Top
Begin typing your search above and press return to search.

महाराष्ट्र के साथ तुम्मिडिहट्टी बैराज पर बातचीत को तैयार सीएम फडणवीस: मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने शुक्रवार को कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गोदावरी नदी पर प्रस्तावित तुम्मिडिहट्टी बैराज के निर्माण को लेकर बातचीत के लिए सहमति जताई है।

महाराष्ट्र के साथ तुम्मिडिहट्टी बैराज पर बातचीत को तैयार सीएम फडणवीस: मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी
X

हैदराबाद। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने शुक्रवार को कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गोदावरी नदी पर प्रस्तावित तुम्मिडिहट्टी बैराज के निर्माण को लेकर बातचीत के लिए सहमति जताई है।

मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को महाराष्ट्र सरकार के साथ होने वाली अहम बैठक की तैयारी करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने तुम्मिडिहट्टी बैराज के साथ-साथ डिंडी और अचंपेट लिफ्ट सिंचाई परियोजनाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों की समीक्षा की।

बैठक में सिंचाई विभाग के इंजीनियरों ने मुख्यमंत्री को बताया कि यदि तुम्मिडिहट्टी में 152 मीटर या 150 मीटर ऊंचाई का बैराज बनाया जाता है तो वहां से येल्लमपल्ली परियोजना तक कितने पानी का मोड़ संभव होगा।

बैठक में उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्क, सिंचाई मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी, मंत्री जूपल्ली कृष्णा राव, दुड्डिला श्रीधर बाबू, राज्यसभा सांसद वेम नरेंद्र रेड्डी और सिंचाई विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

अधिकारियों ने बताया कि तुम्मिडिहट्टी बैराज बनने से महाराष्ट्र के गांवों को डूब का कोई बड़ा खतरा नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि यदि बैराज की ऊंचाई 152 मीटर रखी जाती है तो लगभग 2,300 एकड़ भूमि प्रभावित हो सकती है। वहीं, 150 मीटर ऊंचाई होने पर डूब क्षेत्र घटकर 1,000 एकड़ से कम रह जाएगा।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को महाराष्ट्र में संभावित डूब क्षेत्र का आकलन करने और अधिकतम जल संग्रह व डायवर्जन सुनिश्चित करते हुए परियोजना को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

रेवंत रेड्डी ने कहा कि यह बैराज अविभाजित आदिलाबाद जिले की लगभग 2 लाख एकड़ भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि आदिलाबाद वन क्षेत्र, आदिवासी आबादी और सामाजिक-आर्थिक दृष्टि से पिछड़े इलाके वाला जिला है।

मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि महाराष्ट्र के साथ सकारात्मक चर्चा और सहमति बनने पर आदिवासी बहुल क्षेत्र की दशकों पुरानी जल समस्या का समाधान हो सकेगा।

उन्होंने कहा कि यह परियोजना 'जल, जंगल और जमीन' पर निर्भर वनवासी समुदायों के लिए भी लाभकारी साबित होगी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को केंद्रीय जल आयोग की मौजूदगी में दिल्ली में दोनों राज्यों के बीच हुई पिछली बैठकों का पूरा रिकॉर्ड तैयार रखने और आयोग द्वारा मांगी गई सभी जानकारियां उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने सिंचाई इंजीनियरों से कहा कि बैराज की ऊंचाई पर स्पष्टता आने के बाद तुम्मिडिहट्टी से येल्लमपल्ली तक जल प्रवाह के मार्ग और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पर तेजी से काम किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र पहले 148 मीटर ऊंचाई के बैराज पर सहमति जता चुका है, लेकिन इतनी कम ऊंचाई होने पर आवश्यक मात्रा में पानी का मोड़ संभव नहीं होगा।

बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि जल उपलब्धता, डूब क्षेत्र और अन्य तकनीकी पहलुओं को शामिल करते हुए विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाए, ताकि महाराष्ट्र को 152 मीटर ऊंचाई वाले बैराज के लिए राजी किया जा सके।

रेवंत रेड्डी ने मंत्रियों को निर्देश दिया कि महाराष्ट्र के साथ होने वाली वार्ता में तेलंगाना की जल आवश्यकताओं और राज्य के पक्ष को स्पष्ट एवं प्रभावी ढंग से रखा जाए।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it