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ओडिशा विधानसभा सत्र से पहले सुरक्षा कड़ी, 22 सितंबर से 3 अक्टूबर तक चलेगा सदन

ओडिशा विधानसभा के 17वें कार्यकाल का सातवां सत्र 22 सितंबर से 3 अक्टूबर तक चलेगा। इसे देखते हुए कमिश्नरेट पुलिस ने भुवनेश्वर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं।

ओडिशा विधानसभा सत्र से पहले सुरक्षा कड़ी, 22 सितंबर से 3 अक्टूबर तक चलेगा सदन
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36 पलटन पुलिस बल और 11 क्यूआरटी तैनात

  • आत्मदाह रोकने के लिए विशेष टीम बनाई गई
  • ड्रोन और सीसीटीवी से होगी निगरानी

भुवनेश्वर। ओडिशा विधानसभा के 17वें कार्यकाल का सातवां सत्र 22 सितंबर से 3 अक्टूबर तक चलेगा। इसे देखते हुए कमिश्नरेट पुलिस ने भुवनेश्वर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं।

जानकारी के अनुसार, सत्र के दौरान कड़ी सुरक्षा और यातायात व्यवस्था सुचारू रखने के लिए पुलिस बल की 36 पलटन तैनात की गई हैं। इसके अलावा दो पुलिस उपायुक्त (डीसीपी), छह अतिरिक्त डीसीपी, 24 सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी), 134 इंस्पेक्टर, सब-इंस्पेक्टर और एएसआई, एक विशेष टैक्टिकल यूनिट और 60 यातायात कर्मियों को तैनात किया गया है।

कुल 11 क्विक रिस्पॉन्स टीमें (क्यूआरटी) भी तैनात की गई हैं। इनमें से सात टीमें विधानसभा के अंदर रहेंगी, जबकि दो मोबाइल क्यूआरटी विधानसभा के आसपास तैनात रहेंगी। एक टीम ट्रैफिक पुलिस स्टेशन-1 और एक अन्य लोक सेवा भवन में तैनात रहेगी।

ट्विन सिटी पुलिस ने तीन कंट्रोल रूम भी बनाए हैं। इनमें एक ओडिशा विधानसभा के उत्तरी गेट पर, दूसरा एमजी मार्ग स्थित यूनिफाइड कंट्रोल रूम में और तीसरा निर्धारित धरना स्थल पर बनाया गया है। ये तीनों कंट्रोल रूम चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं।

पिछले दिनों आत्मदाह की कोशिशों की बार-बार हुई घटनाओं को देखते हुए ऐसी कोशिशों को रोकने के लिए सादे कपड़ों में एक विशेष टीम बनाई गई है। कैपिटल पुलिस स्टेशन के प्रभारी निरीक्षक इस टीम के कामकाज की निगरानी करेंगे।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, किसी भी अप्रत्याशित घटना से निपटने के लिए विधानसभा भवन की छत और अन्य महत्वपूर्ण तथा संवेदनशील स्थानों पर भी पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है।

दमकल, चिकित्सा सहायता, सीसीटीवी निगरानी, संचार व्यवस्था, पीने के पानी और अन्य जरूरी सुविधाओं के इंतजाम भी किए गए हैं। किसी भी स्थिति में तुरंत कार्रवाई के लिए एक बम निरोधक दस्ता तैनात किया गया है। भीड़ की गतिविधियों पर नजर रखने और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जरूरत के अनुसार ड्रोन का भी इस्तेमाल किया जाएगा।

ट्रैफिक डीसीपी विधानसभा परिसर के अंदर वाहनों की पार्किंग व्यवस्था की निगरानी करेंगे और बाहर यातायात को नियंत्रित करेंगे, ताकि जाम की स्थिति न बने। जरूरी कानूनी प्रक्रियाओं के लिए भुवनेश्वर यूपीडी के क्षेत्रीय कार्यालय में एक अस्थायी टीम भी काम करेगी।

कमिश्नरेट पुलिस ने कहा कि सभी इकाइयों को जरूरी निर्देश दे दिए गए हैं और विधानसभा सत्र के दौरान किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पुलिस पूरी तरह तैयार है।


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