ईडी ने 'हैशपे' क्रिप्टोकरेंसी धोखाधड़ी की जांच में दो और लोगों को गिरफ्तार किया
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 'हैशपे' क्रिप्टोकरेंसी धोखाधड़ी मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत सैयद उस्मान (जिन्हें बाबू भी कहा जाता है) और दामोधरन बालचंद्रन को गिरफ्तार किया है।

चेन्नई। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 'हैशपे' क्रिप्टोकरेंसी धोखाधड़ी मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत सैयद उस्मान (जिन्हें बाबू भी कहा जाता है) और दामोधरन बालचंद्रन को गिरफ्तार किया है।
एजेंसी ने बताया कि दोनों को 22 सितंबर को 'प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट, 2002' की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया गया और एक विशेष पीएमएलए कोर्ट के सामने पेश किया गया, जिसने उन्हें तीन दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
गिरफ्तारी के बारे में अपनी संक्षिप्त घोषणा में ईडी ने इस स्कीम में बालचंद्रन की भूमिका के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है। ये गिरफ्तारियां उस जांच में नवीनतम घटनाक्रम हैं, जिसके तहत पहले ही तलाशी ली जा चुकी है और दो अन्य संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है।
1 सितंबर को ईडी के चेन्नई जोनल ऑफिस-II ने चेन्नई, कोयंबटूर और कोलकाता में 11 जगहों पर तलाशी ली थी ताकि यह पता लगाया जा सके कि 'हैशपे' के जरिए इकट्ठा किए गए पैसे का प्रबंधन कैसे किया गया। इसके बाद एजेंसी ने 3 सितंबर को हितेश कुमार और इमरान बाशा को गिरफ्तार किया।
पहले की गई तलाशी के बारे में ईडी की जानकारी के अनुसार, हितेश कुमार, बाशा और उस्मान ने अपने साथियों के साथ मिलकर 'हैशपे' को क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के तौर पर प्रमोट किया था। जांचकर्ताओं का कहना है कि निवेशकों को टीसीएक्स नाम के एक टोकन के जरिए आकर्षक रिटर्न का लालच दिया गया था। उन दावों और निवेशकों के पैसे की आवाजाही की जांच अभी भी जारी है।
एजेंसी इस बात की जांच कर रही है कि क्या निवेश स्कीम से मिले फंड को कहीं और भेजा गया था और क्या उन फंड से जुड़े लेन-देन मनी लॉन्ड्रिंग के दायरे में आते हैं। यह जांच पुडुचेरी साइबर क्राइम पुलिस द्वारा धोखाधड़ी के आरोपों की जांच के बाद शुरू की गई है। ईडी का मामला उस मूल अपराध से हुई कमाई के प्रबंधन से जुड़ा है।
ताजा गिरफ्तारियों के साथ उस्मान (जिसका नाम ईडी ने संदिग्ध स्कीम के बारे में अपनी जानकारी में शामिल किया था) और बालचंद्रन दोनों हिरासत में आ गए हैं। उनकी तीन दिन की न्यायिक रिमांड से विशेष कोर्ट में कार्यवाही जारी रखने में मदद मिलेगी, जबकि जांचकर्ता पैसे के लेन-देन के रास्ते (मनी ट्रेल) का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।


