अमरोहा में नई सियासी हलचल : मोहम्मद शमी की जयंत चौधरी से मुलाकात, चुनावी अटकलें तेज
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले क्रिकेटर मोहम्मद शमी और राष्ट्रीय लोक दल अध्यक्ष जयंत चौधरी की मुलाकात ने राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। अमरोहा से लेकर दिल्ली तक इस मुलाकात को लेकर सियासी हलचल बढ़ गई है

क्रिकेटर शमी के चुनावी मैदान में उतरने की अटकलें
- सोशल मीडिया पर तस्वीर से गरमाई राजनीति
- शमी के भाई हसीब का नाम भी चर्चा में
- अमरोहा सीट पर मुस्लिम वोट बैंक का समीकरण
अमरोहा। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले क्रिकेटर मोहम्मद शमी और राष्ट्रीय लोक दल अध्यक्ष जयंत चौधरी की मुलाकात ने राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। अमरोहा से लेकर दिल्ली तक इस मुलाकात को लेकर सियासी हलचल बढ़ गई है।
सोशल मीडिया पर तस्वीर
जयंत चौधरी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर शमी के साथ मुलाकात की तस्वीर साझा की। इसके बाद अटकलें लगाई जाने लगीं कि शमी या उनके परिवार का कोई सदस्य अमरोहा से चुनावी मैदान में उतर सकता है। हालांकि, अभी तक पार्टी या शमी की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
क्रिकेट से दूरी
शमी करीब डेढ़ साल से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से बाहर हैं। उन्होंने आखिरी मैच मार्च 2025 में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था। घरेलू टूर्नामेंटों में अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद उनकी टीम में वापसी को लेकर कोई संकेत नहीं मिला। इसी बीच उनकी राजनीतिक मुलाकात ने नए कयासों को जन्म दिया है।
परिवार का नाम भी चर्चा में
शमी के बड़े भाई हसीब का नाम भी राजनीतिक चर्चाओं में सामने आया है। पहले भी उनके चुनाव लड़ने की संभावना जताई गई थी। अब एक बार फिर अमरोहा की राजनीति में उनके नाम की चर्चा है।
अमरोहा सीट का समीकरण
अमरोहा विधानसभा सीट मुस्लिम बहुल है। यहां करीब 3.25 लाख वोटरों में से लगभग दो लाख मुस्लिम वोटर हैं, जिनमें तुर्क बिरादरी की संख्या सबसे अधिक है। शमी का परिवार भी इसी बिरादरी से आता है। इस सीट पर पिछले पांच चुनावों से समाजवादी पार्टी के महबूब अली लगातार जीत दर्ज करते रहे हैं।


