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यूपी आम महोत्सव-2026' में दिखेंगी दुर्लभ प्रजातियां, किसानों को मिलेगी निर्यात की जानकारी : दिनेश प्रताप सिंह

उत्तर प्रदेश के राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने सोमवार को 'यूपी आम महोत्सव-2026' की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि 3 से 5 जुलाई तक लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित होने वाले महोत्सव की सभी तैयारियां समयबद्ध ढंग से पूरी की जाएं।

यूपी आम महोत्सव-2026 में दिखेंगी दुर्लभ प्रजातियां, किसानों को मिलेगी निर्यात की जानकारी : दिनेश प्रताप सिंह
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने सोमवार को 'यूपी आम महोत्सव-2026' की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि 3 से 5 जुलाई तक लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित होने वाले महोत्सव की सभी तैयारियां समयबद्ध ढंग से पूरी की जाएं।

उन्होंने कहा कि यह आयोजन किसानों, बागवानों, निर्यातकों और उद्यमियों के लिए आधुनिक बागवानी तकनीक, मूल्य संवर्धन और निर्यात के नए अवसरों का प्रभावी मंच बनेगा।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि महोत्सव में प्रगतिशील बागवानी के नवोन्मेषी विषयों पर आधारित स्टॉल लगाए जाएं, ताकि आम उत्पादन से जुड़ी नवीनतम तकनीकों, अनुसंधान और नवाचारों की जानकारी किसानों तक पहुंच सके।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि महोत्सव में आने वाले किसानों और प्रतिभागियों के लिए पेयजल, छायादार विश्राम स्थल, पंजीकरण, सूचना केंद्र और बैठने जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं बेहतर ढंग से उपलब्ध कराई जाएं। मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा आम उत्पादक राज्य है और यहां उत्पादित आम की विभिन्न किस्मों की देश-विदेश में विशेष पहचान है।

उन्होंने निर्देश दिया कि महोत्सव में दशहरी, लंगड़ा, चौसा, आम्रपाली, रटौल, लखनऊ सफेदा सहित सैकड़ों दुर्लभ एवं विशिष्ट प्रजातियों का आकर्षक प्रदर्शन किया जाए। इसके साथ ही आम आधारित प्रसंस्कृत उत्पादों, मूल्य संवर्धन तकनीकों और निर्यात की संभावनाओं को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाए।

उन्होंने बताया कि महोत्सव के दौरान पांच श्रेणियों में आम की विभिन्न प्रजातियों, आम आधारित संरक्षित उत्पादों, आम के व्यंजनों, सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन और सर्वाधिक प्रदर्श प्रस्तुत करने वाले बागवानों की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इसके अलावा आधुनिक उत्पादन तकनीक, तुड़ाई उपरांत प्रबंधन, प्रसंस्करण, ब्रांडिंग, विपणन और निर्यात से संबंधित कार्यशालाओं एवं तकनीकी सत्रों का आयोजन किया जाएगा, ताकि किसान नई तकनीकों से जुड़कर अपनी आय बढ़ा सकें।

मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उत्कृष्ट आम उत्पादकों और प्रगतिशील बागवानों को सम्मानित करने की भी समुचित व्यवस्था की जाए, जिससे प्रदेश में आधुनिक बागवानी और गुणवत्तापूर्ण आम उत्पादन को और बढ़ावा मिल सके।


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