अभिषेक बनर्जी के इलाज पर विवाद, राहुल गांधी ने दिया सहयोग का भरोसा
पश्चिम बंगाल की राजनीति में शनिवार को नया मोड़ तब आया जब तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद और महासचिव अभिषेक बनर्जी को कथित हमले के बाद दो निजी अस्पतालों में भर्ती करने से इनकार कर दिया गया

अभिषेक बनर्जी इलाज विवाद: दो निजी अस्पतालों ने भर्ती से किया इनकार
- ममता बनर्जी का आरोप: प्रशासनिक दबाव से इलाज रोका गया
- राहुल गांधी का सहयोग: “जरूरत पड़ी तो हैदराबाद शिफ्ट करेंगे”
- टीएमसी में नाराज़गी: हमले और इलाज पर उठे सवाल
नई दिल्ली/कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में शनिवार को नया मोड़ तब आया जब तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद और महासचिव अभिषेक बनर्जी को कथित हमले के बाद दो निजी अस्पतालों में भर्ती करने से इनकार कर दिया गया। डॉक्टरों ने विस्तृत जांच के बाद कहा कि उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं है और भर्ती की आवश्यकता नहीं है।
अस्पताल प्रशासन ने मेडिकल प्रमाणपत्र जारी कर बताया कि अभिषेक पूरी तरह होश में हैं और उन्हें केवल कुछ सामान्य दवाइयों की जरूरत है। इसके बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई।
इस घटनाक्रम से नाराज टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि अस्पतालों पर प्रशासनिक दबाव था। उन्होंने कहा, “पहले चुनाव में धांधली और हिंसा हुई, फिर अभिषेक पर हमला कराया गया और अब इलाज भी नहीं होने दिया जा रहा है।”
इसी बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी का मानवीय पहलू सामने आया। ममता बनर्जी ने बताया कि राहुल गांधी ने उन्हें फोन कर हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। उनके अनुसार, राहुल गांधी ने कहा, “अगर इलाज नहीं मिल रहा है तो मैं अभिषेक को हैदराबाद में शिफ्ट करवा सकता हूं। किसी भी तरह की मदद चाहिए तो बताइए।”
अस्पताल से निकलने के बाद ममता बनर्जी अभिषेक को अपने साथ कालीघाट स्थित आवास ले गईं। फिलहाल अभिषेक वहीं आराम कर रहे हैं।
यह घटनाक्रम न केवल पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल पैदा कर रहा है, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर भी सवाल खड़े कर रहा है। साथ ही, राहुल गांधी का यह कदम राजनीतिक संदेश माना जा रहा है कि विपक्षी नेता भी कठिन समय में एक-दूसरे के साथ खड़े हो सकते हैं।


