राहुल गांधी के काफिले की 5 गाड़ियां और एंबुलेंस आपस में टकराईं, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हादसे से मची अफरा-तफरी
राहुल गांधी का सुल्तानपुर दौरा करीब आठ साल पुराने आपराधिक मानहानि मामले की सुनवाई से जुड़ा है। यह मामला वर्ष 2018 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को लेकर दिए गए एक बयान से संबंधित है।

सुल्तानपुर/लखनऊ : उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर सोमवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के काफिले की गाड़ियां हादसे का शिकार हो गईं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, 91 किलोमीटर माइलस्टोन के पास काफिले में शामिल पांच गाड़ियां और एक एंबुलेंस आपस में टकरा गईं। हादसे में कांग्रेस कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और सुरक्षा से जुड़े कुछ लोगों के घायल होने की खबर है। हालांकि, राहुल गांधी सुरक्षित बताए जा रहे हैं। हादसे के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर कैसे हुआ हादसा?
राहुल गांधी सोमवार को उत्तर प्रदेश के दौरे पर थे। वह दिल्ली से लखनऊ पहुंचे थे और वहां से सुल्तानपुर के लिए रवाना हुए। इसी दौरान पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर उनके काफिले की गाड़ियां दुर्घटनाग्रस्त हो गईं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, हादसा एक्सप्रेसवे पर 91 किलोमीटर माइलस्टोन के पास हुआ। बताया जा रहा है कि काफिले में शामिल पांच गाड़ियां और एक एंबुलेंस आपस में टकरा गईं। टक्कर के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। हादसे में कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े लोगों के घायल होने की सूचना सामने आई है। राहुल गांधी को लेकर राहत की बात यह है कि वह सुरक्षित बताए जा रहे हैं।
हादसे की वजह अभी स्पष्ट नहीं
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हुए इस हादसे के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है। यह स्पष्ट नहीं है कि टक्कर किसी वाहन के अचानक ब्रेक लगाने, यातायात संबंधी परेशानी या किसी अन्य वजह से हुई। दुर्घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई। हादसे में एंबुलेंस भी शामिल होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, यह स्पष्ट होना बाकी है कि एंबुलेंस काफिले के साथ किस उद्देश्य से चल रही थी और टक्कर किन परिस्थितियों में हुई। दुर्घटना से संबंधित विस्तृत जानकारी और आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
सुल्तानपुर जा रहे थे राहुल गांधी
राहुल गांधी का सुल्तानपुर दौरा करीब आठ साल पुराने आपराधिक मानहानि मामले की सुनवाई से जुड़ा है। यह मामला वर्ष 2018 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को लेकर दिए गए एक बयान से संबंधित है। राहुल गांधी ने चुनाव प्रचार के दौरान अमित शाह का जिक्र करते हुए कहा था कि भाजपा के अध्यक्ष हत्या के एक मामले में आरोपी हैं। उनका यह बयान सोहराबुद्दीन शेख कथित फर्जी मुठभेड़ मामले के संदर्भ में था। हालांकि, वर्ष 2014 में मुंबई की विशेष सीबीआई अदालत ने अमित शाह को इस मामले में आरोपों से मुक्त कर दिया था। राहुल गांधी के बयान को लेकर स्थानीय भाजपा नेता विजय मिश्रा ने 4 अगस्त 2018 को सुल्तानपुर की अदालत में मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता का आरोप था कि इस बयान से अमित शाह की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा।
2024 में अदालत से मिली थी जमानत
इस मामले में सुल्तानपुर की विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने नवंबर 2023 में राहुल गांधी को तलब किया था। इसके बाद वह 20 फरवरी 2024 को अदालत में पेश हुए, जहां उन्हें जमानत मिल गई। मामले की सुनवाई के दौरान राहुल गांधी ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया और शिकायत को राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताया। जुलाई 2024 और फरवरी 2026 में भी उन्होंने अदालत में अपना पक्ष रखा। इस दौरान शिकायतकर्ता पक्ष की ओर से गवाह और साक्ष्य पेश किए गए।
26 अक्टूबर को फैसले की तारीख तय
मुकदमे में दोनों पक्षों की अंतिम बहस पूरी होने के बाद अदालत ने 26 अक्टूबर 2026 को फैसले के लिए तारीख निर्धारित की थी। इसी सिलसिले में राहुल गांधी सोमवार को सुल्तानपुर जा रहे थे। फिलहाल, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे ने उनके दौरे के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, दुर्घटना के कारणों, घायलों की संख्या और उनकी स्थिति के बारे में आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।


