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तमिलनाडु: सिंगापेन्नु स्पेशल टास्क फोर्स ने 100 दिनों में 4,231 शिकायतों पर की कार्रवाई

तमिलनाडु में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए गठित सिंगापेन्नु स्पेशल टास्क फोर्स ने अपने पहले 100 दिन पूरे कर लिए हैं। राज्य की सामाजिक कल्याण एवं महिला अधिकार मंत्री जगथीश्वरी ने रविवार को बताया कि इस अवधि में टास्क फोर्स ने राज्यभर से मिली 4,231 शिकायतों पर मौके पर कार्रवाई की।

तमिलनाडु: सिंगापेन्नु स्पेशल टास्क फोर्स ने 100 दिनों में 4,231 शिकायतों पर की कार्रवाई
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चेन्नई। तमिलनाडु में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए गठित सिंगापेन्नु स्पेशल टास्क फोर्स ने अपने पहले 100 दिन पूरे कर लिए हैं। राज्य की सामाजिक कल्याण एवं महिला अधिकार मंत्री जगथीश्वरी ने रविवार को बताया कि इस अवधि में टास्क फोर्स ने राज्यभर से मिली 4,231 शिकायतों पर मौके पर कार्रवाई की।

मंत्री ने बयान में कहा कि टीवीके सरकार के सत्ता में आने के बाद महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों पर संस्थागत स्तर पर तेज और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इस टास्क फोर्स का गठन किया गया था। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने 9 जून 2026 को चेन्नई में इसका औपचारिक शुभारंभ किया था।

जगथीश्वरी ने बताया कि पहले 100 दिनों के दौरान टास्क फोर्स ने अपराधों की रोकथाम, शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई, संवेदनशील इलाकों की निगरानी और जरूरतमंद लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए कई अभियान चलाए।

उन्होंने कहा कि इस अवधि में टास्क फोर्स ने 58 लापता महिलाओं और 94 बच्चों को खोजकर सुरक्षित बचाया। इसके अलावा तत्काल देखभाल और सुरक्षा की जरूरत वाले 111 लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया। इस दौरान पुलिस, जिला प्रशासन और सामाजिक कल्याण एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई गई।

मंत्री ने बताया कि बाल विवाह रोकना भी टास्क फोर्स की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल रहा। पहले 100 दिनों में 54 बाल विवाह रोके गए और नाबालिगों को अवैध विवाह से बचाते हुए उन्हें परामर्श और अन्य आवश्यक सहायता प्रदान की गई।

उन्होंने कहा कि महिलाओं की आपात सहायता के लिए शुरू की गई 24×7 सिंगापेन्नु हेल्पलाइन 1091 तेजी से सहायता उपलब्ध करा रही है। इस हेल्पलाइन को 112 आपातकालीन सेवा से जोड़ दिया गया है, जिससे शिकायतों पर प्रतिक्रिया का समय कम हुआ है और मामलों को तुरंत संबंधित एजेंसियों तक पहुंचाया जा रहा है।

जगथीश्वरी के अनुसार, इस व्यवस्था से पुलिस, सामाजिक कल्याण विभाग, बाल संरक्षण इकाइयों और अन्य संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित हुआ है। जान का खतरा वाले मामलों को प्राथमिकता दी जाती है, जबकि अन्य मामलों में काउंसलिंग, आश्रय और कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है।

मंत्री ने कहा कि सरकार संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने, हेल्पलाइन के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने और महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा से जुड़े विभागों के बीच समन्वय को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने टास्क फोर्स के पहले 100 दिनों के प्रदर्शन को उत्साहजनक बताते हुए कहा कि यह महिलाओं और बच्चों के लिए सुरक्षित माहौल बनाने की टीवीके सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।


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