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तमिलनाडु: भाजपा प्रमुख ने टेंडर को अंतिम रूप दिए जाने से पहले शुरू हुए कार्य पर उठाए सवाल

तमिलनाडु भाजपा नेता नैनार नागेंद्रन ने सवाल उठाया कि आखिर मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़ा रेनोवेशन का काम बिना टेंडर के पूरा होने से पहले कैसे शुरू हो सकता है? उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया में अनियमितता के आरोप लगाए और सरकार से मांग की कि इस संबंध में पूरी जानकारी सार्वजनिक की जाए।

तमिलनाडु: भाजपा प्रमुख ने टेंडर को अंतिम रूप दिए जाने से पहले शुरू हुए कार्य पर उठाए सवाल
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चेन्नई। तमिलनाडु भाजपा नेता नैनार नागेंद्रन ने सवाल उठाया कि आखिर मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़ा रेनोवेशन का काम बिना टेंडर के पूरा होने से पहले कैसे शुरू हो सकता है? उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया में अनियमितता के आरोप लगाए और सरकार से मांग की कि इस संबंध में पूरी जानकारी सार्वजनिक की जाए।

नागेंद्रन ने अपने बयान में आधव अर्जुन पर विधानसभा में दिए उनके जवाब को लेकर भी निशाना साधा। दरअसल, उनसे मुख्यमंत्री कार्यालय के आवंटन और रेनोवेशन को लेकर सवाल किया गया था।

मंत्री ने कथित तौर पर कहा कि अभी तक टेंडर की प्रक्रिया समाप्त नहीं हुई है। वहीं, जो बदलाव प्रस्तावित किए गए हैं, उन्हें सरकारी अधिकारियों की सुरक्षा के अनुरूप सुधारने की कोशिश जारी है।

नागेंद्रन ने आरोप लगाया कि इस स्पष्टीकरण में कई तरह के तथ्य छुपे हुए हैं। उन्होंने पूछा कि अगर अभी तक टेंडर की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है तो मुख्यमंत्री के कार्यालय के रेनोवेशन का काम शुरू क्यों कर दिया गया?

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या सरकार ने पहले ही सोच लिया था कि किसी खास व्यक्ति को इसकी पूरी जिम्मेदारी देनी है।

वहीं, भाजपा ने यह स्पष्टीकरण भी मांगा कि क्या पूर्व की सरकारों में भी बिना टेंडर जारी किए काम शुरू कर दिए जाते थे। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि आखिर क्यों अखबारों के विज्ञापन में इस बात का जिक्र किया गया है कि परियोजना की अनुमानित लागत 5.54 करोड़ रुपए है, जबकि ऑनलाइन टेंडर में इसके लागत का जिक्र तक नहीं किया गया है।

नागेंद्रन ने आरोप लगाया कि टेंडर की ऑनलाइन लागत को रोक देने से दूसरे पात्र ठेकेदारों को इस पूरी प्रक्रिया में हिस्सा लेने के दौरान निराशा होगी। उन्होंने मांग की कि सरकार इस पूरी प्रक्रिया की व्यख्या करके इसे पारदर्शी बनाने की दिशा में काम करे।

पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता का जिक्र किए जाने पर नागेंद्रन ने कहा कि उन्होंने अपने कार्यालय में किसी भी प्रकार का सुधार करने की जगह पूरे सचिवालय को ही दूसरे स्थान पर ट्रांसफर करने का फैसला किया था।

उन्होंने सवाल पूछा कि आखिर क्यों वर्तमान सरकार सिर्फ मुख्यमंत्री कार्यालय के रेनोवेशन पर ही ध्यान दे रही है।

साथ ही, उन्होंने उस तर्क को भी सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें यह कहा जा रहा है कि यह रेनोवेशन प्रक्रिया अधिकारियों की सुविधा के लिए शुरू की जा रही है। उन्होंने इस बात की ओर संकेत करते हुए कहा कि सभी मंत्री सचिव और दूसरे कर्मचारियों के साथ काम करते हैं।

उनके मुताबिक, व्यापक रेनोवेशन के लिए सिर्फ एक सेक्शन को अलग कर देने से कई तरह के सवाल पैदा हो रहे हैं। सवाल इस बात को लेकर है कि क्या यह परियोजना अनावाश्यक तो नहीं है?

नागेंद्रन ने सरकार से आह्वान किया कि मुख्यमंत्री के कार्यालय को अपग्रेड क्यों किया जा रहा है, उसके बारे में कोई तार्किक कारण प्रस्तुत करें। साथ ही, टेंडर से संबंधित सबूत भी पेश करे। उन्होंने कहा कि प्रशासन को पक्षपात के आरोपों पर जवाब देना होगा और लोगों के बीच में सभी तथ्य प्रस्तुत करने होंगे।


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