Top
Begin typing your search above and press return to search.

यूपी चुनाव से पहले सीट शेयरिंग पर कांग्रेस का दावा, राजेंद्र पाल गौतम बोले- 150 से कम सीटों पर नहीं लड़ेंगे

उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी इंडिया गठबंधन के प्रमुख सहयोगी हैं। दोनों दलों ने 2024 का लोकसभा चुनाव मिलकर लड़ा था। अब विधानसभा चुनाव के लिए दोनों के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर बातचीत महत्वपूर्ण चरण में है।

यूपी चुनाव से पहले सीट शेयरिंग पर कांग्रेस का दावा, राजेंद्र पाल गौतम बोले- 150 से कम सीटों पर नहीं लड़ेंगे
X

लखनऊ: Uttar Pradesh Assembly Elections 2027: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। सत्तारूढ़ दल के सामने जहां सत्ता बनाए रखने की चुनौती है, वहीं विपक्षी दल गठबंधन और सीटों के बंटवारे को लेकर रणनीति तैयार कर रहे हैं। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग को लेकर बातचीत जारी है। इसी बीच उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने कहा है कि दोनों दलों और गठबंधन के अन्य सहयोगियों के बीच सीटों के बंटवारे को अक्टूबर में अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है।

150 सीटों से कम पर चुनाव नहीं लड़ेगी कांग्रेस

राजेंद्र पाल गौतम ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस उत्तर प्रदेश में गठबंधन के तहत 150 से कम विधानसभा सीटों पर चुनाव नहीं लड़ेगी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि सीटों की संख्या में थोड़ी बहुत कमी-बेशी की गुंजाइश हो सकती है। उनके मुताबिक, पार्टी सम्मानजनक हिस्सेदारी चाहती है और सीट शेयरिंग को लेकर बातचीत वरिष्ठ नेताओं के स्तर पर चल रही है। गौतम ने कहा कि कांग्रेस खुद को गठबंधन में बराबर की हिस्सेदार मानती है और इसी आधार पर सम्मानजनक संख्या में सीटों की अपेक्षा रखती है। उन्होंने कहा कि बातचीत में व्यावहारिक स्तर पर कुछ सीटें ऊपर-नीचे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

अक्टूबर में सीट बंटवारे पर फैसला

कांग्रेस प्रभारी के मुताबिक, पिछले करीब दो महीनों से पार्टी उत्तर प्रदेश में सीट शेयरिंग को लेकर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, केसी वेणुगोपाल और वह खुद इस प्रक्रिया पर नजर रख रहे हैं। गौतम ने कहा कि अक्टूबर में सीटों के बंटवारे को लेकर बातचीत पूरी करने का लक्ष्य है, ताकि गठबंधन के तहत जिन सीटों पर उम्मीदवार उतारे जाने हैं, उन्हें पर्याप्त समय मिल सके। उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों को चुनावी तैयारी के लिए समय देना भी सीट शेयरिंग को जल्द अंतिम रूप देने की एक वजह है।

403 सीटों के लिए कांग्रेस की तैयारी

राजेंद्र पाल गौतम ने दावा किया कि कांग्रेस के पास उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी ने संभावित दावेदारों की पहचान कर ली है और संगठन स्तर पर लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की तैयारी फिलहाल सभी 403 सीटों को ध्यान में रखकर चल रही है। पार्टी कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर संगठन को मजबूत करने में जुटे हैं। गठबंधन के तहत कांग्रेस के हिस्से में जो सीटें आएंगी, वहां मजबूत उम्मीदवार उतारने की तैयारी की जाएगी।

सपा के अकेले चुनाव लड़ने के सवाल पर क्या बोले?

सपा के अकेले चुनाव लड़ने और बहुमत हासिल करने से जुड़े सवाल पर गौतम ने कोई नकारात्मक टिप्पणी करने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस गठबंधन के धर्म को निभाना जानती है और इंडिया गठबंधन में दोनों दल साझेदार हैं। उन्होंने कांग्रेस की राजनीतिक भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी का उत्तर प्रदेश में पुराना संगठनात्मक आधार है। गौतम ने कहा कि कांग्रेस के इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन में उसकी भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने दावा किया कि राज्य के गांवों में आज भी बुजुर्गों के बीच कांग्रेस के प्रति जुड़ाव मौजूद है।

2024 के लोकसभा चुनाव में साथ आए थे दोनों दल

उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी इंडिया गठबंधन के प्रमुख सहयोगी हैं। दोनों दलों ने 2024 का लोकसभा चुनाव मिलकर लड़ा था। अब विधानसभा चुनाव के लिए दोनों के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर बातचीत महत्वपूर्ण चरण में है। मीडिया रिपोर्टों और राजनीतिक सूत्रों के हवाले से यह चर्चा है कि सपा कांग्रेस को करीब 75 से 80 सीटें देने पर विचार कर सकती है। हालांकि इस संख्या पर दोनों दलों की ओर से अंतिम सहमति की घोषणा नहीं हुई है।

2017 में कांग्रेस को मिली थीं 105 सीटें

2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भी सपा और कांग्रेस ने गठबंधन किया था। उस समय समाजवादी पार्टी ने कांग्रेस को 105 सीटें दी थीं। हालांकि चुनाव के दौरान कुछ सीटों पर दोनों दलों के उम्मीदवार आमने-सामने भी आ गए थे। अब 2027 के चुनाव के लिए सीटों का फॉर्मूला क्या होगा, यह अक्टूबर में होने वाली बातचीत के बाद स्पष्ट होने की उम्मीद है। कांग्रेस की 150 सीटों की मांग और सपा की संभावित पेशकश के बीच कितना अंतर कम होता है, यह गठबंधन की आगे की रणनीति के लिए महत्वपूर्ण होगा।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it