह किया कि सात शहरी निकायों के आगामी चुनाव विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया से पहले वाली मतदाता सूची के आधार पर कराए जाएं। उन्होंने कहा कि चल रही पुनरीक्षण प्रक्रिया के कारण कई पात्र मतदाता सूची से बाहर हो गए हैं।

यह मांग डब्ल्यूबीएसईसी द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक के दौरान उठाई गई। इस बैठक का उद्देश्य इस साल के आखिर में होने वाले सात नगर निकायों के चुनावों पर चर्चा करना था।

सूत्रों के अनुसार, ममता बनर्जी की 'ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस', सीपीआईएम के नेतृत्व वाले 'लेफ्ट फ्रंट' और कांग्रेस के प्रतिनिधियों ने चिंता जताई कि मतदाता सूची के संशोधन के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं।

डब्ल्यूबीएसईसी के एक अधिकारी ने बताया, "तीनों राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों का दावा है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान कई पात्र मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए। इनमें से कई लोगों का भविष्य अब 'अपीलीय न्यायाधिकरणों' के फैसलों पर टिका है। उनका तर्क है कि ऐसी स्थिति में अगर शहरी निकायों के चुनाव एसआईआर के बाद वाली मतदाता सूची के आधार पर कराए जाते हैं तो यह उन मतदाताओं के साथ अन्याय होगा।"

फिलहाल मतदाता सूची के विशेष संशोधन की प्रक्रिया चल रही है। तय कार्यक्रम के अनुसार, 12 नवंबर को ड्राफ्ट सूची जारी की जाएगी और 4 जनवरी को अंतिम (संशोधित) सूची आएगी।

भारत निर्वाचन आयोग ने पहले कहा था कि जिन लोगों के नाम इस साल जुलाई तक सूची में शामिल थे, वे वोट डाल सकेंगे। अब, विशेष संशोधन प्रक्रिया चल रही है, इसलिए मतदान नवीनतम सूची के आधार पर होगा। अगर सात शहरी निकायों के चुनाव नवंबर में होते हैं, तो अक्टूबर की सूची को ही अंतिम माना जाएगा।

सूत्रों ने बताया कि पहले इन सात नगर निकायों के चुनाव नवंबर के आखिरी सप्ताह में कराने और दिसंबर की शुरुआत तक नए नगर बोर्डों के गठन की योजना थी, हालांकि मतदाता सूची तैयार करने और वार्डों के परिसीमन को लेकर बनी अनिश्चितताओं के कारण इस समय-सीमा पर सवाल खड़े हो गए हैं। ऐसे में नवंबर में चुनाव होने की संभावना काफी कम हो गई है।

साल के अंत तक जिन नगर निकायों में चुनाव होने हैं, उनमें कोलकाता नगर निगम और हावड़ा नगर निगम शामिल हैं। बाकी शहरी स्थानीय निकायों के लिए मतदान अगले साल फरवरी में होने की उम्मीद है।


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