थाने में शांतिपूर्ण चर्चा के बीच भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया हमला, टीएमसी नेता कुणाल घोष का बड़ा आरोप
पश्चिम बंगाल की सियासत में एक बार फिर टकराव तेज हो गया है। तृणमूल कांग्रेस नेता कुणाल घोष ने भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि पार्टी कार्यकर्ता की गिरफ्तारी को लेकर थाने में चल रही बातचीत के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने हंगामा और नारेबाजी की

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की सियासत में एक बार फिर टकराव तेज हो गया है। तृणमूल कांग्रेस नेता कुणाल घोष ने भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि पार्टी कार्यकर्ता की गिरफ्तारी को लेकर थाने में चल रही बातचीत के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने हंगामा और नारेबाजी की। उन्होंने इसे बंगाल के लोकतंत्र पर हमला बताते हुए आगामी चुनावों और राजनीतिक गठजोड़ को लेकर भी बड़ी बात कही है।
ममता एआईटीसी नेता कुणाल घोष ने कहा, "यह जो चोर वाला नारा है, यह भाजपा की घबराहट को दर्शाता है। चोर बागान पूजा कमेटी के शीर्ष पदों पर सब भाजपा के लोग हैं, प्रभावशाली लोग हैं। इसलिए उन्हें तो नहीं पकड़ा गया, लेकिन उसके खिलाफ जिन्होंने आंदोलन किया था, हमारे कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करना शुरू कर दिया गया। सुबह से गिरफ्तारियां शुरू हो गई हैं। किसी बेबुनियाद केस में फंसाकर उन्हें गिरफ्तार किया जा रहा है।"
उन्होंने बताया कि आमहर्स्ट स्ट्रीट थाने में हमारे एक कार्यकर्ता को गिरफ्तार किया गया। यह खबर पाकर मैं आमहर्स्ट स्ट्रीट थाने गया और पुलिस से मेरी बातचीत चल रही थी। अच्छी बातचीत हो रही थी। मेरा एक आरोप था, पुलिस अपना तर्क दे रही थी। यह तो सामान्य बात है और हमें भी तो यह जानना पड़ेगा कि मामला क्या है। उसके बाद जमानत के लिए वकील वगैरह की प्रक्रिया होती है, यह तो सामान्य काम है, लेकिन इसी दौरान भाजपा के कुछ लोगों ने थाने पर हमला कर दिया। मैं यह भी सुन रहा था कि वे नारे लगा रहे थे, 'कुणाल घोष भारत छोड़ो'।
ममता एआईटीसी नेता ने कहा कि मैं क्या ब्रिटिश पुलिस हूं जो भारत छोड़ दूं। ये सब नारा लगाने के बाद थाने पर हमला कर दिया। वहां शांतिपूर्ण चर्चा चल रही थी और भाजपा वहीं पर हमला कर रही थी। आखिर में पुलिस ने मुझसे अनुरोध किया कि मैं पीछे के दरवाजे से निकल जाऊं। मैंने कहा, नहीं। आप उन्हें हटाइए।
उन्होंने कहा कि वे हम तीनों लोगों को चोर बोल रहे थे। दिल्ली से शुरू होकर बंगाल तक कैमरे के सामने जो कुछ कहा जा रहा है, मैं उसे फिर से दोहराना नहीं चाहता। लेकिन अगर भाजपा वाले इस तरह की नारेबाजी करेंगे तो हमें भी बोलना पड़ेगा कि यह किसका कश्मीर है, किसका मामला है और किसे भाजपा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके रिलीज किया था।
कुणाल घोष ने कहा कि जहां तक आगामी चुनावों का सवाल है, जो डेमोक्रेटिक कैंप है, वह पूरी तरह ममता बनर्जी के खिलाफ नहीं है। सुवेंदु सरकार खुद बता चुके हैं कि जो विधायकों का लोकतांत्रिक समूह है, वह उनके समर्थन में है। उन्होंने कहा है कि यदि कभी अविश्वास प्रस्ताव आता है तो वे लोग उनके समर्थन में हाथ उठाएंगे। इसलिए वह गुट भाजपा का एजेंट है, भाजपा का समर्थक है। यह बात मैं नहीं कह रहा हूं, बल्कि सीएम सुवेंद्र अधिकारी ने स्वयं कही है।
उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों की नियुक्ति को लेकर जो भी उचित समय पर बताना होगा, ममता बनर्जी बताती रहेंगी, लेकिन जो लोग बहुत वरिष्ठ थे, जो यहां लंबे समय से थे और बाद में दल बदलकर चले गए, वे अपने साथ कई वरिष्ठ लोगों को भी ले गए। ऐसे में जो लोग अब तक उपेक्षित थे और सक्षम थे, उन्हें अब जिम्मेदारियां दी जाएंगी। नई पीढ़ी को भी अवसर मिलेगा। ममता बनर्जी खुद इस पूरी प्रक्रिया पर नजर रख रही हैं।
कुणाल घोष ने कहा कि जब सुवेंद्र अधिकारी यह कह चुके हैं कि वह उनकी बी-टीम है, तो फिर वह बी-टीम ही है। यदि समय आने पर अविश्वास प्रस्ताव आता है और वे उनके समर्थन में मतदान करते हैं, तो उससे बड़ा प्रमाण क्या होगा?
उन्होंने कहा कि वह क्या बोल रहे हैं और क्या नहीं बोल रहे हैं, उनका काम ही सुवेंद्र अधिकारी के निर्देशों का पालन करना है। यदि सुवेंद्र अधिकारी कहेंगे कि चुनाव लड़ो, तो वह चुनाव लड़ेगा। यदि कहेंगे कि चुनाव मत लड़ो, तो वह नहीं लड़ेगा। यदि कहेंगे कि वोट काटने के लिए खड़े हो जाओ, तो वह खड़ा हो जाएगा। यही वास्तविकता है।


