यूपी चुनाव की तैयारी में बसपा, मायावती ने बुलाई अहम बैठक
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारी में बहुजन समाज पार्टी ने अपनी रणनीति तेज कर दी है। बसपा सुप्रीमो मायावती की अध्यक्षता में 31 अगस्त को लखनऊ में बड़ी बैठक आयोजित की जा रही है

75 जिलों के पदाधिकारी और जिलाध्यक्ष होंगे शामिल
- प्रत्याशी चयन और संगठन मजबूती पर फोकस
- कांशीराम परिनिर्वाण दिवस और जनकल्याणकारी दिवस की तैयारी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारी में बहुजन समाज पार्टी ने अपनी रणनीति तेज कर दी है। बसपा सुप्रीमो मायावती की अध्यक्षता में 31 अगस्त को लखनऊ में बड़ी बैठक आयोजित की जा रही है। इसमें प्रदेश स्तर के पदाधिकारी और सभी 75 जिलों के जिलाध्यक्ष शामिल होंगे।
बैठक का एजेंडा
- संगठन की जमीनी और आर्थिक मजबूती की समीक्षा
- सर्वसमाज में पार्टी का जनाधार बढ़ाने पर चर्चा
- अब तक दिए गए निर्देशों की प्रगति रिपोर्ट
- आगामी विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशी चयन पर मंथन
प्रत्याशी चयन पर फोकस
बसपा अब तक 40 से ज्यादा सीटों पर विधानसभा प्रभारी घोषित कर चुकी है। पार्टी में परंपरा रही है कि प्रभारी को ही आगे चलकर उम्मीदवार बनाया जाता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चयन में जातीय और स्थानीय समीकरणों को ध्यान में रखा गया है।
महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की तैयारी
बैठक में बसपा संस्थापक कांशीराम के परिनिर्वाण दिवस (9 अक्टूबर) और अगले वर्ष 15 जनवरी को होने वाले जनकल्याणकारी दिवस की तैयारियों पर भी चर्चा होगी। मायावती चाहती हैं कि इन कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित हो।
बसपा की चुनौती
वर्तमान में यूपी विधानसभा और विधान परिषद में बसपा का कोई सदस्य नहीं है। पिछले लोकसभा चुनाव में भी पार्टी को सफलता नहीं मिली। ऐसे में आगामी विधानसभा चुनाव बसपा के लिए बेहद अहम है। पार्टी के प्रदर्शन का असर उसके राष्ट्रीय दर्जे पर भी पड़ सकता है।
अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान
मायावती पहले ही घोषणा कर चुकी हैं कि बसपा आगामी चुनाव अकेले लड़ेगी। ऐसे में 31 अगस्त की बैठक को चुनावी रणनीति और संगठन की मजबूती के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


