राहुल गांधी मानहानि केस – हाईकोर्ट जाने के लिए वादी को मिला समय
उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर स्थित एमपी/एमएलए कोर्ट में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे मानहानि मामले की सुनवाई बुधवार को हुई

17 अगस्त को होगी बहस – सुलतानपुर एमपी/एमएलए कोर्ट में सुनवाई तय
- भाजपा नेता विजय मिश्रा का परिवाद
सुलतानपुर। उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर स्थित एमपी/एमएलए कोर्ट में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे मानहानि मामले की सुनवाई बुधवार को हुई। इस दौरान वादी पक्ष ने सत्र न्यायालय से खारिज हुई याचिका के विरुद्ध हाईकोर्ट में याचिका दायर करने के लिए समय मांगा, जिसे अदालत ने स्वीकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई 17 अगस्त को बहस के लिए निर्धारित की है।
श्री गांधी के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ला ने बताया कि वादी के अधिवक्ता संतोष पांडेय ने न्यायालय से अनुरोध किया कि सत्र न्यायालय द्वारा खारिज की गई याचिका के विरुद्ध उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल करनी है, जिसके लिए समय दिया जाए। अदालत ने प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए 17 अगस्त की तिथि नियत कर दी।
उन्होंने बताया कि इससे पहले इस मामले से संबंधित एक निगरानी याचिका अपर जिला एवं सत्र न्यायालय (एडीजे) में विचाराधीन थी, जिसे 15 जुलाई को खारिज कर दिया गया था। इसके बाद मूल पत्रावली एमपी/एमएलए कोर्ट में वापस आने के उपरांत मामले में बहस की प्रक्रिया शुरू होनी थी।
यह निगरानी याचिका भाजपा नेता एवं परिवादी विजय मिश्रा द्वारा दायर की गई थी, जिसमें पत्रावली में संलग्न सीडी और राहुल गांधी के वॉयस सैंपल का विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) से मिलान कराने की मांग की गई थी। एडीजे कोर्ट संख्या-5 ने याचिका को विलंब से दाखिल और आधारहीन मानते हुए खारिज कर दिया था। अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि निचली अदालत ने अपने विवेक का सही इस्तेमाल किया है और उसके आदेश में हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है।
गौरतलब है कि एमपी/एमएलए कोर्ट ने 2 मई 2026 को राहुल गांधी के वॉयस सैंपल के मिलान की मांग संबंधी प्रार्थना पत्र भी खारिज कर दिया था। इसके बाद 21 मई को वादी पक्ष ने सत्र न्यायालय में पुनरीक्षण (रिवीजन) याचिका दायर की थी। यह मामला वर्ष 2018 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर की गई एक टिप्पणी से जुड़ा है। इस टिप्पणी से आहत होने का दावा करते हुए भाजपा नेता विजय मिश्रा ने सुलतानपुर की एमपी/एमएलए अदालत में मानहानि का परिवाद दायर किया था।
कोर्ट से समन और वारंट जारी होने के बाद राहुल गांधी पहली बार 20 फरवरी 2024 को अदालत में पेश हुए थे, जहां उन्हें 25-25 हजार रुपये के दो मुचलकों पर जमानत मिली थी। इसके बाद 26 जुलाई 2024 को उन्होंने अपना बयान दर्ज कराया था। अंतिम बार राहुल गांधी 20 फरवरी 2026 को अपना पक्ष रखने के लिए अदालत में उपस्थित हुए थे।


