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सपा ने भदोही के नामकरण का किया स्वागत, भाजपा पर लगाया असली मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप

समाजवादी पार्टी के विधायक रविदास मेहरोत्रा ने भदोही का नाम बदलकर संत रविदास नगर करने की घोषणा का स्वागत करते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास करोड़ों लोगों की आस्था के साथ सामाजिक न्याय और समानता के प्रतीक हैं, लेकिन केवल किसी जिले का नाम बदलने से दलितों, पिछड़ों और वंचितों को उनका हक और सम्मान नहीं मिलेगा।

सपा ने भदोही के नामकरण का किया स्वागत, भाजपा पर लगाया असली मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप
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लखनऊ। समाजवादी पार्टी के विधायक रविदास मेहरोत्रा ने भदोही का नाम बदलकर संत रविदास नगर करने की घोषणा का स्वागत करते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास करोड़ों लोगों की आस्था के साथ सामाजिक न्याय और समानता के प्रतीक हैं, लेकिन केवल किसी जिले का नाम बदलने से दलितों, पिछड़ों और वंचितों को उनका हक और सम्मान नहीं मिलेगा।

रविदास मेहरोत्रा ने कहा कि समाजवादी पार्टी संत रविदास का बहुत सम्मान करती है और उनके नाम पर जिले का नाम रखा जाना उचित है। उन्होंने भाजपा सरकार से सवाल किया कि उसने संत रविदास के बताए रास्ते पर चलकर क्या काम किए हैं और दलित, वंचित एवं पिछड़े वर्ग के लोगों को नौकरी, रोजगार और शिक्षा देने के लिए क्या प्रयास किए हैं।

उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी लंबे समय से पीडीए समाज के हक, अधिकार और सम्मान के लिए संघर्ष कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार पीडीए समाज का अपमान कर रही है और अब समाजवादी पार्टी की घोषणाओं को लागू कर रही है।

पश्चिम बंगाल में यूसीसी लागू करने से जुड़े सीएम शुभेंदु अधिकारी के बयान पर रविदास मेहरोत्रा ने कहा कि भाजपा जनता का ध्यान असली मुद्दों से भटकाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में भाजपा की सरकारें हैं, वहां महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, अपराध, स्वास्थ्य सेवाओं और स्कूलों की स्थिति जैसे मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय दूसरे मुद्दे उठाए जा रहे हैं।

सपा-कांग्रेस के रिश्तों और आगामी चुनावों को लेकर उन्होंने दावा किया कि 2027 में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी और 2029 के लोकसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन केंद्र में सरकार बनाएगा। उन्होंने कहा कि सपा और कांग्रेस मिलकर चुनाव लड़ेंगे।

सपा विधायक ने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा-कांग्रेस गठबंधन के बाद उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी को 37 और कांग्रेस को छह सीटें मिली थीं। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी ही भाजपा का प्रमुख विकल्प है।

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे को लेकर उन्होंने कहा कि वह 8 अक्टूबर को अयोध्या जाएंगे। इस दौरान वह विशिष्ट लोगों के अलावा संत समाज, साधु और महात्माओं से भी मुलाकात करेंगे।

उन्होंने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सपा की जीत का दावा करते हुए कहा कि जनता बदलाव का मन बना चुकी है और अखिलेश यादव के नेतृत्व में प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी। सपा जनता के मुद्दों को लेकर लड़ रही है और मौजूदा सरकार के नेताओं और मंत्रियों में अहंकार आ गया है। इनका अहंकार जनता तोड़ेगी। जनता ने बदलाव का मन बना लिया है। बड़े बहुमत के साथ सपा की सरकार बनने जा रही है।

वहीं, फर्जी फॉर्म-7 जमा किए जाने के मुद्दे पर रविदास मेहरोत्रा ने चुनाव आयोग से जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की पोल खुल गई है। इसके साथ ही उन्होंने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त पर गंभीर आरोप लगाए और मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की मांग की। उन्होंने कहा कि जिस तरह भाजपा उनका बचाव कर रही है, इससे लगता है कि गड़बड़ी तो हुई है।

सपा और कांग्रेस के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर उन्होंने कहा कि गठबंधन का उद्देश्य सिर्फ चुनाव लड़ना नहीं, बल्कि भाजपा को सत्ता से हटाना होना चाहिए। उनके मुताबिक, जिस सीट पर जिस दल का उम्मीदवार जीतने की बेहतर स्थिति में हो, उसे वहां से चुनाव लड़ना चाहिए।

राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए रविदास मेहरोत्रा ने कहा कि सपा भी जिस दिन चाहेगी, दो मिनट के अंदर सरकार झुक जाएगी। नौजवान फिर प्रदर्शन कर रहे हैं और सरकार को झुकना पड़ेगा। जिस दिन पूरा विपक्ष एकसाथ आ जाएगा, उसी दिन सरकार गिर जाएगी। जैसे श्रीलंका और बांग्लादेश और नेपाल में जब युवक सड़कों पर आए थे तो सरकार को झुकना पड़ा था, इस सरकार को भी नौजवान ही झुकाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार को हटाना पड़ेगा, जनता इसे सरकार को और नहीं झेल सकती।

कांग्रेस को लेकर मेहरोत्रा ने कहा कि सीटों की मांग करने से पहले पार्टी को गठबंधन धर्म का पालन करने का भरोसा देना चाहिए। उन्होंने 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए दावा किया कि उस समय सपा-कांग्रेस गठबंधन के बावजूद लखनऊ मध्य सीट पर कांग्रेस ने उनके खिलाफ प्रत्याशी उतार दिया था। वहां से मैं ही प्रत्याशी था लेकिन रोड शो के अगले ही दिन कांग्रेस ने गठबंधन के खिलाफ प्रत्याशी उतार दिया था। राहुल गांधी को पहले ये जवाब देना चाहिए कि आखिर उन्होंने ऐसा क्यों किया था। उन्होंने गठबंधन धर्म का पालन करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन ने मिलकर चुनाव लड़ा था। विधानसभा चुनावों को लेकर प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर के नेता आपस में चर्चा कर फैसला ले सकते हैं। रविदास मेहरोत्रा ने दावा किया कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बीच बातचीत चल रही है और जल्द ही सपा-कांग्रेस गठबंधन तथा सीटों के बंटवारे को लेकर स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।


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