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राष्ट्र निर्माण सिर्फ अधिकारों की मांग से नहीं, बल्कि कर्तव्यों के ईमानदारी से निर्वहन से संभव: मुख्यमंत्री योगी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को बुलंदशहर के शिकारपुर स्थित रज्जू भैया सैनिक विद्या मंदिर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए देशवासियों को गुलामी की मानसिकता छोड़कर अनुशासन, नागरिक कर्तव्यों और राष्ट्र सर्वोपरि की भावना को अपनाना होगा।

राष्ट्र निर्माण सिर्फ अधिकारों की मांग से नहीं, बल्कि कर्तव्यों के ईमानदारी से निर्वहन से संभव: मुख्यमंत्री योगी
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बुलंदशहर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को बुलंदशहर के शिकारपुर स्थित रज्जू भैया सैनिक विद्या मंदिर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए देशवासियों को गुलामी की मानसिकता छोड़कर अनुशासन, नागरिक कर्तव्यों और राष्ट्र सर्वोपरि की भावना को अपनाना होगा।

उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण केवल अधिकारों की मांग से नहीं, बल्कि कर्तव्यों के ईमानदारी से निर्वहन से संभव है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सैनिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विद्यालय में बालिकाओं के छात्रावास के निर्माण की घोषणा भी की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बुलंदशहर देश का ऐसा जनपद है, जिसने सबसे अधिक सैनिक और सैन्य अधिकारी देश को दिए हैं। ऐसे जनपद में सैनिक विद्यालय की स्थापना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यहां देशभर से आने वाले विद्यार्थी अनुशासन, संस्कार और राष्ट्रसेवा की भावना के साथ शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, जो भविष्य में देश की ताकत बनेंगे।

उन्होंने कहा कि भारत आजादी के अमृतकाल से आगे बढ़ते हुए स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष की तैयारियों में जुटा है। ऐसे समय में प्रत्येक नागरिक को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'पंच प्रण' को अपने जीवन में उतारना चाहिए। उन्होंने कहा कि इन संकल्पों में सबसे महत्वपूर्ण गुलामी की मानसिकता का त्याग है। जब तक समाज इस मानसिकता से मुक्त नहीं होगा, तब तक न देश का समग्र विकास होगा और न ही समाज अपनी पूरी क्षमता के साथ आगे बढ़ पाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज लोग अधिकारों की बात तो करते हैं, लेकिन नागरिक कर्तव्यों पर उतना ध्यान नहीं देते। उन्होंने कहा कि केवल नारे लगाने से राष्ट्र मजबूत नहीं बनता। यदि कोई शिक्षक समय पर विद्यार्थियों को शिक्षा और संस्कार देता है तो वही उसकी सच्ची राष्ट्रभक्ति है। इसी प्रकार प्रत्येक नागरिक को अपने दायित्वों का ईमानदारी से पालन करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सैनिक के जीवन का मूल मंत्र 'नेशन फर्स्ट' होता है। सैनिक कभी भी देशहित के विपरीत कार्य नहीं करता। राष्ट्र के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने की भावना ही उसे महान बनाती है। देश की सीमाएं सैनिकों के त्याग और बलिदान से सुरक्षित रहती हैं। यही भावना प्रत्येक नागरिक के जीवन में भी दिखाई देनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने अपने हालिया जापान दौरे का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 1945 में परमाणु हमले के बाद जापान पूरी तरह तबाह हो गया था, लेकिन वहां के लोगों ने आत्म-अनुशासन, तकनीकी क्षमता और कठोर परिश्रम के बल पर अपने देश को फिर से खड़ा किया और उसे दुनिया के विकसित देशों की श्रेणी में पहुंचा दिया। उन्होंने कहा कि भारत भी अनुशासन और सामूहिक प्रयासों के दम पर विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने लोगों से जाति, भाषा और क्षेत्रीय भेदभाव से ऊपर उठकर अपनी सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अनुशासित समाज ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण करता है और यही विकसित भारत की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सैनिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए रज्जू भैया सैनिक विद्या मंदिर में बालिकाओं के लिए छात्रावास बनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि छात्रावास का नाम रज्जू भैया की माताजी के नाम पर रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने विद्यालय के लिए भूमि दान करने वाले राजपाल सिंह का सम्मान भी किया और उनके योगदान की सराहना करते हुए कहा कि समाज के ऐसे प्रयास राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरणादायी हैं।



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