Top
Begin typing your search above and press return to search.

श्रीधर बाबू का केटीआर पर निशाना, बोले- झूठे आरोप लगाकर जनता को गुमराह कर रहे

तेलंगाना के उद्योग मंत्री डी. श्रीधर बाबू ने बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव (केटीआर) पर जमीन आवंटन को लेकर झूठे आरोप लगाकर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया।

श्रीधर बाबू का केटीआर पर निशाना, बोले- झूठे आरोप लगाकर जनता को गुमराह कर रहे
X

हैदराबाद। तेलंगाना के उद्योग मंत्री डी. श्रीधर बाबू ने बुधवार को बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव (केटीआर) पर जमीन आवंटन को लेकर झूठे आरोप लगाकर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि पिछली भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) सरकार ने जमीन केवल 90 लाख रुपए प्रति एकड़ की दर से आवंटित की थी, जबकि वर्तमान सरकार ने 1.50 करोड़ रुपए प्रति एकड़ की दर से जमीन आवंटित की है।

मंत्री ने दावा किया कि जमीन का आवंटन पूरी तरह निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार किया गया है। उन्होंने कहा कि पांच एकड़ जमीन 7.5 करोड़ रुपए में आवंटित की गई। ऐसे में केटीआर यह स्पष्ट करें कि 200 करोड़ रुपए का आंकड़ा उन्होंने कहां से निकाला।

श्रीधर बाबू केटीआर के उस आरोप पर प्रतिक्रिया दे रहे थे, जिसमें उन्होंने कहा था कि सरकार ने फ्यूचर सिटी के पास लगभग 200 करोड़ रुपए मूल्य की पांच एकड़ जमीन टेसरैक्ट एडवांस्ड सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड को आवंटित की है, जिसका कथित रूप से मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के भाई कोंडल रेड्डी से संबंध है।

राज्य कांग्रेस मुख्यालय गांधी भवन में आयोजित आमने-सामने कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए श्रीधर बाबू ने केटीआर को चुनौती दी कि वे तेलंगाना के किसानों को बताएं कि पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) के फार्महाउस में उगाए गए धान का क्या मूल्य मिला था।

उन्होंने दावा किया कि हैदराबाद इंडस्ट्रियल लैंड्स ट्रांसफॉर्मेशन नीति हैदराबाद के लोगों के लिए फायदेमंद होगी। साथ ही उन्होंने केटीआर को उद्योगपतियों के बीच डर का माहौल पैदा करने से बचने की सलाह दी।

उन्होंने कहा कि तेलंगाना के विकास में बाधा डालना राज्य के हित में नहीं है और केटीआर से आग्रह किया कि वे अपनी राजनीतिक नाराजगी का असर जनता पर न निकालें।

श्रीधर बाबू ने आरोप लगाया कि बीआरएस नेता 'गोएबल्स शैली के प्रचार' में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि लोकसभा और स्थानीय निकाय चुनावों में जनता ऐसे प्रचार को पहले ही नकार चुकी है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीआरएस सरकार ने जल बंटवारे के मामले में तेलंगाना के हितों को गंभीर नुकसान पहुंचाया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस सरकार तेलंगाना के पानी में उसके अधिकारों से कोई समझौता नहीं करेगी।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार गोदावरी नदी प्रबंधन बोर्ड (जीआरएमबी) की आगामी बैठक में हिस्सा लेगी और तेलंगाना के हितों तथा पानी में उसके उचित हिस्से के लिए मजबूती से पक्ष रखेगी।

उन्होंने आमने-सामने कार्यक्रम के बारे में कहा कि यह पहल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष महेश कुमार गौड़ ने जनता के साथ लगातार संवाद बनाए रखने और उनकी समस्याएं सुनने के उद्देश्य से शुरू की है।

उन्होंने कहा, "इस कार्यक्रम में हर सप्ताह एक मंत्री शामिल होगा। आज मैं इसमें हिस्सा ले रहा हूं। यह एक निरंतर चलने वाला कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य आम लोगों के साथ जुड़ाव बनाए रखना और लंबित समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करना है।"


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it